essay on technical in hindi

टेक्नोलॉजी पर निबंध – Essay on Technology in Hindi

Essay on Technology in Hindi

टेक्नोलॉजी ने हमारा जीवन इतना आसान बना दिया है और हमें इतनी सुख-सुविधाएं प्रदान की है, जिसके बारे में हम इससे पहले कभी कल्पना भी नहीं कर सकते थे। वहीं टेक्नोलॉजी से न सिर्फ मनुष्य का जीवन स्तर सुधरा है, बल्कि देश-दुनिया के विकास के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं, हालांकि, बढ़ती टेक्नोलॉजी का बुरा प्रभाव वातावरण और मनुष्य के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।

इसलिए टेक्नोलॉजी का सही तरीके से इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने के लिए आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में टेक्नोलॉजी के विषय पर निबंध ( Essay on Technology) उपलब्ध करवा रहे हैं, जो कि इस प्रकार है –

Essay on Technology

आज टेक्नोल़ॉजी ने लोगों के जीवन स्तर पर काफी हद तक सुधार दिया है और देश-दुनिया के विकास को एक नया आयाम प्रदान किया है। इसके अनगिनत फायदों को देखकर अब लोग इसके आदि हो चुके हैं।

वहीं टेक्नोलॉजी से लोगों को अपनी मानसिक क्षमता का आकलन करने में भी मद्द मिली है। वहीं व्यक्ति अथवा देश का विकास सीधे तौर पर टेक्नोलॉजी से ही जुड़ा है।

प्रौद्योगिकी / टेक्नोलॉजी का अर्थ – Technology Meaning

टेक्नोलॉजी से तात्पर्य उन सभी मेथड, सिस्टम अथवा डिवाइसेस से है, जिसका इस्तेमाल विज्ञान की दुनिया में किसी खोज के प्रयोग के लिए किया जाता है। हालांकि, विज्ञान की दुनिया में इसका उपयोग करने के लिए उचित कौशल, ज्ञान और सामर्थ्य की जरूरत होती है।

प्रौद्योगिकी / टेक्नोलॉजी का महत्व – Importance of Technology

आज टेक्नोलॉजी का हर किसी के जीवन में खास महत्व है क्योंकि यह न सिर्फ व्यक्ति के विकास में मद्द करती है, बल्कि देश-दुनिया के विकास में भी अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाती है।

वहीं अगर किसी भी देश की विकास की दर धीमी है तो इसका मतलब साफ है कि उस देश की टेक्नोलॉजी काफी पिछड़ी हुई है। टेक्नोल़ॉजी की मद्द से पिछड़ी हुई औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं की सामाजिक व्यवस्था को भी सुधार लाने में मद्द मिलती है।

आज जिंदगी से संबंधित हर काम टेक्नोलॉजी से जुड़ गया है, जिससे जीवन स्तर में न सिर्फ सुधार हुआ है, बल्कि विकास को एक नई दिशा मिली है।

टेक्नोलॉजी की आर्थिक विकास में भूमिका:

टेक्नोलॉजी और आर्थिक विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। आर्थिक विकास की दर को सिर्फ और सिर्फ टेक्नोलॉजी के द्धारा ही बढ़ाया जा सकता है।

टेक्नोलॉजी की मद्द से ही नए-नए उपकरण बनाना और नई खोजें करना संभव हो सका है। इसलिए तकनीकी उन्नति ही आर्थिक प्रगति का मुख्य आधार है।

जाहिर है कि विकसित देश इसलिए संपन्न हैं, क्योंकि वहां की उन्नत टेक्नोलॉजी ने उन्हें विकास के नए आयाम प्रदान किए हैं और आर्थिक दर को बढ़ाने में मद्द की है।

विज्ञान और टेक्नोलॉजी – Science And Technology

विज्ञान और टेक्नोलॉजी एक-दूसरे के पूरक है, अथवा उन्नत तकनीकी का इस्तेमाल कर ही आज विज्ञान नई-नई खोजें कर रहा है और विकास की दर को बढ़ाने में मद्द कर रहा है। वहीं आज का युग विज्ञान और तकनीकी का युग है, जिसमें मानव जीवन पूरी तरह विज्ञान और टेक्नोलॉजी पर निर्भर हो चुका है।

आज टेक्नोलॉजी और विज्ञान की मद्द से ही इंसान समुद्र की गहराइयों से लेकर आसमान की ऊंचाई तक को माप सकता है। यही नहीं विज्ञान और तकनीकी ने इंसान की पहुंच अंतरिक्ष तक बना दी है।

निष्कर्ष –

टेक्नोलॉजी ने आज मानव जीवन को जितना आसान बना दिया और देश -दुनिया की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अपना पूर्ण रुप से सहयोग दिया है तो वहीं दूसरी तरफ टेक्नोलॉजी के इस बढ़ते इस्तेमाल ने मनुष्य के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डाला है, इसलिए हम सभी को जरूरत के वक्त ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

टेक्नोलॉजी पर निबंध – Technology Par Nibandh

प्रस्तावना-

आज का युग विज्ञान और तकनीकी का युग है। आज कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां टेक्नोलॉजी और आधुनिक उपकरणों का इ्स्तेमाल नहीं किया जा रहा है क्योंकि टेक्नोलॉजी ने न सिर्फ मानव जीवन को विकास की नई गति प्रदान की है, बल्कि उसे सफलता की नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया।

टेक्नोलॉजी के फायदे – Benefits of Technology

टेक्नोलॉजी के फायदे ही फायदे हैं, यही वजह है कि आज का इंसान इसका आदि हो चुका है। आज ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है, जहां टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं हो रहा है।

टेक्नोलॉजी ने स्वास्थ्य, शिक्षा, मनोरंजन, व्यापार, पर्यटन, यातायात, कृषि आदि क्षेत्रों के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी अदा की है।

इसकी वजह से कई ऐसे उपकरण और साधनों का इजाद किया गया है, जिससे मानव जीवन बेहद आसान हो गया है तो वहीं आज मनुष्य घर पर बैठे-बैठे ही देश-दुनिया के किसी भी कोने का हाल कुछ ही सैकेंड्स में जान सकता है। टेक्नोलॉजी के कुछ फायदे इस प्रकार हैं –

औद्योगिक उत्पादन में बढ़़ोतरी:

टेक्नोलॉजी से कई ऐसी मशीनें, सॉफ्टवेयर अथवा उपकरण बनाए गए हैं, जिससे माल बनाने की प्रक्रिया में तेजी आई है और औद्योगिक उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है।

खाद्य उत्पादन में बढ़ोतरी:

टेक्नोलॉजी की मद्द से कृषि के क्षेत्र में कई ऐसे उपकरण बनाए गए हैं, जिससे सिंचाई व्यवस्था और खेती में सुधार हुआ, जिससे खाद्य उत्पादन में वृद्धि हुई है।

कृषि की स्थिति में सुधार:

टेक्नोलॉजी ने कृषि के क्षेत्र को विकास की एक नई गति दी है, आज खेती में उन्नत तकनीक का इस्तेमाल कर अच्छी पैदावर की जा रही है। वहीं कई ट्रैक्टर समेत कई ऐसे उपकरण बनाए गए हैं, जिसने खेती करना आसान हो गया है।

व्यापार में विकास:

टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से व्यापार में अभूतपूर्व विकास हुआ है। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर कई ऐसी मशीने बनाईं गईं हैं, जिससे शारीरिक क्षम बेहद कम हो गया है, और उत्पादन में वृद्धि हुई है।

टेक्नोलॉजी की माध्यम से माल-खरीदना बेचना अथवा ग्राहकों तक पहुंचाना आसान हो गया, साथ ही कैलकुलेटर, कम्यूटर आदि की सहायता से गणना करना अथवा लेन-देन का रिकॉर्ड रखना भी आसान हो गया है।

शिक्षा का स्तर सुधरा:

आधुनिक एवं मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर बच्चों को स्मार्ट क्लासेस में पढ़ाया जाने लगा है, यही नहीं बच्चे अब कंप्यूटर और इंटरनेट की मद्द से किसी भी विषय की जानकारी हासिल कर सकते है, इसके साथ ही घर बैठे-बैठे ही ई-लेक्चर, अथवा ई-रीडिंग कर सकते हैं।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव:

आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से चिकित्सा के क्षेत्र में कई गंभीर बीमारियों की इलाज ढूंढ लिया गया है, वहीं कई ऐसे चिकित्सक यंत्र बनाए गए हैं, जिसकी सहायता से मनुष्य के शरीर से संबंधित हर चीज का पता आसानी से लगाया जा सकता है।

अर्थात, टेक्नोलॉजी ने चिकित्सा को विकास की नई दिशा प्रदान की है।

यातायात में आसानी:

टेक्नोलॉजी के माध्यम से ही आज घंटों की दूरी मिनटों में तय की जाने लगी है। अब दुनिया के किसी भी कोने में पहुंचना बेहद आसान हो गया है।

टेक्नोलॉजी की माध्यम से ही आज मनुष्य हेलीकॉप्टर, हवाईजहाज, ट्रेन, बस, गाड़ी आदि का लाभ ले रहे हैं।

संचार के क्षेत्र में विकास:

टेक्नोलॉजी के माध्यम से ही आज संसार के किसी भी कोने में बैठे शख्स से न सिर्फ बात कर सकते हैं, बल्कि सैंकेडों में अंतरिक्ष में भी अपना संदेश भेज सकते हैं।

जीवन स्तर में सुधार:

टेक्नोलॉजी से टीवी, फ्रिज, एसी, कूलर, गाड़ी, वाशिंग मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट समेत कई ऐसी सुख-सुविधाएं प्रदान की हैं, जिससे न सिर्फ मनुष्य का जीवन बेहद आसान हो गया है, बल्कि उसके रहन-सहन और खान-पान का स्तर भी सुधरा है।

मनोरंजन के क्षेत्र में योगदान:

टेक्नोलॉजी के माध्यम से आज मनोरंजन जगत को एक नई पहचान मिल गई है। आज हम टीवी में प्रोग्राम देख सकते हैं, म्यूजिक सुन सकते हैं और वीडियो देख सकते हैं।

टेक्नोलॉजी के नुकसान – Disadvantages of Technology

टेक्नोलॉजी से एक तरफ जहां कई सारे फायदे हैं, तो दूसरी तरफ कई नुकसान भी हैं। जो कि इस प्रकार हैं-

प्रदूषण का स्तर बढ़ा:

टेक्नोलॉजी से औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिला है, तो वहीं दूसरी तरफ उद्योगों से निकलने वाली दूषित गैसें पर्यावरण के संतुलन को बुरी तरह प बिगाड़ रही हैं और प्रदूषण को बढ़ावा दे रही हैं।

ग्लोबल वार्मिंग की समस्या बढ़ी:

विज्ञान और टेक्नोलॉजी की मद्द से बनाए गए तमाम आधुनिक संसाधन जैसे एसी, वाहनों आदि के इस्तेमाल और फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला धुआं से पर्यावरण के संतुलन को बिगाड़़ रहा है, जिससे धरती का तापमान बढ़ रहा है, और ग्लोबल वार्मिंग की समस्या पैदा हो रही है।

समय की बर्बादी:

मॉडर्न टेक्नोलॉजी ने कंप्यूटर, इंटरनेट, मोबाइल, टीवी आदि ऐसे उपकरण प्रदान किए हैं, जिसका इस्तेमाल अब इंसान जरूरत के लिए नहीं बल्कि मनोरंजन के लिए करने लगा है, जिससे अनावश्यक समय की बर्बादी होती है।

टेक्नोलॉजी पर निर्भर मनुष्य आलसी बन रहा है:

टेक्नोलॉजी के माध्यम से अब घर बैठे-बैठे ही दुनिया की सभी चीजों को इंटरनेट एवं तमाम आधुनिक उपकरण के माध्यम से करना संभव हो गया है, जिससे मनुष्य में आलसीपन बढ़ रहा है।

क्राइम रेट में बढ़ोतरी:

टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल लोग गलत तरीके से भी कर रहे हैं, इंटरनेट के माध्यम से कई गलत अफवाह फैलाकर संप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे दंगे – फसाद आदि हो रहे हैं। इसके अलावा कई परमाणु, बिस्पोटक आदि का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आतंकी हमलों को भी बढ़ावा मिला है।

बढ़ती टेक्नोलॉजी से स्वास्थ्य पर प्रभाव:

आज का मनुष्य टेक्नोलॉजी का इतना आदि हो चुका है कि, घंटों मोबाइल फोन पर बातें करता है, कंप्यूटर, टीवी आदि पर गेम खेलता है, जिससे उसकी आंखों पर तो बुरा असर पड़ता है साथ ही कई तरह की बीमारियों का भी शिकार हो रहा है।

एक तरफ टेक्नोलॉजी ने जहां देश-दुनिया को तरक्की का नया आयाम प्रदान किया है और मानव जीवन को विकास की एक नई दिशा दी है,तो दूसरी तरफ यह मानव के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद खतरनाक है, इसलिए हम सभी को टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बेहद जरूरत के वक्त ही करना चाहिए।

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2 thoughts on “टेक्नोलॉजी पर निबंध – Essay on Technology in Hindi”

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It is so useful for me.I have to give a speech in my school about this topic so thank.

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Thanks for these great artical Really easy to understand

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तकनीकी शिक्षा पर निबंध - Essay on Technical Education in Hindi - Technical Education Essay in Hindi - Takniki Shiksha par Nibandh

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रूपरेखा : प्रस्तावना - तकनीकी शिक्षा क्या है - तकनीकी शिक्षा की आवश्यकता - तकनीकी शिक्षा की समस्याएं - तकनीकी शिक्षा की समस्याओं का समाधान - तकनीकी शिक्षा की विशेषता - तकनीकी शिक्षा के लाभ - तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य - तकनीकी शिक्षा का महत्व - उपसंहार।

किसी व्यावसाय के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं अभिवृतियों की शिक्षा देना तकनीकी शिक्षा है। तकनीकी शिक्षा एक विशिष्ट प्रकार का शिक्षा रुप है जिनका व्यक्ति और समाज के साथ अभिन्न समन्वय है। जो शिक्षा विशेष व्यावहारिक ज्ञान और कौशल प्रदान करती है, उसे तकनीकी शिक्षा के रूप में जाना जाता है। यह सामान्य पारंपरिक शिक्षा से अलग है। यह छात्रों को कृषि, कम्प्यूटर, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, ड्राइविंग आदि क्षेत्रों में कुशल बनाती देती है। जो लोग विशेष तकनीकी कौशल और ज्ञान रखते हैं, उन्हें तकनीशियन कहा जाता है जैसे बढ़ई, ड्राइवर, यांत्रिकी, इंजीनियर, डॉक्टर, पायलट आदि तकनीशियन हैं। तकनीकी शिक्षा किसी देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। निर्माण के हर क्षेत्र में तकनीशियनों की जरूरत होती है।

तकनीकी शिक्षा एक विशिष्ट प्रकार का शिक्षा रुप है जिनका व्यक्ति और समाज के साथ अभिन्न समन्वय है। जो शिक्षा विशेष व्यावहारिक ज्ञान और कौशल प्रदान करती है, उसे तकनीकी शिक्षा के रूप में जाना जाता है। यह शिक्षा विशेष प्रकार के वृत्तिमुखी एवं तकनीकी कार्य करने के लिए परिकल्पित मानव संपदा की सृष्टि में भाग लेती है, इसलिए इस शिक्षा को वृत्तिमुखी तथा तकनीकी शिक्षा कहा जाता है। अर्थात जो शिक्षा शिक्षार्थी को किसी विशेष वृत्ति के समन्वय में ज्ञान एवं कुशलता अर्जित करने में सहायक होती है और पूर्व एवं नव अर्जित दक्षता का प्रयोग कर उस वृत्ति को सुंदर ढंग से संपन्न करने में सक्षम होता है, उसे ही वृत्तिमूलक एवं तकनीकी शिक्षा कहते है।

आज हमारा भारत विकास की ओर बढ़ रहा है कई सुख सुविधाएं हमारे देश को मिल चुकी हैं। अब हमारे देश की तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है क्योंकि जिस देश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दिया जाता है वह देश विकास की ओर बढ़ता हैं। हमारे पास ऐसे युवा व्यक्ति नहीं हैं जो इन साधनों का उचित प्रकार से उपयोग कर सके। सिर्फ तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा ही हमें विशेषज्ञ इंजीनियर और तकनीशियन देती है। हमारे देश में बड़ी मात्रा में इनकी आवश्यकता है। तकनीकी शिक्षा के माध्यम से देश के युवाओं को प्रशिक्षण देकर उनको हुनर सीखा कर आगे बढ़ाया जाता है । जब देश के युवा आगे बढ़ेंगे तब हमारे देश का विकास होगा । हमें सभी व्यवसायों में योग्य और प्रशिक्षित कार्य करने वालों की आवश्यकता है। यह तब ही सम्भव हो सकता है जब हम उन्हें व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण दें। सरकार भी इस विषय को गंभीरता से ले रही है क्योंकि सरकार भी जानती है कि हमारे देश में तकनीकी शिक्षा का स्तर बढ़ाने की आवश्यकता है । तकनीकी शिक्षा को बढ़ाने के लिए हमारे देश में कई इंजीनियरिंग कॉलेज भी खोले गए हैं जहां से युवा प्रशिक्षण लेकर देश के विकास में अपना योगदान दे सकता है ।

तकनीकी शिक्षा की कई समस्याएं हमें देखने को मिलती है जैसे

  • अनुचित दृष्टिकोण की समस्या

हमारे देश में इस शिक्षा के प्रति लोगों का दृष्टिकोण उचित नहीं है। यहाँ मानसिक श्रम की अपेक्षा शारीरिक श्रम को हेय दृष्टि से देखा जाता है।

  • शिक्षा में अनुपयुक्त माध्यम की समस्या

तकनीकी शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी है। इससे छात्रों को विषय समझने में कठिनाई होती है।

  • संकीर्ण पाठ्यक्रम की समस्या

इस तरह के विद्यालय का पाठ्यक्रम संकीर्ण होता है। ऐसी शिक्षा ग्रहण करने वाले व्यक्तियों के दृष्टिकोण प्राय: भौतिकवादी हो जाता है और वे समाज की विभिन्न रुचियों, प्रवृतियों तथा आवश्यकताओं को नहीं समझ पाते हैं।

  • विद्यालयों का अभाव

स्वतंत्र भारत में अनेक तकनीकी शिक्षा संस्थान स्थापित किये जा चुके हैं। फिर भी व्यापक माँग की अपेक्षा उनकी संख्या कम है। शिक्षा प्राप्त नवयुवक तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने में विशेष रुप से इच्छुक होते हैं, किन्तु विद्यालयों की कमी के कारण उन्हें प्रवेश नहीं मिल पाता है।

  • प्रशिक्षित अध्यापकों का अभाव

तकनीकी शिक्षा संस्थाओं के लिए सुयोग्य प्रशिक्षित अध्यापक नहीं मिल पा रहे हैं जिससे इस शिक्षा के विस्तार-कार्य को काफी धक्का पहुँच रहा है। तकनीकी शिक्षा में जिन विद्यार्थीयों को अच्छे अंक प्राप्त होते हैं, वे आर्थिक कारणों से अन्य संस्थाओं में चले जाते हैं। जिसके कारण औसत मान के विद्यार्थी ही शिक्षकीय पेशा को अपनाते हैं।

  • प्रायोगिक शिक्षा की उपेक्षा

तकनीकी शिक्षा में प्रयोगों का विशेष महत्व है, किन्तु विद्यालयों में सैद्धांतिक शिक्षा पर ही विशेष बल दिया जाता है। तकनीकी विषयों को श्यामपट (ब्लैकबोर्ड) पर ही समझा दिया जाता है। प्रायोगिक शिक्षा के अभाव में विद्यार्थी विषय को अच्छी तरह नहीं समझ पाते और शिक्षा समाप्ति के पश्चात उन्हें व्यावहारिक क्षेत्र में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य की सुविधाओं का अभाव है।

तकनीकी शिक्षा की समस्याओं के समाधान के लिए प्रमुख सुझाव कुछ इस प्रकार है -

  • दृष्टिकोण में परिवर्तन (Change in attitude)

शारीरिक श्रम के प्रति जनता का दृष्टिकोण बदलना आवश्यक है। इसके लिए सरकार एवं समाज संस्थाओं का कर्तव्य है कि वे जनता को शारीरिक श्रम के महत्व से अवगत कराएं।

  • पर्याप्त संख्या में विद्यालयों की स्थापना (Increase in the number of Vocational schools)

सरकार को विभिन्न स्तर की तकनीकी शिक्षा संस्थाओं का स्थापना करनी चाहिए। जिससे की तकनीकी शिक्षा की महत्वता को लोग जान सके।

  • विद्यालयों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों का प्रोत्साहन (Encouragement to the teachers for teaching in Vocational schools)

तकनीकी विद्यालयों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को प्रोत्साहित करना चाहिए। इस शिक्षा के अभाव की समस्या तभी हल की जा सकती है, जब सरकार इन विद्यालयों के शिक्षकों के वेतन में सुधार लाकर उनके समस्याओं का समाधान करे। इन्हें सुधारने से शिक्षकों को प्रोत्साहन मिलेगा।

  • पाठ्यचर्या में सामान्य शिक्षा का स्थान (General Education in curriculum)

तकनीकी शिक्षा के पाठ्यचर्या में सामान्य शिक्षा को भी उचित स्थान देना चाहिए। पाठ्यचर्या का जीवन के साथ सामंजस्य होना आवश्यक है।

  • राष्ट्रीय भाषा एवं मातृभाषा शिक्षा का माध्यम (National language or Mother tongue is the medium of the instruction)

हिंदी को तकनीकी शिक्षा का माध्यम बनाया जा सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि हिन्दी भाषा में समस्त तकनीकी पुस्तकों का अनुवाद कराया जाए।

  • प्रायोगिक शिक्षा का तकनीकी विद्यालयों में महत्वपूर्ण स्थान (Importance place of Technical education in technical school)

तकनीकी विद्यालयों में प्रायोगिक शिक्षा पर विशेष बल देना चाहिए।

  • इस शिक्षा का आधार मनोवैज्ञानिक है। यह बालक की रुचि, प्रवृति एवं व्यक्तित्व का ध्यान रखती है। इस शिक्षा योजना में शिक्षक एवं पुस्तक के स्थान पर बालक को विशेष महत्व दिया जाता है।
  • जीवन से संवंधित-यह शिक्षा जीवन से संबंधित है। यह शिक्षा परिवार, श्रम तथा कार्य से संबंधित है।
  • इस शिक्षा का आधार व्यक्तित्व का विकास करना है।
  • तकनीकी शिक्षा एक विशिष्ट शिक्षा है।
  • तकनीकी शिक्षा का रुप स्थिर नहीं रहता है। समय की गति एवं सभ्यता के विकास के साथ इसके रुप में परिवर्तन आता है।
  • यह शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान न प्रदान कर जीवन के हर क्षेत्र के लिए उपयोगी होती है। यही तकनीकी शिक्षा की विशेषता है।

बेरोजगारी की समस्या को हल करने के लिए तकनीकी शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। कुशल लोग बेरोजगार नहीं हो सकते। यदि वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू करते हैं, तो वे अन्य शिक्षित लोगों को नौकरी के अवसर प्रदान कर सकते हैं। इस प्रकार तकनीकी शिक्षा हमें बेरोजगारी की समस्या की गंभीरता को कम करने में मदद करती है। तकनीकी शिक्षा किसी देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। निर्माण के हर क्षेत्र में तकनीशियनों की जरूरत होती है। कारखानों, सड़कों, पुलों, नहरों, भवनों, हवाई अड्डों आदि को बनाने के लिए तकनीशियनों की आवश्यकता होती है। तकनीकी शिक्षा निर्विवाद रूप से राष्ट्र की आर्थिक स्थिति को बढ़ावा देती है। यदि किसी देश में माल का अधिक उत्पादन होता है, तो वह अपने लोगों को आसानी से खिला सकता है। अन्य देशों को अतिरिक्त उत्पादन बेचकर विदेशी मुद्रा अर्जित की जा सकती है। इसी प्रकार और भी कई तकनीकी शिक्षा के लाभ होते है।

  • इस शिक्षा का आधार मनोवैज्ञानिक होना चाहिए

यह बालक की रुचि, प्रवृति एवं व्यक्तित्व को ध्यान में रखते हुए शिक्षा योजना में शिक्षक एवं पुस्तक के स्थान पर बालक को विशेष महत्व दिया जाना चाहिए।

  • स्थायी ज्ञान की प्राप्ति

इस शिक्षा प्रणाली में प्रत्येक कार्य को वैज्ञानिक ढ़ंग से सिखाया जाता है। विभिन्न क्रियाओं में सक्रिय भाग लेने तथा क्रियाओं के रुचि के अनुकूल होने से इससे प्राप्त ज्ञान स्थायी होता है।

  • व्यक्ति को आर्थिक दृष्टि से स्वावलम्बन एवं आत्मनिर्भर बनाना

इस शिक्षा प्रणाली में स्वावलम्वन एवं आत्मनिर्भरता के सिद्धान्त को अपनाया जाता है।

  • सर्वागीण विकास

यह शिक्षा बालक के सर्वागीण विकास पर बल देता है।

  • जीवन से संबंधित

यह शिक्षा जीवन से संबंधित है। यह शिक्षा परिवार,श्रम तथा कार्य से संबंधित है।

  • देश की उत्पादन क्षमता को बढ़ाना तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य है।

तकनीकी शिक्षा का मानव जीवन में अत्यधिक महत्व है। दैनिक जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में इस शिक्षा के महत्व का आभास होता है और होना भी चाहिए। आधुनिक युग में तो किसी विशेषधर्मी शिक्षा के अभाव में जीवन निर्वाह ही कठिन है। यातायात वाहनों के प्रयोग, विभिन्न वेश-भूषा की संरचना, रोगों के उपचार, रहन-सहन, सांस्कृतिक परिवेश का संरक्षण, मानसिक विकास, संगीत नृत्य नाट्य, चित्राकंन जैसे कार्य के लिए यह शिक्षा अनिर्वाय है। जीविकोपार्जन सम्बन्धी कार्य करने के लिए यह शिक्षा प्रशिक्षण देता है। कहा जाता है कि मनुष्य रोटी के बिना नहीं रह सकता। रोटी कपड़ा और मकान अनिर्वाय है। इसके लिए मनुष्य को कार्य करना ही पड़ता है। किन्तु बिना समुचित प्रशिक्षण के यह कार्य कठिन है।

तकनीकी शिक्षा के द्वारा व्यक्ति विभिन्न प्रशिक्षण माध्यम से अपना आवश्यकता को पूर्ण कर सकती है। सांस्कृतिक अभिरुचि की पूर्ति के लिए यह शिक्षा आवश्यक है। संस्कृति ही उसे आत्मिक सौंदर्य एवं उल्लास प्रदान करती है। संगीत साहित्य कला के माध्यम से व्यक्ति सुसंस्कृत एवं सभ्य बनता है। उनका रचनात्मक प्रभाव मानवीय आचार-विचार पर पड़ता है। इस शिक्षा का महत्व इसलिए भी है कि यह व्यक्ति की उन्नति का साधन मात्र न होकर समाज एवं राष्ट्र की उन्नती, राष्ट्रीय एकता, अंतर्राष्ट्रीय बंधुत्व जैसे कार्यों में भी योगदान देती है। समाज, जाति तथा राष्ट्र तभी विकास करती है जब उसमें ड़ाक्टर, इंजीनियर, तकनीशियन, कारीगर आदि हों क्योंकि इन लोगों का विशेष ज्ञान , दक्षता एवं अभिज्ञता ही समाज एवं जाति अथवा राष्ट्र की उन्नति के कारण बन जाते हैं। कला-कौशल, वाणिज्य-व्यवसाय तथा तकनीकी इंजीनियरिंग दृष्टि से विकसित राष्ट्र सहज ही आधुनिक विश्व मंच पर महत्वपूर्ण प्रतिष्ठा प्राप्त करते हैं। इसीलिए तकनीकी शिक्षा का अधिक महत्व माना जाता है।

तकनीकी शिक्षा, ज्ञान और अनुभव से परिपूर्ण प्रशिक्षित प्रतिभा का सृजन करने का एक स्वच्छंद, स्थिर एवं अपरंपरागत माध्यम है। यह प्रसन्नता का संकेत है कि सरकार इस समस्या को लेकर गंभीर हैं। स्वतंत्रता से लेकर अब तक हजारों तकनीकी शिक्षण संस्थान खोले जा चुके हैं। किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति कुशल लोगों के हाथों पर निर्भर करती है। राष्ट्र की समृद्धि के उत्थान के लिए हर देश को तकनीकी शिक्षा पर उच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। देश में बढ़ती बेरोजगारी, युवाओं में जन्मती दुष्प्रवृत्तियाँ तथा उनका असामाजिक कृत्यों की ओर झुकाव देश को अराजकता की ओर भधकेल रहा है। इसलिए अनिवार्य है कि हमारी शिक्षा का तकनीकी के साथ सामंजस्य हो, संतुलन हो।

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Essay on technical education in hindi तकनीकी शिक्षा का महत्व पर निबंध.

Learn an Essay on Technical Education in Hindi language. तकनीकी शिक्षा का महत्व पर निबंध। Technical education essay in Hindi was asked many school exams. Now write an essay on technical education in Hindi 1000 words for students of class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 and 12.

hindiinhindi Essay on Technical Education in Hindi

Essay on Technical Education in Hindi

हमारा देश आज एक स्वतन्त्र और विकासशील देश है। इसे स्वतन्त्र हुए 59 वर्षों का समय बीत चुका है। परन्तु हमारी शिक्षा-व्यवस्था में अभी तक भी पूर्ण परिवर्तन नहीं आया है। प्रतिवर्ष हजारों स्नातक और मास्टर डिग्री-धारक लड़के और लड़कियां विश्वविद्यालयों से निकल रहे हैं जो हमेशा सरकारी नौकरी की तलाश में मारे-मारे फिरते रहते हैं। ये सभी क्लर्क, ऑफिस कर्मचारी या नौकरशाह बनना चाहते हैं परन्तु आज हमें ऐसे लोगों की आवश्यकता नहीं है। हमें डॉक्टर, इंजीनियर, अध्यापक, नर्से, कम्प्यूटर प्रोफेशनल, अंतरिक्ष वैज्ञानिक, कुशल कारीगर, सैनिक, शिल्पी, कलाकार आदि की आवश्यकता है। स्पष्टत: इन डिग्री या डिप्लोमा धारकों में से अधिकतर व्यक्ति इस दृष्टि से किसी काम के नहीं हैं।

हमारी शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो व्यक्ति को अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाये, स्वरोजगार के लिये स्वावलम्बी बनाये। हमें ऐसे शिक्षित व्यक्तियों की आवश्यकता है जो अपने कल-कारखाने खोल सकें। हमारे पास प्राकृतिक संसाधनों और अवसरों की कमी नहीं है परन्तु ऐसे व्यक्तियों की कमी है जो इन संसाधनों का दोहन कर सकें। नये-नये आविष्कार और अन्वेषण कर सकें तथा समाज और राष्ट्र को कुछ नया, मौलिक और सार्थक दे सकें । शिक्षा का ध्यान व्यक्ति को पुरुषार्थी, स्वावलम्बी और आत्मनिर्भर बनाना होना चाहिये न कि परजीवी, पराश्रित और पंगु बनाना।

भारत लम्बे समय तक अंग्रेजों की दासता में रहा। अंग्रेज निरन्तर देश के शोषण में लगे रहे और कभी इसकी शिक्षा, उन्नति, विकास और औद्योगिक प्रगति के बारे में नहीं सोचा। अपनी सत्ता के चलाने में बनाये रखने के लिए उन्हें केवल क्लर्क और नौकरशाह चाहिए थे। अत: उन्होंने ऐसी शिक्षा प्रणाली व नीतियां अपनाई जो केवल ऐसे ही लोग पैदा कर सकती थीं। नौकरशाहों में न आत्मविश्वास होता है न स्वतन्त्र बुद्धि। वे तो केवल अपने अधिकारियों की हाँ में हाँ मिलाना और लकीर पीटना ही जानते हैं। उनमें मौलिक समझ, सोच और बुद्धि का अत्यन्त अभाव रहता है। उनके हर श्वास में गुलामी भरी रहती है। दुर्भाग्यवश आज भी हमारे विश्वविद्यालयों से निकलकर ऐसे ही स्नातक आ रहे हैं। सदियों पहले अंग्रेजों ने अपनी स्वार्थपूर्ति के लिये जो शिक्षा व्यवस्था शुरू की थी, वह आज भी बहुत हद तक वैसी ही है। इसमें तुरंत बुनियादी परिवर्तन की आवश्यकता है।

हमारी दोषपूर्ण शिक्षा नीति के कारण बेरोजगारों की संख्या निरन्तर बढ़ रही है। दूसरी तरफ ऐसे अनेक पद और स्थान हैं जो खाली पड़े हैं क्योंकि उनके लिए योग्य और प्रशिक्षित व्यक्ति नहीं है। यह बड़ी विषम स्थिति है। इसमें शीघ्र परिवर्तन लाया जाना चाहिये। उच्च शिक्षा बहुत योग्य तथा प्रतिभावान व्यक्तियों और छात्रों तक सीमित रहनी चाहिये। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए कि दसवीं या बारहवीं कक्षा तक छात्र अपने पैरों पर खड़ा होना सीख जायें। वह इस योग्य हो जाएं कि स्वरोजगार अपना सकें या तकनीकी दृष्टि से पूरी तरह प्रशिक्षित हों।

तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा आज की सबसे बड़ी जरूरत है। इसके लिए अधिकाधिक तकनीकी स्कूल, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आई. टी. आई.), पॉलिटेकनीक, इंजीनीयरिंग महाविद्यालय आदि खोले जाने चाहिये। शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर छात्र-छात्राओं को व्यावसायिक शिक्षा दी जानी चाहिये। देश की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप हमें अपनी शिक्षा-व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।

आज का युग उद्योगों, व्यापार और तकनीक का है। इनमें उन्नति और विकास के लिए हमें ऐसे प्रशिक्षित व्यक्तियों की आवश्यकता है जो सरलता से इनमें सहयोग दे सकें। तकनीकी विकास ही हमें एक प्रगतिशील राष्ट्र बना सकता है। संसार के सभी विकसित राष्ट्र इसीलिए ऐसे हैं क्योंकि तकनीकी क्षेत्र में उन्होंने अथाह प्रगति की है। वहां पर तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण पर बहुत ध्यान दिया जाता है।

केवल किताबी शिक्षा और पुस्तकीय ज्ञान प्राप्त करने से कोई लाभ नहीं। ऐसी शिक्षा किताबी कीड़े और नौकरशाहों से अधिक कुछ नहीं दे सकती। हमें आज ऐसे वैज्ञानिक चाहिये जो दूसरी और तीसरी हरित तथा श्वेत क्रांतियां लाने में सहायता कर सकें, हमारा तिरंगा चाँद पर फहराने में सक्षम हों, हमारे कल-कारखाने को बेहतर ढंग से चला सकें। आज का युग हर क्षेत्र में विशेषज्ञता का है।

हमें चिकित्सा के क्षेत्र में ऐसे डॉक्टर और शल्य विशेषज्ञ चाहिये जो एड्स, कैंसर पर विजय पा सकें। मलेरिया और तपेदिक का नाश कर सकें या फिर कृत्रिम मानवीय अंग पैदा कर सकें और उनका सफलतापूर्वक रोपण कर सकें। ऐसे कर्मचारी और तकनीशियन हमें केवल तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से ही मिल सकते हैं।

देश के औद्योगिक विकास, प्रोद्योगिक उन्नति के लिए जिन हाथों और बुद्धि की हमें आवश्यकता है, वे तकनीकी संस्थाओं, संस्थानों और प्रशिक्षण केन्द्रों में ही उत्पन्न किये जा सकते हैं। विदेशों में भी ऐसे भारतीयों की बहुत मांग है जो वहां तकनीकी विकास और प्रोद्योगिकी में विशेष योगदान दे सकें।

आज हमारा देश कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर में विश्व के सबसे अग्रणी देशों में से एक है। इस क्षेत्र में हमारी सेवाओं से हम पर्याप्त विदेशी मुद्रा कमा रहे हैं परन्तु इस स्थान और पद को बनाये रखने के लिए हमें निरन्तर सजग और सक्रिय बने रहना है। अपने ज्ञान और तकनीक को लगातार विकसित करते रहना है। आज कड़ी प्रतियोगिता और तेजी से बदलती व विकसित होती तकनीक व प्रोद्योगिकी का युग है।

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विज्ञान और तकनीकी पर निबंध Essay on Science and Technology in Hindi

विज्ञान और तकनीकी पर निबंध Essay on Science and Technology in Hindi

आज के इस पोस्ट में विज्ञान और तकनीकी पर निबंध (Essay on Science and Technology in Hindi) हिन्दी में लिखा है। साथ ही इसका महत्व, योगदान, उपयोग के बारे में पूरी जानकारी दी है। यह निबंध स्कूल और कॉलेज के बच्चों के लिए 1500 शब्दों में हमने लिखा है।

तो आईये शुरू करते हैं विज्ञान और तकनीकी पर निबंध (Essay on Science and Technology in Hindi)

Table of Content

प्रस्तावना Introduction

आज मनुष्य ने विज्ञान और तकनीकी में बहुत विकास कर लिया है। अब तकनीकी के बिना रह पाना नामुमकिन हो गया है। इसने हमारे जीवन को सरल, आसान और सुविधाजनक बना दिया है। यदि हम विज्ञान में प्रगति नही करते तो आज भी हमारा जीवन पहले की तरह दुष्कर और कठिन होता। नवीन आविष्कारो ने हमे बहुत लाभ पहुँचाया है। हमारे चारो तरफ अनेक तकनीकी मौजूद है।

मोबाईल फोन , टीवी , कम्प्यूटर , इंटरनेट , ओवन, फ्रिज, वाशिंग मशीन, पानी निकालने वाली मोटर, मोटर साईकिल, जहाज, ट्रेन, बस, यातायात के साधन , सभी कुछ आधुनिक तकनीकी की सहायता से सम्भव हो सका है। नई तरह की दवाइयां, चिकित्सा उपकरणों की सहायता से अब जटिल लोगो का इलाज भी सम्भव हो गया है। इस तरह से हम आधुनिक तकनीकी के बिना जीवित नही रह सकते है।

विज्ञान और तकनीकी का महत्व Importance of Science and Technology in Hindi

1. कृषि में योगदान contribution to agriculture.

वर्तमान में विज्ञान और तकनीकी की मदद से कृषि में अधिक उप्तादन किया जा रहा है। आज हमारे पास अच्छे किस्म के बीज, खाद, कीटनाशक दवायें है जिससे किसानो की उपज बढ़ गयी है। नये नये ट्रेक्टर, कृषि उपकरण की सहायता से बड़े खेतो में कम समय में कृषि सम्भव हो गयी है।

तकनीकी की मदद से पशुपालन, मुर्गीपालन , मत्स्यपालन में अधिक उत्पादन होने लगा है। अब गेंहू की फसल को मशीन ही काट देती है। खेतो में धान की फसल को हेलिकॉप्टर की मदद से बोते है। गाजर, आलू, मूली की फसल को मशीन जमीन से निकाल देती है। फसल की छटनी भी मशीन कर देती है।

2. शिक्षा के क्षेत्र में योगदान Contribution to Education

विज्ञान और तकनीकी का इस्तेमाल अब शिक्षा के क्षेत्र में होने लगा है। अब स्मार्ट क्लासेस से बच्चो को पढ़ाया जाता है। लाइव विडियो, डाइग्राम और फोटो दिखाकर पढ़ाया जाता है। अब कंप्यूटर और इंटरनेट की मदद से विद्दार्थी किसी भी प्रश्न का जवाब कुछ सेकंड में ढूढ़ लेते है।

अब घर बैठे इंटरनेट की सुविधा द्वारा ट्यूटर, टीचर मिल जाता है जो आपको लाइव, ऑनलाइन पढ़ाता है। आपको कही जाने की जरूरत भी नही है। यू ट्यूब जैसे पोर्टल पर आप किसी भी विषय की पढ़ाई कर सकते है।

3. यातायात के क्षेत्र में योगदान Contribution to the area of traffic

आज के समय में विज्ञान और तकनीकी की सहायता से यातायात बहुत सरल और आसान हो गया है। पहले किसी स्थान पर जाने में हमे कई कई दिन लग जाते थे। पर अब तेज रफ्तार ट्रेने चल गयी है जो दूर दराज के स्थानों पर कुछ ही घंटो में पहुँचा देती है।

अब “बुलेट ट्रेन” बहुत ही प्रचलित हो गयी है। बुलेट ट्रेन चीन, जर्मनी, फ़्रांस, जापान, ताईवान, और दूसरे यूरोपीय देशो में चलती है। इसकी गलती 300 किमी/ घंटा से भी अधिक होती है।

इसकी मदद से अधिक दूरी पर स्तिथ स्थान पर बहुत कम समय में पहुँचा जा सकता है। अब भारत में भी “बुलेट ट्रेन” चलने की योजना है। यह सेवा महंगी होती है। आज जेट जहाजो की मदद से दुनिया के किसी भी भाग में कुछ ही घंटो में जा सकते है। भारत से अमेरिका जाने के लिए अब सिर्फ 15 घंटो लगते है।

4. चिकित्सा के क्षेत्र में योगदान Contribution to the field of medicine

वर्तमान में विज्ञान और तकनीकी ने बहुत तरक्की कर ली है। पहले जिन रोगों से हजारो लोग हर साल मर जाते है आज उनका इलाज सम्भव हो गया है। आधुनिक तकनीकी की मदद से कैंसर, अल्जाइमर, पार्किसन, एड्स , मधुमेह (डाईबिटीज), दिल के रोग , जैसे रोगों का इलाज सम्भव हो गया है।

अब सीटी स्कैन, ऍमआरआई (MRI), रेडियेशन, कीमोथेरेपी, नई तरह की एक्सरे मशीन से इलाज होने लगा है। आजकल तो कई प्रकार की जटिल सर्जरी कम्प्यूटर और रोबोट्स की मदद से होने लगी है। आधुनिक तकनीकी की मदद से किडनी, आँखे, दिल जैसा कोई भी रंग प्रत्यारोपित किया जा सकता है। कृत्रिम ह्रदय का अब इस्तेमाल होने लगा लगा है।

5. खेल के क्षेत्र में योगदान Contribution to the field of sports

पहले के जमाने में खेलो मे किसी भी विज्ञान और तकनीकी का इस्तेमाल नही होता था पर अब समय बदल चुका है। आजकल बच्चा बच्चा कंप्यूटर पर विडियो गेम्स खेलता है। अब फ़ुटबाल , तैराकी, क्रिकेट , ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे खेलो का सीधा प्रसारण टीवी पर किया जाता है।

अब क्रिकेट में स्कोर इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड पर दिखाया जाता है। स्टम्प में कैमेरो का प्रयोग होने लगा है। अब सभी खेल तकनीक की मदद से खेले जाते है। हर खेल की विडियोग्राफी की जाती है। 3D इमेज का इस्तेमाल किया जाता है।

6. डाक सेवा में तकनीक का योगदान Contribution in postal service

अब हवाई जहाजों से डाक भेजी जाती है जिसकी मदद से बहुत कम समय में हम दूर बैठे व्यक्ति को डाक भेज सकते है। अब इंटरनेट पर ऑनलाइन शौपिंग करने का चलन बहुत बढ़ गया है। घर में बैठे-बैठे कम्प्यूटर और इंटरनेट की मदद से हम अपनी मनपसंद किताबो, दवाइयों, गहनों, बिंदी, काजल, क्रीम, तेल, साबुन जैसी सभी वस्तुओं को खरीद सकते है।

अब बाजार जाने की जरूरत खत्म हो गयी है। हम अपनी मनपसंद सब्जियाँ भी इंटरनेट से खरीद सकते है। फ्लिप्कार्ट, अमेजन जैसी कम्पनियां ऑनलाइन खरीददारी की सुविधा देती है।

7. रोजमर्रा के जीवन में आधुनिक तकनीक का योगदान Contribution of modern technology in everyday life

आज फेसबुक, वाट्सअप, यूट्यूब, ट्विटर, इन्स्टाग्राम की सहायता से किसी को भी अपना दोस्त बना सकते है। दोस्त बनाना अब बहुत आसान हो गया है। फेसबुक की मदद से अनेक गुमशुदा लोग जो अपने परिवार से बिछुड़ गये थे, फिर से मिल गये है। आधुनिक तकनीक ने हमारे जीवन को सरल बना दिया है। अब गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर चलाकर तापमान को संतुलित किया जा सकता है।

सर्दी में गर्मी का और गर्मी में सर्दी का मजा लिया जा सकता है। वाशिंग मशीन ही अब हमारे गंदे कपड़ों को साफ़ कर देती है। ओवन ही हमारा खाना पका देता है। मिक्सर रसोई में मसाले पीस देते है। मोबाइल मे ही अब अख़बार पढ़ सकते है। पैसो का भुकतान अब ऐटीएम  कार्ड, डेबिट, क्रेडिट कार्ड से कर सकते है। अब जेब में पैसा लेकर चलने की जरूरत खत्म हो गयी है।

8. संचार के क्षेत्र में योगदान Contribution to the field of communication

आज आधुनिक विज्ञान और तकनीकी की सहायता से मनुष्य ने संचार में बहुत विकास कर लिया है। अंतरिक्ष में अनेक उपग्रह 24 घंटे भ्रमण करते रहते है जो हमे हर तरह की सूचनाये देते रहते है। आज हम मौसम की जानकारी पहले की कर लेते है।

कहाँ पर बारिश होगी , कहाँ पर तूफ़ान आयेगा , कहाँ सुनामी आयेगी हम उपग्रह की मदद से पहले ही जान जाते है। भारत ने अंतरिक्ष में 108 उपग्रह छोड़े है। अब कही भी हम फोन कर सकते है। विडियो कालिंग कर सकते है।

9. मनोरंजन के क्षेत्र में योगदान Contribution to the field of entertainment

आज नई विज्ञान और तकनीकी का इस्तेमाल फिल्मे और टीवी सीरीयल बनाने के लिए किया जाता है। अब देश में 3D सिनेमाघर बन गये है जिसमे त्री आयामी तकनीकी से फिल्मे दिखाई जाती है। अब घर में हम विभिन्न प्रकार के खेल अपने टीवी, कम्प्यूटर, मोबाइल फोन पर खेल सकते है।

लूडो, कैरम से लेकर शतरंग तक अब कंप्यूटर, मोबाइल फोन में खेल सकते है। इस तरह से मनोरंजन का क्षेत्र अब काफी विस्तृत हो गया है। अब जगह जगह नये माल्स बन गये है जिसमे आधुनिक तकनीकी वाले थीम पार्क, सर्कस, झूले होते है। वाटर पार्क में जाकर लोग मनोरंजन कर सकते है।

10. बिजली उप्तादन में योगदान Contribution to electricity utility

इस युग में विज्ञान और तकनीकी की मदद से नये-नये बिजली संयंत्र लगाये जा रहे है। सोलर एनर्जी , परमाणु ऊर्जा , जल- विद्दुत ऊर्जा, बायोगैस ऊर्जा से जादा से जादा बिजली बनाई जा रही है। अब हमारे देश के गाँव गाँव में बिजली पहुँच गयी है। लोगो के जीवन का स्तर सुधरा है।

11. खनिज पदार्थ और पेट्रोलियम की खोज में योगदान Contribution in the search of minerals and petroleum

नई तकनीकी के दम पर हम पता लेते है की कहाँ पर कोयला, पेट्रोल, सोना, चाँदी, लोहा जैसी धातुये है। व्यापार का क्षेत्र अब बहुत बढ़ गया है। फैक्ट्री, कारखानों में मजदूरों का काम सरल हो गया है।

खतरनाक कार्यो को अब मशीने करती है जिससे मजदूरों के जान-माल का संकट खत्म हो गया है। औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि हुई है। नई नई मशीन आने से वस्तुओ का मूल्य कम हो गया है। महंगाई कम हुई है।

निष्कर्ष Conclusion (Science and Technology in Hindi)

आज के लेख में हमने आपको विज्ञान, प्रौद्योगिकी और आधुनिक तकनीक के बारे में विस्तार से बताया है। हर चीज के 2 पहलू होते है। उसी तरह तकनीकी का दूसरा पहलू भी है। आज इसने हमे बहुत आरामतलब बना दिया है। अब कोई भी श्रम नही करना चाहता है।

सभी जगह हम मोटर, गाड़ियों से जाना पसंद करते है। लोग सीढ़ियों के स्थान पर लिफ्ट का प्रयोग करते है। इस वजह से मनुष्य अनेक रोगों का शिकार होने लगा है। अब शहरो में लोग आरामदायक जीवन जीने से मोटापा , मधुमेह, दिल के रोगों का शिकार हो रहे है।

बच्चो को टीवी, सिनेमा , सोशल मिडिया की लत लग चुकी है। वो पढ़ाई से जी चुराने लगे है। आज विज्ञान की मदद से नये नये हथियार, बंदूके बनने लगे है जिनके इस्तेमाल से रोज हजारो लोगो की जान चली जाती है।

मनुष्य ने परमाणु बम, हाइड्रोजन बम, मिसाइल जैसे हथियार बना लिए है जिससे पूरी दुनिया खत्म हो सकती है। इसलिए हमे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल सकारात्मक दिशा में करना चाहिये। हमे आधुनिक तकनीकी को अभिशाप नही वरदान बनाने का प्रयास करना चाहिये। आशा करते हैं विज्ञान और तकनीकी पर यह निबंध (Essay on Science and Technology in Hindi) अच्छा लगा होगा।

7 thoughts on “विज्ञान और तकनीकी पर निबंध Essay on Science and Technology in Hindi”

nice sir…. thank you you helped me a lot.

I got a prize for this speech thank you For helping me appeitiatr your hardwork THANK YOU

Thanks for your comment. and congrats for your win.

Thank you for your speech

very nice thank you

Very nice essay and was very heplful in exams …thnx a lot …

Very nice it helped me a lot prepare for my speech

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प्रौद्योगिकी पर निबंध 10 lines (Technology Essay in Hindi) 100, 150, 200, 250, 300, 500, words

essay on technical in hindi

प्रौद्योगिकी पर निबंध (Technology Essay in Hindi) – शब्द “प्रौद्योगिकी” और इसके उपयोग 20वीं शताब्दी के बाद से बहुत बदल गए हैं, और समय के साथ, यह तब से विकसित होना जारी है। हम प्रौद्योगिकी द्वारा संचालित दुनिया में रह रहे हैं। प्रौद्योगिकी की उन्नति ने सांस्कृतिक परिवर्तनों के साथ-साथ मानव सभ्यता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रौद्योगिकी विभिन्न स्मार्ट और नवीन साधनों के माध्यम से कार्य करने के नवीन तरीके प्रदान करती है। 

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, गैजेट्स, संचार के तेज़ तरीके और परिवहन ने हमारे जीवन में आराम कारक को जोड़ा है। इसने व्यक्तियों और विभिन्न व्यावसायिक उद्यमों की उत्पादकता में सुधार करने में मदद की है। प्रौद्योगिकी ने कई परिचालन क्षेत्रों में एक क्रांति ला दी है। वर्षों से मानव जाति ने जो प्रगति की है, उसमें निस्संदेह इसने बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

प्रौद्योगिकी पर 10 लाइनें (10 Lines on Technology in Hindi)

  • 1) प्रौद्योगिकी सभी के कल्याण के लिए वैज्ञानिक ज्ञान का उपयोग है।
  • 2) प्रौद्योगिकी उद्योग और आजीविका का एक अभिन्न अंग बन गई है।
  • 3) यहां तक ​​कि एक छोटा पिन और एक बड़ा जेटलाइनर, सभी प्रौद्योगिकी के उत्पाद हैं।
  • 4) मानव द्वारा विकसित प्रारंभिक तकनीकी उपकरण एक छड़ी से बंधा एक पत्थर का भाला था।
  • 5) सबसे पहले मिस्र के लोगों ने नौकायन नौकाओं में पवन ऊर्जा का दोहन किया।
  • 6) पहियों का आविष्कार लगभग 4000 ईसा पूर्व मेसोपोटामिया में हुआ था।
  • 7) 12वीं शताब्दी लीवर, स्क्रू और चरखी जैसे सरल उपकरणों की उम्र थी, जो व्हीलबारो, पवन चक्कियों और घड़ियों जैसे जटिल उपकरणों के रूप में संयोजित होते थे।
  • 8) 19वीं सदी की सफलता ने टेलीग्राफ, टेलीफोन, रेडियो और टेलीविजन लाए।
  • 9) 20वीं सदी उत्पादन से लेकर अंतरिक्ष तक हर क्षेत्र में तकनीक में उछाल थी।
  • 10) इंटीग्रेटेड सर्किट (आईसी) के आगमन के साथ, उपकरण अधिक कॉम्पैक्ट और कुशल हो गए हैं।

प्रौद्योगिकी पर 100 शब्दों में लघु निबंध (Short Essay on technology in 100 words in Hindi)

टेक्नोलॉजी एक बहुत ही आश्चर्यजनक चीज है जिसे वैज्ञानिक बनाते हैं। वैज्ञानिक उन सभी चीजों पर ध्यान देते हैं जिनकी हमें मनुष्य के रूप में अपने जीवन में आवश्यकता होगी, फिर एक अच्छा गैजेट या वस्तु बनाएं। उदाहरण के लिए, वैज्ञानिक जानते थे कि हमें एक दूसरे के साथ संवाद करने का एक तरीका चाहिए, भले ही हम एक साथ न हों। इस वजह से उन्होंने एक ऐसा टेलीफोन बनाया जिसका इस्तेमाल हम दूसरे लोगों के साथ न होते हुए भी बात करने के लिए कर सकते हैं।

प्रौद्योगिकी हमारे जीवन को बहुत आसान और समस्या-मुक्त बनाने के लिए इस तरह के कई अलग-अलग विचारों का उपयोग करती है। यह हमारे काम को कम करके हमारी मदद करता है क्योंकि तकनीक हमारे लिए बहुत सारे काम करती है।

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प्रौद्योगिकी पर निबंध 150 शब्दों में (Essay on technology in 150 words in Hindi)

प्रौद्योगिकी आपके चारों ओर है – आपके गेमिंग गैजेट्स जैसे वाईआई, प्लेस्टेशन, एक्सबॉक्स इत्यादि में और आपके मोबाइल फोन, आईपैड, कंप्यूटर इत्यादि में। हमारे रसोईघर में माइक्रोवेव, टोस्टर, फ्रिज जैसी अधिकांश चीजें हैं। आदि सभी विभिन्न प्रकार की तकनीक हैं। प्रौद्योगिकी तब होती है जब हम विज्ञान की दुनिया से कुछ लेते हैं और फिर इसे ऐसी चीज़ में बनाते हैं जिसका मनुष्य उपयोग करते हैं।

हमें अपने भोजन को ठंडा रखना चाहिए ताकि गर्म मौसम में बाहर रहने से यह खराब न हो। विज्ञान की इस अवधारणा ने वैज्ञानिकों को हमारे भोजन को ठंडा रखने के लिए तकनीक विकसित करने में मदद की जब हम फ्रिज का उपयोग करके इसे नहीं खा रहे थे। वैसे तो हम सभी गर्म खाना खाना पसंद करते हैं। इसलिए, भोजन को तुरंत गर्म करने के लिए वैज्ञानिकों ने एक माइक्रोवेव बनाया। इस प्रकार, वैज्ञानिकों ने हमारे दैनिक जीवन में हम सभी की मदद करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया। तकनीक हमारे दैनिक जीवन में बहुत उपयोगी है।

प्रौद्योगिकी पर निबंध 200 शब्दों में (Essay on technology in 200 words in Hindi)

जब हम अपने चारों ओर देखते हैं, तो हमें प्रौद्योगिकी के बहुत से उदाहरण दिखाई देते हैं। हमारे हाथों में मोबाइल फोन, संगीत सुनने के लिए हम जो हेडफोन लगाते हैं, माइक्रोवेव जो हम अपने भोजन को गर्म करने के लिए उपयोग करते हैं, और यहां तक ​​कि हम जिस भवन में रहते हैं उसका निर्माण भी – सभी किसी न किसी प्रकार की तकनीक का उपयोग करते हैं।

आज की दुनिया में तकनीक इतनी महत्वपूर्ण है कि इसके बिना जीवन की कल्पना करना लगभग असंभव है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि यदि आप हर बार टेलीविजन नहीं देख पाते तो आप क्या करते? या अगर आप अपनी दादी से बात नहीं कर पाते जो आपसे दूर रहती हैं तो आप क्या करेंगे?

हमारे जीवन में तकनीक नहीं होने से हमें ऐसा महसूस होगा कि हमारे जीवन में कुछ कमी है। हां, अगर हम इसके बारे में गहराई से सोचें तो हमारे जीवन में तकनीक कितनी बड़ी भूमिका निभाती है।

प्रौद्योगिकी के सबसे अच्छे और सबसे सुलभ रूपों में से एक मोबाइल फोन या अधिक सटीक रूप से स्मार्टफोन है। एक स्मार्टफोन एक फोन है जो इंटरनेट से जुड़ सकता है। उनके पास एक फोन में कई उन्नत सुविधाएं हैं और प्रौद्योगिकी का एक बहुत अच्छा उदाहरण हैं।

प्रौद्योगिकी पर 250 शब्दों में निबंध (Essay on technology in 250 words in Hindi)

“प्रौद्योगिकी” – हमारे जीवन को आसान बनाने के साथ हमारी दक्षता बढ़ाने के लिए एक यांत्रिक, विद्युत, जैविक और सूचना प्रणाली को डिजाइन करने के लिए सामग्री, विज्ञान, प्रकृति के तकनीकी पहलुओं का अध्ययन और अनुप्रयोग। प्रौद्योगिकी का इतिहास नवपाषाण युग या उससे पहले का है। नवपाषाण युग में या उससे पहले के लोगों ने अपने कौशल, संसाधनों और विकसित तकनीकों का उपयोग अपने इष्टतम उपयोग के लिए किया। तब से, प्रौद्योगिकी ने मानव जीवन में बहुत प्रगति की है।

प्रौद्योगिकी की भूमिका

व्यापक स्तर पर प्रौद्योगिकी का पहला दृश्यमान उपयोग 18वीं शताब्दी में औद्योगिक क्रांति के रूप में शुरू हुआ, जहां मानव हाथों को मशीन टूल्स द्वारा प्रतिस्थापित किया गया। उसके बाद कई शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने तकनीक को इंसानों के करीब लाने की कोशिश की है। मनुष्य और प्रौद्योगिकी के इस बंधन ने हमारे जीवन को प्रौद्योगिकी पर अधिक निर्भर और केक की तरह आसान बना दिया है।

प्रौद्योगिकी हमारे दैनिक जीवन के परमाणु स्तर से स्थूल स्तर तक प्रवेश कर चुकी है। तकनीक के बिना हम अपने जीवन की कल्पना नहीं कर सकते हैं। प्रौद्योगिकी के कार्यान्वयन ने हमारे लिए कई प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित अन्य ग्रहों को देखना संभव बना दिया है।

प्रौद्योगिकी ने हमारी अर्थव्यवस्था को भी गतिशील बनाया है। लोग अपनी मर्जी से अपने दोस्तों, रिश्तेदारों, दूर और करीबियों के साथ आसानी से घूम सकते हैं। प्रौद्योगिकी इस ग्रह की 360 डिग्री प्रणाली बन गई है। चाहे वह खरीदारी, स्वचालन, आईटी, चिकित्सा, अंतरिक्ष, शिक्षा, संचार आदि के बारे में हो, आप आसानी से प्रौद्योगिकी की उपस्थिति का पता लगा सकते हैं।

संक्षेप में ‘प्रौद्योगिकी हमारी नई डिजिटल युग की जीवन रेखा है’। दिन-ब-दिन, प्रौद्योगिकी का विस्तार और विकास हो रहा है। प्रौद्योगिकी को रीढ़ की हड्डी के रूप में उपयोग करते हुए नए आविष्कार, दृष्टि, शोध किए जाते हैं।

प्रौद्योगिकी पर 300 शब्दों में निबंध (Essay on technology in 300 words in Hindi)

प्रौद्योगिकी पर निबंध (Technology Essay in Hindi) – प्रौद्योगिकी सामान्य आबादी के लिए विज्ञान का सबसे उपयोगी रूप है। सरल शब्दों में, प्रौद्योगिकी तब होती है जब हम विज्ञान की अवधारणाओं को लेते हैं और उन्हें गैजेट्स और उपकरणों में बदलते हैं जो मनुष्य के रूप में हमारे लिए उपयोगी होते हैं। जब हम अपने चारों ओर देखते हैं, तो लगभग सब कुछ प्रौद्योगिकी का परिणाम या एक रूप है।

उदाहरण के लिए, अभी आप जिस उपकरण का उपयोग कर रहे हैं वह संचार के लिए बनाई गई तकनीक का एक रूप है, या आपकी रसोई में रेफ्रिजरेटर विज्ञान का एक उपयोग है जो आपके भोजन को ताज़ा और ठंडा रखने में मदद करता है। इन उदाहरणों से हम देखते हैं कि हम तकनीक पर कितने निर्भर हैं और हमारे दैनिक जीवन में यह हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है।

किसी भी प्रकार की तकनीक का उपयोग किए बिना हमारे जीवन की कल्पना करना आसान नहीं है। संचार के सबसे छोटे संचार के लिए, हम अपने मोबाइल फोन की ओर रुख करते हैं। यहां तक ​​कि हमारे द्वारा खाए जाने वाले अधिकांश भोजन को विभिन्न तकनीकों का उपयोग करके कारखानों में पैक किया जाता है। इस प्रकार, प्रौद्योगिकी के बिना जीवन की कल्पना करना असंभव है। यह न केवल जीवन का एक तथ्य है बल्कि हम सभी के लिए एक आवश्यकता भी है।

वास्तव में, स्मार्टफोन, यानी एक मोबाइल फोन जो इंटरनेट से जुड़ सकता है, दुनिया भर में प्रौद्योगिकी के सबसे तेजी से बढ़ने वाले और सबसे सुलभ रूपों में से एक बन रहा है। स्मार्टफोन पर आप तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं, इंटरनेट ब्राउज़ कर सकते हैं, संगीत सुन सकते हैं और सोशल मीडिया का उपयोग कर सकते हैं। स्मार्टफोन प्रौद्योगिकी के आगमन के साथ, न केवल आपके दोस्तों के साथ संवाद करने का व्यावहारिक उद्देश्य पूरा हो गया है, बल्कि कई अन्य लोगों के साथ भी, जैसा कि उल्लेख किया गया है।

इस प्रकार, आज की दुनिया में, जैसे-जैसे वर्ष बीतते हैं, प्रौद्योगिकी का महत्व अधिक से अधिक होता जाता है। वैज्ञानिकों ने प्रौद्योगिकी का उपयोग करके मनुष्यों को आगे बढ़ाने के लिए बहुत कुछ किया है, और हमें अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है।

प्रौद्योगिकी पर निबंध 500 शब्दों में (Essay on technology in 500 words in Hindi)

प्रौद्योगिकी पर निबंध (Technology Essay in Hindi) – प्रौद्योगिकी पर इस निबंध में, हम चर्चा करने जा रहे हैं कि प्रौद्योगिकी क्या है, इसके उपयोग क्या हैं, और यह भी कि तकनीक क्या कर सकती है? सबसे पहले, प्रौद्योगिकी, मशीनरी बनाने, निगरानी और डिजाइन करने के लिए तकनीकी और वैज्ञानिक ज्ञान के उपयोग को संदर्भित करती है। साथ ही, प्रौद्योगिकी अन्य वस्तुओं को बनाने में मदद करती है जो मानव जाति की सहायता करती हैं।

प्रौद्योगिकी पर निबंध – एक वरदान या अभिशाप?

विशेषज्ञ इस विषय पर वर्षों से बहस कर रहे हैं। साथ ही, तकनीक ने मानव जीवन को आसान बनाने के लिए एक लंबा रास्ता तय किया है लेकिन इसके नकारात्मक पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। वर्षों से तकनीकी प्रगति ने प्रदूषण में गंभीर वृद्धि की है। साथ ही, प्रदूषण कई स्वास्थ्य समस्याओं का एक प्रमुख कारण बन गया है। साथ ही इसने लोगों को जोड़ने के बजाय समाज से काट दिया है। सबसे ऊपर, इसने श्रमिक वर्ग से कई नौकरियां छीन ली हैं।

प्रौद्योगिकी और विज्ञान के बीच परिचित

चूंकि वे पूरी तरह से अलग-अलग क्षेत्र हैं लेकिन वे एक-दूसरे पर अन्योन्याश्रित हैं। साथ ही, विज्ञान के योगदान के कारण ही हम नए इनोवेशन और नए तकनीकी उपकरणों का निर्माण कर सकते हैं। इसके अलावा, प्रयोगशालाओं में किए गए शोध प्रौद्योगिकियों के विकास में बहुत योगदान देते हैं। दूसरी ओर, प्रौद्योगिकी विज्ञान के एजेंडे का विस्तार करती है।

हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा

नियमित रूप से विकसित हो रही तकनीक हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। इसके अलावा, नई प्रौद्योगिकियां बाजार में तूफान ला रही हैं और लोग कुछ ही समय में उनके अभ्यस्त हो रहे हैं। इन सबसे ऊपर, तकनीकी प्रगति ने राष्ट्रों के विकास और विकास को प्रेरित किया है।

प्रौद्योगिकी का नकारात्मक पहलू

हालांकि तकनीक एक अच्छी चीज है, लेकिन हर चीज के दो पहलू होते हैं। टेक्नोलॉजी के भी दो पहलू होते हैं एक अच्छा और दूसरा बुरा। यहां तकनीक के कुछ नकारात्मक पहलू हैं जिन पर हम चर्चा करने जा रहे हैं।

नई तकनीक के साथ औद्योगीकरण बढ़ता है जो हवा, पानी, मिट्टी और शोर जैसे कई प्रदूषणों को जन्म देता है। साथ ही, वे जानवरों, पक्षियों और मनुष्यों में स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का कारण बनते हैं।

प्राकृतिक संसाधनों की समाप्ति

नई तकनीक के लिए नए संसाधनों की आवश्यकता होती है जिसके लिए संतुलन बिगड़ जाता है। आखिरकार, इससे प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन होगा जो अंततः प्रकृति के संतुलन को बिगाड़ देगा।

एक मशीन कई मजदूरों की जगह ले सकती है। साथ ही, मशीनें कई घंटों या दिनों तक बिना रुके एक समान गति से काम कर सकती हैं। इसके कारण, कई श्रमिकों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा जो अंततः बेरोजगारी को बढ़ाता है।

प्रौद्योगिकी के प्रकार

आमतौर पर हम तकनीक को एक ही पैमाने पर आंकते हैं लेकिन वास्तव में तकनीक को विभिन्न प्रकारों में बांटा गया है। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी, औद्योगिक प्रौद्योगिकी, वास्तु प्रौद्योगिकी, रचनात्मक प्रौद्योगिकी और कई अन्य शामिल हैं। आइए इन तकनीकों पर संक्षेप में चर्चा करें।

औद्योगिक प्रौद्योगिकी

यह तकनीक मशीनों के निर्माण के लिए इंजीनियरिंग और विनिर्माण प्रौद्योगिकी का आयोजन करती है। साथ ही, यह उत्पादन प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाता है।

रचनात्मक तकनीक

इस प्रक्रिया में कला, विज्ञापन और उत्पाद डिजाइन शामिल हैं जो सॉफ्टवेयर की मदद से बनाए जाते हैं। इसके अलावा, इसमें 3डी प्रिंटर, आभासी वास्तविकता, कंप्यूटर ग्राफिक्स और अन्य पहनने योग्य प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।

सूचान प्रौद्योगिकी

इस तकनीक में सूचना भेजने, प्राप्त करने और संग्रहीत करने के लिए दूरसंचार और कंप्यूटर का उपयोग शामिल है। इंटरनेट सूचना प्रौद्योगिकी का सबसे अच्छा उदाहरण है।

आज हम अपने दैनिक जीवन में जो कुछ भी उपयोग करते हैं वह प्रौद्योगिकी का उपहार है और जिसके बिना हम अपने जीवन की कल्पना नहीं कर सकते हैं। साथ ही, हम इस तथ्य से भी इनकार नहीं कर सकते कि इसने हमारे आसपास के वातावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।

प्रौद्योगिकी निबंध पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQs)

Q.1 तकनीक का मूल शब्द क्या है.

उत्तर. टेक्नोलॉजी शब्द दो ग्रीक शब्दों से बना है जिसका अर्थ है कला और शिल्प और लोगो का अर्थ है शब्द।

प्र.2 तकनीक क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर. प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने हमारे जीवन को अधिक सुविधाजनक और आसान बना दिया है।

Q.3 तकनीक अच्छी है या बुरी?

उत्तर. तकनीक अच्छी या बुरी नहीं होती, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करती है कि हम इसे अपने जीवन में किस तरह इस्तेमाल करते हैं।

Q.4 प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पहला आविष्कार क्या था?

उत्तर. प्रारंभिक मनुष्य द्वारा उपयोग किए जाने वाले पत्थर के औजारों को प्रौद्योगिकी का पहला आविष्कार माना जाता था।

Q.5 तकनीक का आविष्कार करने वाला दुनिया का पहला देश कौन सा था?

उत्तर. तकनीक का आविष्कार करने वाला मिस्र दुनिया का पहला देश था।

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Essay on Computer in Hindi: जानिए कंप्यूटर पर परीक्षाओं में पूछे जाने वाले निबंध

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  • Updated on  
  • दिसम्बर 26, 2023

Essay on Computer in Hindi

Essay on Computer in Hindi: आज की टेक्नोलॉजी की दुनिया में डिजिटल लिट्रेसी के लिए कंप्यूटर को समझना महत्वपूर्ण है। कंप्यूटर में डिजिटल उपकरणों, सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म को प्रभावी ढंग से उपयोग और नेविगेट करने की क्षमता शामिल है। कंप्यूटर इंटरनेट के माध्यम से बड़ी मात्रा में जानकारी तक पहुंच प्रदान करते हैं। छात्र रिसर्च करने, शैक्षिक संसाधनों को प्राप्त करने और वर्तमान घटनाओं पर अपडेट रहने के लिए कंप्यूटर का उपयोग कर सकते हैं। इसलिए कई बार छात्रों को कंप्यूटर पर निबंध तैयार करने को दिया जाता है। Essay on Computer in Hindi के बारे में जानने के लिए इस ब्लॉग को अंत तक पढ़ें। 

कंप्यूटर पर निबंध 100 शब्दों में

कंप्यूटर एक इक्विपमेंट है जो सूचनाओं को स्टोर, डिस्प्ले और मैनेज करता है। कंप्यूटर नए अपडेट और सुधारों के साथ विकसित हुए हैं। कंप्यूटर के तीन मुख्य प्रकार होते हैं: एनालॉग, डिजिटल और हाइब्रिड, प्रत्येक की गति और सटीकता अलग-अलग होती है। कंप्यूटर केवल डेटा को संभालने के अलावा भी विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं, वे मशीनों को नियंत्रित करते हैं, व्यवसायों को व्यवस्थित करते हैं, बिक्री की सुविधा प्रदान करते हैं और शैक्षणिक गतिविधियों में भी समर्थन करते हैं। अपनी अत्यधिक उपयोगिता और बहुमुखी प्रतिभा के कारण कंप्यूटर हमारे दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है।

कंप्यूटर पर निबंध 200 शब्दों में

अब कंप्यूटर के बिना जीवन की कल्पना करना असंभव है।  कंप्यूटर के आविष्कार ने कई सपनों को हकीकत में बदल दिया है। कंप्यूटर विभिन्न उद्देश्यों को पूरा करते हैं जैसे जानकारी संग्रहीत करना, प्रोग्रामिंग, सॉफ्टवेयर विकास, गणना, ईमेल और बहुत कुछ।

एक कंप्यूटर में मॉनिटर, कीबोर्ड, माउस, सीपीयू और यूपीएस जैसे आवश्यक भाग होते हैं, और यह अपने विशाल भंडारण के लिए जाना जाता है। लोग टेक्नोलॉजी पर बहुत अधिक निर्भर हो गए हैं, और कंप्यूटर का उपयोग हर क्षेत्र में किया जाता है, छात्रों से लेकर शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए कार्यालय कर्मचारी तक अपने कार्यों के लिए इसका उपयोग करते हैं।

कंप्यूटर छात्रों को पेशेवर कौशल सुधारने और सीखने में बहुत मदद करता है। 21वीं सदी में, अधिक उन्नत कंप्यूटरों में रुचि बढ़ रही है जो हल्के, छोटे, शक्तिशाली और उच्च गति और सटीकता वाले हैं।  कंप्यूटर केवल स्कूल और कार्यालय के काम के लिए नहीं हैं, उनका उपयोग यातायात को नियंत्रित करने, मौसम का पूर्वानुमान लगाने, शैक्षिक और चिकित्सा उद्देश्यों, अंतरिक्ष यान डिजाइन, संचालन, परीक्षा, अपराध का पता लगाने और बहुत कुछ के लिए किया जाता है।

जैसे-जैसे लोगों की ज़रूरतें और मांगें विकसित हो रही हैं, कंप्यूटर ने गति बनाए रखी है। हमारी सभी आवश्यकताओं को पूरा करने और संतुष्ट करने के लिए यह लगातार विकसित हो रहा है।

कंप्यूटर पर निबंध 500 शब्दों में

Essay on Computer in Hindi 500 शब्दों में नीचे दिया गया है-

कंप्यूटर हमारी रोजमर्रा के कार्यों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है और पिछले दशक में इसका उपयोग काफी बढ़ गया है। आज की दुनिया में, कंप्यूटर लगभग हर ऑफिस का एक अभिन्न अंग है, चाहे वह निजी क्षेत्र हो या सरकारी।  मनुष्य कई दशकों से कंप्यूटर पर निर्भर रहा है, और उनका अनुप्रयोग, कृषि, डिज़ाइन, मशीनरी निर्माण, रक्षा और अन्य विभिन्न क्षेत्रों तक फैला हुआ है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कंप्यूटर ने पूरी दुनिया में क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया है।

कंप्यूटर का इतिहास

कंप्यूटर की उत्पत्ति के बारे में सटीकता से कहना तो मुश्किल है, लेकिन विशेषज्ञ बताते हैं कि द्वितीय विश्व युद्ध के समय यह अस्तित्व में आया था। उस समय, कंप्यूटर का उपयोग मुख्य रूप से डेटा भंडारण के लिए किया जाता था। इसका पूरी तरह से सरकारी उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता था, जनता के लिए नहीं। प्रारंभिक चरण में, कंप्यूटर विशाल और वजनदार मशीनें थीं।

कंप्यूटर का कार्य करना

कंप्यूटर तीन-चरणीय चक्र के माध्यम से चलता है जिसे इनपुट, प्रोसेस और आउटपुट के रूप में जाना जाता है। कंप्यूटर के प्रत्येक कार्य के लिए इसी प्रक्रिया को फॉलो किया जाता है, जिसे करने के लिए कंप्यूटर को निर्देश दिया जाता है। सीधे शब्दों में कहें तो जब हम कंप्यूटर को जानकारी देते हैं तो वह इनपुट होता है। इस पूरी कार्य प्रणाली में सीपीयू सबसे अधिक आवश्यक होता है यह कार्य करता है, कंप्यूटर जो परिणाम प्रदान करता है वह आउटपुट है।

कंप्यूटर के प्रकार

एक बुनियादी कंप्यूटर सीपीयू, मॉनिटर, माउस और कीबोर्ड से बना होता है। इसके अतिरिक्त, कई अन्य भागों को इससे जोड़ा जा सकता है, जैसे प्रिंटर, लेजर पेन, स्कैनर, और बहुत कुछ।

कंप्यूटर के प्रकार होते हैं, जैसे सुपर कंप्यूटर, मेनफ्रेम, पर्सनल कंप्यूटर (डेस्कटॉप), PDA, लैपटॉप और यहां तक कि मोबाइल फोन भी कंप्यूटर के रूप में योग्य हैं क्योंकि वे सभी आवश्यक मानदंडों को पूरा करते हैं।

विभिन्न क्षेत्रों में कंप्यूटर का उपयोग

जैसे-जैसे कंप्यूटर का उपयोग बढ़ा, यह लगभग हर क्षेत्र में आवश्यक हो गया, जिससे संचालन अधिक कुशल हो गया।  बहुत सारे ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं जहां कंप्यूटर दैनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं-

  • चिकित्सा क्षेत्र: कंप्यूटर का उपयोग चिकित्सा के क्षेत्र में बीमारियों का उपचार करने, परीक्षण करने और विभिन्न बीमारियों का इलाज खोजने के लिए किया जाता है।  उन्होंने चिकित्सा प्रगति और घातक बीमारियों के उपचार की खोज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
  • रिसर्च: वैज्ञानिक, अंतरिक्ष और सामाजिक अनुसंधान में कंप्यूटर बहुत उपयोगी है।  वे पर्यावरण की निगरानी, अंतरिक्ष की खोज और अध्ययन करने में सहायता करते हैं।  उदाहरण के लिए, स्पेस रिसर्च ने गैलेक्सीज की खोज को सक्षम बनाया है। यह साइंटिफिक रिसर्च में भी पृथ्वी पर वैलुएबल रिसोर्सेज का पता लगाने में मदद करता है।
  • रक्षा: रक्षा क्षेत्र में, कंप्यूटर किसी देश की सुरक्षा और संरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। वे संभावित खतरों का पता लगाने और दुश्मनों पर निगरानी रखने में सुरक्षा एजेंसियों की सहायता करते हैं। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए रक्षा उद्योग की क्षमता को बनाए रखने में कंप्यूटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कंप्यूटर के प्रतिकूल प्रभाव 

कंप्यूटर अब बहुत जरूरी हो गए हैं, लेकिन वे खतरे भी पैदा करते हैं, मुख्य रूप से हैकरों से जो प्राइवेट डेटा को चुरा सकते हैं और ऑनलाइन आपकी जानकारी लीक कर सकते हैं। इससे महत्वपूर्ण जोखिम पैदा होता है, इसके अतिरिक्त, वायरस, स्पैम, बग और कई अन्य मुद्दे कंप्यूटर से संबंधित मुश्किलें बढ़ती हैं। व्यक्तिगत जानकारी से छेड़छाड़ का खतरा अनधिकृत पहुंच और दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों से सुरक्षा के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा उपाय आवश्यक है। कंप्यूटर हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए एक सुरक्षित और संरक्षित डिजिटल वातावरण सुनिश्चित करने के लिए इन खतरों के बारे में जागरूक होने महत्वपूर्ण हो जाता है।

कंप्यूटर एक महत्वपूर्ण मशीन है जो हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके दोहरे प्रभाव हैं, एक अनुकूल और एक प्रतिकूल, यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसका उपयोग कैसे किया जाता है। कंप्यूटर का नियंत्रण पूरी तरह से आपके हाथ में होता है। भविष्य में एक समय ऐसा भी आ सकता है जब मानव सभ्यता कंप्यूटर पर हमारी अत्यधिक निर्भरता के कारण कंप्यूटर के बिना नहीं पनप सकेगी। अब तक, यह एक उल्लेखनीय मानवीय खोज है जिसने अनगिनत लोगों की जान बचाई है। इसके फायदे और चुनौतियों दोनों को पहचानते हुए, कंप्यूटर का जिम्मेदार और विचारशील उपयोग हमारे जीवन पर उनके सकारात्मक प्रभाव को सुनिश्चित करने की कुंजी है।

कंप्यूटर पर 10 लाइंस

Essay on Computer in Hindi जानने के बाद अब कंप्यूटर पर 10 लाइंस जान लेते हैं, जो नीचे दी गई हैं-

  • कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो विभिन्न कार्यों को करने के लिए डेटा को प्रोसेस और संग्रहीत करता है।
  • यह इनपुट, प्रोसेसिंग और आउटपुट के एक चक्र के माध्यम से संचालित होता है, जो इसे अपने कार्यों में बहुमुखी बनाता है।
  • कंप्यूटर के प्रमुख घटकों में सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू), मॉनिटर, कीबोर्ड और माउस शामिल हैं।
  • पिछले कुछ वर्षों में कंप्यूटर बड़ी, भारी मशीनों से कॉम्पैक्ट और शक्तिशाली उपकरणों में विकसित हुए हैं।
  • इनका व्यापक रूप से शिक्षा, व्यवसाय, चिकित्सा, अनुसंधान और मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है।
  • कंप्यूटर के आविष्कार ने संचार में क्रांति ला दी है, जिससे कार्य तेज़ और अधिक कुशल हो गए हैं।
  • कंप्यूटर वैज्ञानिक अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जटिल डेटा की खोज और विश्लेषण में सहायता करते हैं।
  • इंटरनेट के आने के साथ, कंप्यूटर विश्व स्तर पर लोगों को जोड़ते हैं, जिससे सूचनाओं के आदान-प्रदान में सुविधा होती है।
  • साइबर सुरक्षा एक चिंता का विषय है क्योंकि कंप्यूटर वायरस, हैकिंग और डेटा उल्लंघनों जैसे खतरों से जानी पंहुचायी जा सकती है।
  • कंप्यूटर का निरंतर विकास हमारे रहने और काम करने के तरीके को आकार देता है, जो आधुनिक समाज के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करता है।

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो विभिन्न कार्यों को करने के लिए डेटा को प्रोसेस करता है।  इसमें सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू), मॉनिटर, कीबोर्ड और माउस जैसे हार्डवेयर डिवाइस शामिल हैं।

कंप्यूटर इनपुट, प्रोसेसिंग और आउटपुट की प्रक्रिया का पालन करते हैं। यूजर्स डेटा इनपुट करते हैं, सीपीयू इसे प्रोसेस करता है, और आउटपुट के रूप में परिणाम प्रदर्शित होते हैं।  

कंप्यूटर विभिन्न प्रकार के आते हैं, जिनमें पर्सनल कंप्यूटर (डेस्कटॉप और लैपटॉप), सर्वर, मेनफ्रेम, सुपर कंप्यूटर और स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे मोबाइल डिवाइस शामिल हैं।

कंप्यूटर सुरक्षा खतरों में वायरस, मैलवेयर, फ़िशिंग हमले, रैंसमवेयर और अनधिकृत पहुंच शामिल हैं।  इन खतरों से बचाव में एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर, फ़ायरवॉल का उपयोग करना और सुरक्षित ऑनलाइन प्रयोग करना शामिल है।

आशा है कि आपको इस ब्लाॅग में Essay on Computer in Hindi के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। इसी प्रकार के अन्य कोर्स और सिलेबस से जुड़े ब्लॉग्स पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें।

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टेक्नोलॉजी पर निबंध – Essay on Technology in Hindi

Essay on Technology in Hindi: दोस्तो आज हमने  टेक्नोलॉजी पर निबंध  कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 के विद्यार्थियों के लिए लिखा है।

500+ शब्द टेक्नोलॉजी पर निबंध Essay on Technology in Hindi

टेक्नोलॉजी पर इस निबंध में, हम चर्चा करने जा रहे हैं कि टेक्नोलॉजी क्या है, इसके उपयोग क्या हैं, और यह भी कि प्रौद्योगिकी क्या कर सकती है? सबसे पहले, प्रौद्योगिकी तकनीकी और वैज्ञानिक ज्ञान के उपयोग को संदर्भित करता है ताकि मशीनरी का निर्माण, निगरानी और डिजाइन किया जा सके। इसके अलावा, टेक्नोलॉजी मानव जाति की सहायता करने वाले अन्य सामान बनाने में मदद करती है।

Essay on Technology in Hindi

विशेषज्ञ इस विषय पर वर्षों से बहस कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रौद्योगिकी ने मानव जीवन को आसान बनाने के लिए एक लंबा रास्ता तय किया लेकिन इसके नकारात्मक पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। पिछले कुछ वर्षों में तकनीकी प्रगति के कारण प्रदूषण में भारी वृद्धि हुई है। साथ ही, प्रदूषण कई स्वास्थ्य मुद्दों का एक प्रमुख कारण बन गया है। इसके अलावा, इसने समाज के लोगों को जोड़ने के बजाय उन्हें काट दिया है। इन सबसे ऊपर, इसने श्रमिक वर्ग से कई नौकरियां छीन ली हैं।

प्रौद्योगिकी और विज्ञान के बीच की परिचितता

जैसा कि वे पूरी तरह से अलग क्षेत्र हैं, लेकिन वे एक दूसरे पर निर्भर हैं। इसके अलावा, यह विज्ञान योगदान के कारण है कि हम नए नवाचार बना सकते हैं और नए तकनीकी उपकरणों का निर्माण कर सकते हैं। इसके अलावा, प्रयोगशालाओं में किए गए शोध प्रौद्योगिकियों के विकास में बहुत योगदान करते हैं। दूसरी ओर, प्रौद्योगिकी विज्ञान के एजेंडे का विस्तार करती है।

हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा

नियमित रूप से विकसित होती तकनीक हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। इसके अलावा, नई प्रौद्योगिकियां तूफान से बाजार ले जा रही हैं और लोगों को कुछ ही समय में उनकी आदत पड़ रही है। इन सबसे ऊपर, तकनीकी प्रगति ने राष्ट्रों के विकास और विकास को प्रेरित किया है।

हालाँकि तकनीक एक अच्छी चीज है, लेकिन हर चीज के दो पहलू होते हैं। टेक्नोलॉजी के भी दो पहलू होते हैं एक अच्छा और दूसरा बुरा। यहाँ प्रौद्योगिकी के कुछ नकारात्मक पहलू हैं जिनके बारे में हम चर्चा करने जा रहे हैं।

नई तकनीक से औद्योगीकरण बढ़ता है जो हवा, पानी, मिट्टी और शोर जैसे कई प्रदूषणों को जन्म देता है। इसके अलावा, वे जानवरों, पक्षियों और मनुष्यों में कई स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों का कारण बनते हैं।

प्राकृतिक संसाधनों की थकावट नई तकनीक के लिए नए संसाधनों की आवश्यकता होती है जिसके लिए संतुलन गड़बड़ा जाता है। आखिरकार, इससे प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन होगा जो अंततः प्रकृति के संतुलन को बिगाड़ता है।

एक मशीन कई श्रमिकों को बदल सकती है। इसके अलावा, मशीनें बिना रुके कई घंटों या दिनों तक लगातार गति से काम कर सकती हैं। इसके कारण, कई श्रमिकों ने अपनी नौकरी खो दी जो अंततः बेरोजगारी बढ़ाती है ।

प्रौद्योगिकी के प्रकार

आमतौर पर, हम प्रौद्योगिकी को उसी पैमाने पर आंकते हैं लेकिन वास्तव में, प्रौद्योगिकी को विभिन्न प्रकारों में विभाजित किया जाता है। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी, औद्योगिक प्रौद्योगिकी , वास्तुकला प्रौद्योगिकी, रचनात्मक प्रौद्योगिकी और कई और अधिक शामिल हैं। आइए इन तकनीकों पर संक्षिप्त में चर्चा करते हैं।

औद्योगिक प्रौद्योगिकी

यह तकनीक मशीनों के निर्माण के लिए इंजीनियरिंग और विनिर्माण प्रौद्योगिकी का आयोजन करती है। साथ ही, यह उत्पादन प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाता है।

क्रिएटिव टेक्नोलॉजी

इस प्रक्रिया में कला, विज्ञापन और उत्पाद डिजाइन शामिल हैं जो सॉफ्टवेयर की मदद से बनाए जाते हैं। इसके अलावा, इसमें 3 डी प्रिंटर , वर्चुअल रियलिटी, कंप्यूटर ग्राफिक्स और अन्य पहनने योग्य तकनीक शामिल हैं।

सूचान प्रौद्योगिकी

इस तकनीक में सूचना भेजने, प्राप्त करने और संग्रहीत करने के लिए दूरसंचार और कंप्यूटर का उपयोग शामिल है। इंटरनेट सूचना प्रौद्योगिकी का सबसे अच्छा उदाहरण है।

500+ Essays in Hindi – सभी विषय पर 500 से अधिक निबंध

आज, हम अपने दैनिक जीवन में जो कुछ भी उपयोग करते हैं वह प्रौद्योगिकी का एक उपहार है और जिसके बिना हम अपने जीवन की कल्पना नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा, हम उन तथ्यों से इनकार नहीं कर सकते हैं कि इसने हमारे परिवेश को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।

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Essay on Technology Development in India in Hindi

जिस प्रकार दिन ब दिन  टेक्नोलॉजी का विकास हो रहा है उसी के साथ साथ हमारे देश का विकास हो रहा है। टेक्नोलॉजी हमारी जीवन को और भी ज्यादा आसान बनाते जा रहा है।वर्तमान समय को देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि भविष्य में टेक्नोलॉजी से हर काम  होगी। आज के जमाने में टेक्नोलॉजी हर क्षेत्र में काम आ रहा है। टेक्नोलॉजी का विकास विज्ञान से होता है। विज्ञान का चमत्कार आज सभी देख रहे है नई नई टेक्नोलॉजी के रूप में। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल तो सही तरीके से लिया जाए तो वह देश में विकास लाता है परंतु अगर इसका गलत उपयोग किया गया तो इसका दुष्परिणाम देश में भी देखा जा सकता है।

Table of Contents

टेक्नोलॉजी क्या है?

टेक्नोलॉजी का मतलब सभी मेथड,सिस्टम और डिवाइस जिसका इस्तेमाल विज्ञान के क्षेत्र में नई खोज के लिए किया जाता है। विज्ञान की दुनिया में टेक्नोलॉजी का उपयोग हर कोई नहीं कर पाता। बड़े बड़े वैज्ञानिकों ने टेक्नोलॉजी का उपयोग कर बहुत सारे चीजों का आविष्कार किया था ,जिसका इस्तेमाल आज हम सब कर रहे हैं। पुराने समय के मुकाबले आज के समय में हमें जितने भी सुविधाएं मिली है यह सब टेक्नोलॉजी की मदद से मिली है। टेक्नोलॉजी का उपयोग करने के लिए और कुछ नया आविष्कार करने के लिए बहुत सारे विज्ञान का ज्ञान प्राप्त होना चाहिए और मन में कुछ नया बनाने का उद्देश्य होना चाहिए।

नई नई टेक्नोलॉजी को देखते हुए मनुष्य का मानसिक विकास भी बढ़ता जा रहा है। हमारे आसपास दिखने वाली सभी डिवाइसेज और इस्तेमाल की जाने वाली सिस्टम को ही टेक्नोलॉजी कहते हैं।

टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट का महत्व:-

टेक्नोलॉजी का देश विदेश में बहुत महत्व है। किसी भी देश के विकाश का कारण उस देश की टेक्नोलॉजी ही है। देश के आर्थिक विकास का पूरा जिम्मा टेक्नोलॉजी के ऊपर होता है। टेक्नोलॉजी की सहायता से देश के आर्थिक व्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था में सुधार आता है।मनुष्य के जीवन में चटर्जी का इतना महत्व बढ़ चुका है कि एक जगह से दूसरी जगह का हाल खबर हम बैठे बैठे पता लगा लेते हैं। ऐसी जगह जहां पैदल जाने पर हमें साल गुजर जाएगा ,वहां हम घंटों में पहुंच जाते हैं।टेक्नोलॉजी की मदद से बहुत सारी चीजों का आविष्कार किया गया ,जिसका इस्तेमाल मनुष्य करके अपने जीवन को और भी ज्यादा आसान बनाते जा रहे हैं।

आज का पूरा युग टेक्नोलॉजी का यूग हो गया है । टेक्नोलॉजी से ना सिर्फ मानव विकास होता है उसके साथ साथ पूरे देश का भी आर्थिक विकास होता है। टेक्नोलॉजी के विकाश के साथ मानव की मानसिक विकास हो रहा है जिससे और भी नए उपकरणों का आविष्कार होगा। उपकरणों का आविष्कार होगा।

टेक्नोलॉजी किन किन क्षेत्रों में मदद कर रहा है :-

टेक्नोलॉजी आज हर क्षेत्र में मदद कर रहा है कई सरे ऐसे क्षेत्र है जहां पर टेक्नोलॉजी का बहुत बड़ा योगदान है।हनी क्षेत्रों में विकास का कारण टेक्नोलॉजी बनता आ रहा है। निम्न मुख्य क्षेत्र है जैसे –

  कृषि की स्थिति में सुधार : –

टेक्नोलॉजी की मदद से कृषि क्षेत्र ने एक बहुत ही अच्छी गति प्राप्त कर ली है।इसकी वजह से आज खेतों में नए-नए उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। खेतों की जुताई और बीज रोपण सब कुछ नई तकनीक के साथ हो रही है। खेतों में हल चलाने के लिए ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे किसानों को बहुत सहायता मिलती है।     

  खाद्य उत्पादन में बढ़ोतरी :-

खेतों में खाद्य उत्पादन की वृद्धि में भी टेक्नोलॉजी का ही हाथ है। खेतों की सिंचाई बीज रोपण और फसलों की कटाई सब कुछ टेक्नोलॉजी से हो रहा है। नई-नई केमिकल का आविष्कार करके खेतों में फसलों को कम समय में दोगुना उगाया जा रहा है।

औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि:-

टेक्नोलॉजी से औद्योगिक उत्पादन में अधिक वृद्धि हुई है जैसे नए नए उपकरण बनना ,सॉफ्टवेयर की मदद से अनेक डिवाइस में विकाश होना। आज हम सब इंटरनेट और मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे है वो भी टेक्नोलॉजी का देन है।

व्यापार में वृद्धि:-

टेक्नोलॉजी की मदद से व्यापार और व्यापारियों को सबसे ज्यादा वृद्धि हुई है क्योंकि आजकल टेक्नोलॉजी की मदद से ऑनलाइन मिलने लग गई है लोग अपनों को भी खरीद लेते हैं। यह भी टेक्नोलोजी के कारण ही हुआ है।

शिक्षा के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी का विकाश :-

वर्तमान समय में शिक्षा टेक्नोलॉजी की मदद से हो रही है। आज से अगर पिछले 1 वर्ष से देखा जाए तो कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में महामारी फैली हुई थी ।जिसका प्रभाव छात्रों की शिक्षा व्यवस्था में पड़ रहा था। बच्चों की स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए देश विदेश के सरकार ने ई लर्निंग के द्वारा बच्चों को पढ़ाने के विषय में सोचा। जिससे बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकेगी और वह स्कूल के शिक्षकों द्वारा पढ़ सकेंगे।टेक्नोलॉजी के वजह से वर्तमान काल में आज ऑनलाइन शिक्षा द्वारा बच्चों की पढ़ाई चल रही है।

अगर कोई छात्र अपनी शिक्षाएं स्कूल से नहीं ले पा रहा है तो वह मोबाइल के मदद से अपनी शिक्षा पूरी कर सकता है। मोबाइल में ऐसे कई सारे सॉफ्टवेयर बनाए गए हैं ,जोकि इन लर्निंग को फॉलो करता है।स्मार्टफोन इंटरनेट का इस्तेमाल किस प्रकार बढ़ता जा रहा है, टेक्नोलॉजी की मदद से इसमें विकास भी हो रहा है।

टेक्नोलॉजी की मदद से जीवन स्तर में शुरुवात:-

रोजमर्रा की जीवन में जिस प्रकार मनुष्य को टेक्नॉलॉजी की मदद से आरामदायक जिंदगी मिल रही है। प्राचीन काल में इसका अनुमान लगाया भी नहीं जा सकता था। आज मनुष्य की जरूरत की हर चीज उनके सामने हैं जैसे फ्रिज टीवी ,फैन ,कूलर ,वाशिंग मशीन, स्मार्टफोन आदि। टेक्नोलॉजी हमारी जीवन चर्या को और भी आसान बनाता जा रहा है।अनुमान लगाया जा सकता है कि भविष्य में टेक्नोलॉजी का और भी विकास हो जाएगा। चिकित्सा क्षेत्र में भी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है ,जिससे लोगों का जान बचाना और भी आसान हो गया है। टेक्नोलॉजी इतना वृद्धि करता जा रहा है कि आज इंसान जैसे दिखने वाले रोबोट बनाए गए है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से उसमे इंसानों जैसी सोचने समझने की क्षमता को डाला जाता है।जो बिल्कुल इंसान की तरह ही होता है।

निष्कर्ष :-  

टेक्नोलॉजी के विकास से लोगों को बहुत मदद मिल रही है परंतु इसका ज्यादा इस्तेमाल किया गया तो यह हानिकारक भी साबित हो सकता है। टेक्नोलॉजी की मदद से जिस प्रकार हर क्षेत्र में मशीनों का आविष्कार हो रहा है इससे हानिकारक प्रदूषण भी फैल सकता है। चुकी इसका इस्तेमाल हद में किया जाए तो यह हमारे देश को विकास की ओर ले जा सकता है।

FAQ (विषय से संबंधित प्रश्न) :-

1.प्रश्न:- टेक्नोलॉजी से इंटरनेट की शुरुवात कब से हुई?

उत्तर:-   इंटरनेट की शुरुवात 15 अगस्त 1995 में VSNL द्वारा हुई।

2.प्रश्न:- क्या टेक्नोलॉजी का बढ़ना मनुष्यो के लिए घातक साबित हो सकता है?

उत्तर:- अगर टेक्नोलॉजी की वृद्धि हद से ज्यादा हो जाएगी तो मनुष्यो की जगह  टेक्नोलॉजी से बनी रोबोट उपकरण ले लेगी और मनुष्य को नुकसान भी पहुंचा सकती है।

3.प्रश्न:- टेक्नोलॉजी का मनुष्यो के जीवन में गहरा प्रभाव क्या है?

उत्तर:- टेक्नोलॉजी के नए नए उपकरण और डिवाइस आ जाने से मनुष्य आलसी होते जा रहे है क्युकी सारा काम अपने आप ही मसिनो द्वारा हो रहा है। इससे मनुष्य के जीवन में गहरा प्रभाव आ सकता है।

4.प्रश्न:- क्या टेक्नोलॉजी आने वाले समय के लिए सही है?

उत्तर:-  टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल देश के विकाश के लिए किया जाए तो ये सही है परंतु टेक्नोलॉजी का हद से ज्यादा इस्तेमाल भविष्य में गलत साबित हो

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Technical Education Essay in Hindi

किसी व्यावसाय के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं अभिवृतियों की शिक्षा देना तकनीकी शिक्षा है। तकनीकी शिक्षा एक विशिष्ट प्रकार का शिक्षा रुप है जिनका व्यक्ति और समाज के साथ अभिन्न समन्वय है। जो शिक्षा विशेष व्यावहारिक ज्ञान और कौशल प्रदान करती है, उसे तकनीकी शिक्षा के रूप में जाना जाता है। यह सामान्य पारंपरिक शिक्षा से अलग है। यह छात्रों को कृषि, कम्प्यूटर, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, ड्राइविंग आदि क्षेत्रों में कुशल बनाती देती है। जो लोग विशेष तकनीकी कौशल और ज्ञान रखते हैं, उन्हें तकनीशियन कहा जाता है जैसे बढ़ई, ड्राइवर, यांत्रिकी, इंजीनियर, डॉक्टर, पायलट आदि तकनीशियन हैं। तकनीकी शिक्षा किसी देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। निर्माण के हर क्षेत्र में तकनीशियनों की जरूरत होती है।

तकनीकी शिक्षा एक विशिष्ट प्रकार का शिक्षा रुप है जिनका व्यक्ति और समाज के साथ अभिन्न समन्वय है। जो शिक्षा विशेष व्यावहारिक ज्ञान और कौशल प्रदान करती है, उसे तकनीकी शिक्षा के रूप में जाना जाता है। यह शिक्षा विशेष प्रकार के वृत्तिमुखी एवं तकनीकी कार्य करने के लिए परिकल्पित मानव संपदा की सृष्टि में भाग लेती है, इसलिए इस शिक्षा को वृत्तिमुखी तथा तकनीकी शिक्षा कहा जाता है। अर्थात जो शिक्षा शिक्षार्थी को किसी विशेष वृत्ति के समन्वय में ज्ञान एवं कुशलता अर्जित करने में सहायक होती है और पूर्व एवं नव अर्जित दक्षता का प्रयोग कर उस वृत्ति को सुंदर ढंग से संपन्न करने में सक्षम होता है, उसे ही वृत्तिमूलक एवं तकनीकी शिक्षा कहते है।

आज हमारा भारत विकास की ओर बढ़ रहा है कई सुख सुविधाएं हमारे देश को मिल चुकी हैं। अब हमारे देश की तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है क्योंकि जिस देश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दिया जाता है वह देश विकास की ओर बढ़ता हैं। हमारे पास ऐसे युवा व्यक्ति नहीं हैं जो इन साधनों का उचित प्रकार से उपयोग कर सके। सिर्फ तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा ही हमें विशेषज्ञ इंजीनियर और तकनीशियन देती है। हमारे देश में बड़ी मात्रा में इनकी आवश्यकता है। तकनीकी शिक्षा के माध्यम से देश के युवाओं को प्रशिक्षण देकर उनको हुनर सीखा कर आगे बढ़ाया जाता है । जब देश के युवा आगे बढ़ेंगे तब हमारे देश का विकास होगा । हमें सभी व्यवसायों में योग्य और प्रशिक्षित कार्य करने वालों की आवश्यकता है। यह तब ही सम्भव हो सकता है जब हम उन्हें व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण दें। सरकार भी इस विषय को गंभीरता से ले रही है क्योंकि सरकार भी जानती है कि हमारे देश में तकनीकी शिक्षा का स्तर बढ़ाने की आवश्यकता है । तकनीकी शिक्षा को बढ़ाने के लिए हमारे देश में कई इंजीनियरिंग कॉलेज भी खोले गए हैं जहां से युवा प्रशिक्षण लेकर देश के विकास में अपना योगदान दे सकता है ।

तकनीकी शिक्षा की कई समस्याएं हमें देखने को मिलती है जैसे-

  • अनुचित दृष्टिकोण की समस्या

हमारे देश में इस शिक्षा के प्रति लोगों का दृष्टिकोण उचित नहीं है। यहाँ मानसिक श्रम की अपेक्षा शारीरिक श्रम को हेय दृष्टि से देखा जाता है।

  • शिक्षा में अनुपयुक्त माध्यम की समस्या

तकनीकी शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी है। इससे छात्रों को विषय समझने में कठिनाई होती है।

  • संकीर्ण पाठ्यक्रम की समस्या

इस तरह के विद्यालय का पाठ्यक्रम संकीर्ण होता है। ऐसी शिक्षा ग्रहण करने वाले व्यक्तियों के दृष्टिकोण प्राय: भौतिकवादी हो जाता है और वे समाज की विभिन्न रुचियों, प्रवृतियों तथा आवश्यकताओं को नहीं समझ पाते हैं।

  • विद्यालयों का अभाव

स्वतंत्र भारत में अनेक तकनीकी शिक्षा संस्थान स्थापित किये जा चुके हैं। फिर भी व्यापक माँग की अपेक्षा उनकी संख्या कम है। शिक्षा प्राप्त नवयुवक तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने में विशेष रुप से इच्छुक होते हैं, किन्तु विद्यालयों की कमी के कारण उन्हें प्रवेश नहीं मिल पाता है।

  • प्रशिक्षित अध्यापकों का अभाव

तकनीकी शिक्षा संस्थाओं के लिए सुयोग्य प्रशिक्षित अध्यापक नहीं मिल पा रहे हैं जिससे इस शिक्षा के विस्तार-कार्य को काफी धक्का पहुँच रहा है। तकनीकी शिक्षा में जिन विद्यार्थीयों को अच्छे अंक प्राप्त होते हैं, वे आर्थिक कारणों से अन्य संस्थाओं में चले जाते हैं। जिसके कारण औसत मान के विद्यार्थी ही शिक्षकीय पेशा को अपनाते हैं।

  • प्रायोगिक शिक्षा की उपेक्षा

तकनीकी शिक्षा में प्रयोगों का विशेष महत्व है, किन्तु विद्यालयों में सैद्धांतिक शिक्षा पर ही विशेष बल दिया जाता है। तकनीकी विषयों को श्यामपट (ब्लैकबोर्ड) पर ही समझा दिया जाता है। प्रायोगिक शिक्षा के अभाव में विद्यार्थी विषय को अच्छी तरह नहीं समझ पाते और शिक्षा समाप्ति के पश्चात उन्हें व्यावहारिक क्षेत्र में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य की सुविधाओं का अभाव है।

तकनीकी शिक्षा की समस्याओं के समाधान के लिए प्रमुख सुझाव कुछ इस प्रकार है-

  • दृष्टिकोण में परिवर्तन (Change in attitude)

शारीरिक श्रम के प्रति जनता का दृष्टिकोण बदलना आवश्यक है। इसके लिए सरकार एवं समाज संस्थाओं का कर्तव्य है कि वे जनता को शारीरिक श्रम के महत्व से अवगत कराएं।

  • पर्याप्त संख्या में विद्यालयों की स्थापना (Increase in the number of Vocational schools)

सरकार को विभिन्न स्तर की तकनीकी शिक्षा संस्थाओं का स्थापना करनी चाहिए। जिससे की तकनीकी शिक्षा की महत्वता को लोग जान सके।

  • विद्यालयों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों का प्रोत्साहन (Encouragement to the teachers for teaching in Vocational schools)

तकनीकी विद्यालयों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को प्रोत्साहित करना चाहिए। इस शिक्षा के अभाव की समस्या तभी हल की जा सकती है, जब सरकार इन विद्यालयों के शिक्षकों के वेतन में सुधार लाकर उनके समस्याओं का समाधान करे। इन्हें सुधारने से शिक्षकों को प्रोत्साहन मिलेगा।

  • पाठ्यचर्या में सामान्य शिक्षा का स्थान (General Education in curriculum)

तकनीकी शिक्षा के पाठ्यचर्या में सामान्य शिक्षा को भी उचित स्थान देना चाहिए। पाठ्यचर्या का जीवन के साथ सामंजस्य होना आवश्यक है।

  • राष्ट्रीय भाषा एवं मातृभाषा शिक्षा का माध्यम (National language or Mother tongue is the medium of the instruction)

हिंदी को तकनीकी शिक्षा का माध्यम बनाया जा सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि हिन्दी भाषा में समस्त तकनीकी पुस्तकों का अनुवाद कराया जाए।

  • प्रायोगिक शिक्षा का तकनीकी विद्यालयों में महत्वपूर्ण स्थान (Importance place of Technical education in technical school)

तकनीकी विद्यालयों में प्रायोगिक शिक्षा पर विशेष बल देना चाहिए।

तकनीकी शिक्षा की विशेषता-

  • इस शिक्षा का आधार मनोवैज्ञानिक है। यह बालक की रुचि, प्रवृति एवं व्यक्तित्व का ध्यान रखती है। इस शिक्षा योजना में शिक्षक एवं पुस्तक के स्थान पर बालक को विशेष महत्व दिया जाता है।
  • जीवन से संवंधित-यह शिक्षा जीवन से संबंधित है। यह शिक्षा परिवार, श्रम तथा कार्य से संबंधित है।
  • इस शिक्षा का आधार व्यक्तित्व का विकास करना है।
  • तकनीकी शिक्षा एक विशिष्ट शिक्षा है।
  • तकनीकी शिक्षा का रुप स्थिर नहीं रहता है। समय की गति एवं सभ्यता के विकास के साथ इसके रुप में परिवर्तन आता है।
  • यह शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान न प्रदान कर जीवन के हर क्षेत्र के लिए उपयोगी होती है। यही तकनीकी शिक्षा की विशेषता है।

बेरोजगारी की समस्या को हल करने के लिए तकनीकी शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। कुशल लोग बेरोजगार नहीं हो सकते। यदि वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू करते हैं, तो वे अन्य शिक्षित लोगों को नौकरी के अवसर प्रदान कर सकते हैं। इस प्रकार तकनीकी शिक्षा हमें बेरोजगारी की समस्या की गंभीरता को कम करने में मदद करती है। तकनीकी शिक्षा किसी देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। निर्माण के हर क्षेत्र में तकनीशियनों की जरूरत होती है। कारखानों, सड़कों, पुलों, नहरों, भवनों, हवाई अड्डों आदि को बनाने के लिए तकनीशियनों की आवश्यकता होती है। तकनीकी शिक्षा निर्विवाद रूप से राष्ट्र की आर्थिक स्थिति को बढ़ावा देती है। यदि किसी देश में माल का अधिक उत्पादन होता है, तो वह अपने लोगों को आसानी से खिला सकता है। अन्य देशों को अतिरिक्त उत्पादन बेचकर विदेशी मुद्रा अर्जित की जा सकती है। इसी प्रकार और भी कई तकनीकी शिक्षा के लाभ होते है।

तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य-

  • इस शिक्षा का आधार मनोवैज्ञानिक होना चाहिए

यह बालक की रुचि, प्रवृति एवं व्यक्तित्व को ध्यान में रखते हुए शिक्षा योजना में शिक्षक एवं पुस्तक के स्थान पर बालक को विशेष महत्व दिया जाना चाहिए।

  • स्थायी ज्ञान की प्राप्ति

इस शिक्षा प्रणाली में प्रत्येक कार्य को वैज्ञानिक ढ़ंग से सिखाया जाता है। विभिन्न क्रियाओं में सक्रिय भाग लेने तथा क्रियाओं के रुचि के अनुकूल होने से इससे प्राप्त ज्ञान स्थायी होता है।

  • व्यक्ति को आर्थिक दृष्टि से स्वावलम्बन एवं आत्मनिर्भर बनाना

इस शिक्षा प्रणाली में स्वावलम्वन एवं आत्मनिर्भरता के सिद्धान्त को अपनाया जाता है।

  • सर्वागीण विकास

यह शिक्षा बालक के सर्वागीण विकास पर बल देता है।

  • जीवन से संबंधित

यह शिक्षा जीवन से संबंधित है। यह शिक्षा परिवार,श्रम तथा कार्य से संबंधित है।

  • देश की उत्पादन क्षमता को बढ़ाना तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य है।

तकनीकी शिक्षा का मानव जीवन में अत्यधिक महत्व है। दैनिक जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में इस शिक्षा के महत्व का आभास होता है और होना भी चाहिए। आधुनिक युग में तो किसी विशेषधर्मी शिक्षा के अभाव में जीवन निर्वाह ही कठिन है। यातायात वाहनों के प्रयोग, विभिन्न वेश-भूषा की संरचना, रोगों के उपचार, रहन-सहन, सांस्कृतिक परिवेश का संरक्षण, मानसिक विकास, संगीत नृत्य नाट्य, चित्राकंन जैसे कार्य के लिए यह शिक्षा अनिर्वाय है। जीविकोपार्जन सम्बन्धी कार्य करने के लिए यह शिक्षा प्रशिक्षण देता है। कहा जाता है कि मनुष्य रोटी के बिना नहीं रह सकता। रोटी कपड़ा और मकान अनिर्वाय है। इसके लिए मनुष्य को कार्य करना ही पड़ता है। किन्तु बिना समुचित प्रशिक्षण के यह कार्य कठिन है।

तकनीकी शिक्षा के द्वारा व्यक्ति विभिन्न प्रशिक्षण माध्यम से अपना आवश्यकता को पूर्ण कर सकती है। सांस्कृतिक अभिरुचि की पूर्ति के लिए यह शिक्षा आवश्यक है। संस्कृति ही उसे आत्मिक सौंदर्य एवं उल्लास प्रदान करती है। संगीत साहित्य कला के माध्यम से व्यक्ति सुसंस्कृत एवं सभ्य बनता है। उनका रचनात्मक प्रभाव मानवीय आचार-विचार पर पड़ता है। इस शिक्षा का महत्व इसलिए भी है कि यह व्यक्ति की उन्नति का साधन मात्र न होकर समाज एवं राष्ट्र की उन्नती, राष्ट्रीय एकता, अंतर्राष्ट्रीय बंधुत्व जैसे कार्यों में भी योगदान देती है। समाज, जाति तथा राष्ट्र तभी विकास करती है जब उसमें ड़ाक्टर, इंजीनियर, तकनीशियन, कारीगर आदि हों क्योंकि इन लोगों का विशेष ज्ञान , दक्षता एवं अभिज्ञता ही समाज एवं जाति अथवा राष्ट्र की उन्नति के कारण बन जाते हैं। कला-कौशल, वाणिज्य-व्यवसाय तथा तकनीकी इंजीनियरिंग दृष्टि से विकसित राष्ट्र सहज ही आधुनिक विश्व मंच पर महत्वपूर्ण प्रतिष्ठा प्राप्त करते हैं। इसीलिए तकनीकी शिक्षा का अधिक महत्व माना जाता है।

तकनीकी शिक्षा, ज्ञान और अनुभव से परिपूर्ण प्रशिक्षित प्रतिभा का सृजन करने का एक स्वच्छंद, स्थिर एवं अपरंपरागत माध्यम है। यह प्रसन्नता का संकेत है कि सरकार इस समस्या को लेकर गंभीर हैं। स्वतंत्रता से लेकर अब तक हजारों तकनीकी शिक्षण संस्थान खोले जा चुके हैं। किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति कुशल लोगों के हाथों पर निर्भर करती है। राष्ट्र की समृद्धि के उत्थान के लिए हर देश को तकनीकी शिक्षा पर उच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। देश में बढ़ती बेरोजगारी, युवाओं में जन्मती दुष्प्रवृत्तियाँ तथा उनका असामाजिक कृत्यों की ओर झुकाव देश को अराजकता की ओर भधकेल रहा है। इसलिए अनिवार्य है कि हमारी शिक्षा का तकनीकी के साथ सामंजस्य हो, संतुलन हो।

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हिंदी निबंध (Hindi Nibandh / Essay in Hindi) - हिंदी निबंध लेखन, हिंदी निबंध 100, 200, 300, 500 शब्दों में

हिंदी में निबंध (Essay in Hindi) - छात्र जीवन में विभिन्न विषयों पर हिंदी निबंध (essay in hindi) लिखने की आवश्यकता होती है। हिंदी निबंध लेखन (essay writing in hindi) के कई फायदे हैं। हिंदी निबंध से किसी विषय से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित रूप देना आ जाता है तथा विचारों को अभिव्यक्त करने का कौशल विकसित होता है। हिंदी निबंध (hindi nibandh) लिखने की गतिविधि से इन विषयों पर छात्रों के ज्ञान के दायरे का विस्तार होता है जो कि शिक्षा के अहम उद्देश्यों में से एक है। हिंदी में निबंध या लेख लिखने से विषय के बारे में समालोचनात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। साथ ही अच्छा हिंदी निबंध (hindi nibandh) लिखने पर अंक भी अच्छे प्राप्त होते हैं। इसके अलावा हिंदी निबंध (hindi nibandh) किसी विषय से जुड़े आपके पूर्वाग्रहों को दूर कर सटीक जानकारी प्रदान करते हैं जिससे अज्ञानता की वजह से हम लोगों के सामने शर्मिंदा होने से बच जाते हैं।

आइए सबसे पहले जानते हैं कि हिंदी में निबंध की परिभाषा (definition of essay) क्या होती है?

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हिंदी निबंध (Hindi Nibandh / Essay in Hindi) - हिंदी निबंध लेखन, हिंदी निबंध 100, 200, 300, 500 शब्दों में

कुछ सामान्य विषयों (common topics) पर जानकारी जुटाने में छात्रों की सहायता करने के उद्देश्य से हमने हिंदी में निबंध (Essay in Hindi) और भाषणों के रूप में कई लेख तैयार किए हैं। स्कूली छात्रों (कक्षा 1 से 12 तक) एवं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में लगे विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हिंदी निबंध (hindi nibandh), भाषण तथा कविता (useful essays, speeches and poems) से उनको बहुत मदद मिलेगी तथा उनके ज्ञान के दायरे में विस्तार होगा। ऐसे में यदि कभी परीक्षा में इससे संबंधित निबंध आ जाए या भाषण देना होगा, तो छात्र उन परिस्थितियों / प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर पाएँगे।

महत्वपूर्ण लेख :

  • 10वीं के बाद लोकप्रिय कोर्स
  • 12वीं के बाद लोकप्रिय कोर्स
  • क्या एनसीईआरटी पुस्तकें जेईई मेन की तैयारी के लिए काफी हैं?
  • कक्षा 9वीं से नीट की तैयारी कैसे करें

छात्र जीवन प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के सबसे सुनहरे समय में से एक होता है जिसमें उसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। वास्तव में जीवन की आपाधापी और चिंताओं से परे मस्ती से भरा छात्र जीवन ज्ञान अर्जित करने को समर्पित होता है। छात्र जीवन में अर्जित ज्ञान भावी जीवन तथा करियर के लिए सशक्त आधार तैयार करने का काम करता है। नींव जितनी अच्छी और मजबूत होगी उस पर तैयार होने वाला भवन भी उतना ही मजबूत होगा और जीवन उतना ही सुखद और चिंतारहित होगा। इसे देखते हुए स्कूलों में शिक्षक छात्रों को विषयों से संबंधित अकादमिक ज्ञान से लैस करने के साथ ही विभिन्न प्रकार की पाठ्येतर गतिविधियों के जरिए उनके ज्ञान के दायरे का विस्तार करने का प्रयास करते हैं। इन पाठ्येतर गतिविधियों में समय-समय पर हिंदी निबंध (hindi nibandh) या लेख और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन करना शामिल है।

करियर संबंधी महत्वपूर्ण लेख :

  • डॉक्टर कैसे बनें?
  • सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बनें
  • इंजीनियर कैसे बन सकते हैं?

निबंध, गद्य विधा की एक लेखन शैली है। हिंदी साहित्य कोष के अनुसार निबंध ‘किसी विषय या वस्तु पर उसके स्वरूप, प्रकृति, गुण-दोष आदि की दृष्टि से लेखक की गद्यात्मक अभिव्यक्ति है।’ एक अन्य परिभाषा में सीमित समय और सीमित शब्दों में क्रमबद्ध विचारों की अभिव्यक्ति को निबंध की संज्ञा दी गई है। इस तरह कह सकते हैं कि मोटे तौर पर किसी विषय पर अपने विचारों को लिखकर की गई अभिव्यक्ति ही निबंध है।

अन्य महत्वपूर्ण लेख :

  • हिंदी दिवस पर भाषण
  • हिंदी दिवस पर कविता
  • हिंदी पत्र लेखन

आइए अब जानते हैं कि निबंध के कितने अंग होते हैं और इन्हें किस प्रकार प्रभावपूर्ण ढंग से लिखकर आकर्षक बनाया जा सकता है। किसी भी हिंदी निबंध (Essay in hindi) के मोटे तौर पर तीन भाग होते हैं। ये हैं - प्रस्तावना या भूमिका, विषय विस्तार और उपसंहार।

प्रस्तावना (भूमिका)- हिंदी निबंध के इस हिस्से में विषय से पाठकों का परिचय कराया जाता है। निबंध की भूमिका या प्रस्तावना, इसका बेहद अहम हिस्सा होती है। जितनी अच्छी भूमिका होगी पाठकों की रुचि भी निबंध में उतनी ही अधिक होगी। प्रस्तावना छोटी और सटीक होनी चाहिए ताकि पाठक संपूर्ण हिंदी लेख (hindi me lekh) पढ़ने को प्रेरित हों और जुड़ाव बना सकें।

विषय विस्तार- निबंध का यह मुख्य भाग होता है जिसमें विषय के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है। इसमें इसके सभी संभव पहलुओं की जानकारी दी जाती है। हिंदी निबंध (hindi nibandh) के इस हिस्से में अपने विचारों को सिलसिलेवार ढंग से लिखकर अभिव्यक्त करने की खूबी का प्रदर्शन करना होता है।

उपसंहार- निबंध का यह अंतिम भाग होता है, इसमें हिंदी निबंध (hindi nibandh) के विषय पर अपने विचारों का सार रखते हुए पाठक के सामने निष्कर्ष रखा जाता है।

ये भी देखें :

अग्निपथ योजना रजिस्ट्रेशन

अग्निपथ योजना एडमिट कार्ड

अग्निपथ योजना सिलेबस

अंत में यह जानना भी अत्यधिक आवश्यक है कि निबंध कितने प्रकार के होते हैं। मोटे तौर निबंध को निम्नलिखित श्रेणियों में रखा जाता है-

वर्णनात्मक निबंध - इस तरह के निबंधों में किसी घटना, वस्तु, स्थान, यात्रा आदि का वर्णन किया जाता है। इसमें त्योहार, यात्रा, आयोजन आदि पर लेखन शामिल है। इनमें घटनाओं का एक क्रम होता है और इस तरह के निबंध लिखने आसान होते हैं।

विचारात्मक निबंध - इस तरह के निबंधों में मनन-चिंतन की अधिक आवश्यकता होती है। अक्सर ये किसी समस्या – सामाजिक, राजनीतिक या व्यक्तिगत- पर लिखे जाते हैं। विज्ञान वरदान या अभिशाप, राष्ट्रीय एकता की समस्या, बेरोजगारी की समस्या आदि ऐसे विषय हो सकते हैं। इन हिंदी निबंधों (hindi nibandh) में विषय के अच्छे-बुरे पहलुओं पर विचार व्यक्त किया जाता है और समस्या को दूर करने के उपाय भी सुझाए जाते हैं।

भावात्मक निबंध - ऐसे निबंध जिनमें भावनाओं को व्यक्त करने की अधिक स्वतंत्रता होती है। इनमें कल्पनाशीलता के लिए अधिक छूट होती है। भाव की प्रधानता के कारण इन निबंधों में लेखक की आत्मीयता झलकती है। मेरा प्रिय मित्र, यदि मैं डॉक्टर होता जैसे विषय इस श्रेणी में रखे जा सकते हैं।

इसके साथ ही विषय वस्तु की दृष्टि से भी निबंधों को सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, खेल, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसी बहुत सी श्रेणियों में बाँटा जा सकता है।

ये भी पढ़ें-

  • केंद्रीय विद्यालय एडमिशन
  • नवोदय कक्षा 6 प्रवेश
  • एनवीएस एडमिशन कक्षा 9

जिस प्रकार बातचीत को आकर्षक और प्रभावी बनाने के लिए लोग मुहावरे, लोकोक्तियों, सूक्तियों, दोहों, कविताओं आदि की मदद लेते हैं, ठीक उसी तरह निबंध को भी प्रभावी बनाने के लिए इनकी सहायता ली जानी चाहिए। उदाहरण के लिए मित्रता पर हिंदी निबंध (hindi nibandh) लिखते समय तुलसीदास जी की इन पंक्तियों की मदद ले सकते हैं -

जे न मित्र दुख होंहि दुखारी, तिन्हिं बिलोकत पातक भारी।

यानि कि जो व्यक्ति मित्र के दुख से दुखी नहीं होता है, उनको देखने से बड़ा पाप होता है।

हिंदी या मातृभाषा पर निबंध लिखते समय भारतेंदु हरिश्चंद्र की पंक्तियों का प्रयोग करने से चार चाँद लग जाएगा-

निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल

बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।

प्रासंगिकता और अपने विवेक के अनुसार लेखक निबंधों में ऐसी सामग्री का उपयोग निबंध को प्रभावी बनाने के लिए कर सकते हैं। इनका भंडार तैयार करने के लिए जब कभी कोई पंक्ति या उद्धरण अच्छा लगे, तो एकत्रित करते रहें और समय-समय पर इनको दोहराते रहें।

उपरोक्त सभी प्रारूपों का उपयोग कर छात्रों के लिए हमने निम्नलिखित हिंदी में निबंध (Essay in Hindi) तैयार किए हैं -

सुभाष चंद्र बोस ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुभाष चंद्र बोस भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) के नेता थे और बाद में उन्होंने फॉरवर्ड ब्लॉक का गठन किया। इसके माध्यम से भारत में सभी ब्रिटिश विरोधी ताकतों को एकजुट करने की पहल की थी। बोस ब्रिटिश सरकार के मुखर आलोचक थे और स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए और अधिक आक्रामक कार्रवाई की वकालत करते थे। विद्यार्थियों को अक्सर कक्षा और परीक्षा में सुभाष चंद्र बोस जयंती (subhash chandra bose jayanti) या सुभाष चंद्र बोस पर हिंदी में निबंध (subhash chandra bose essay in hindi) लिखने को कहा जाता है। यहां सुभाष चंद्र बोस पर 100, 200 और 500 शब्दों का निबंध दिया गया है।

भारत में 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ। इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस के सम्मान में स्कूलों में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। गणतंत्र दिवस के दिन सभी स्कूलों, सरकारी व गैर सरकारी दफ्तरों में झंडोत्तोलन होता है। राष्ट्रगान गाया जाता है। मिठाईयां बांटी जाती है और अवकाश रहता है। छात्रों और बच्चों के लिए 100, 200 और 500 शब्दों में गणतंत्र दिवस पर निबंध पढ़ें।

26 जनवरी, 1950 को हमारे देश का संविधान लागू किया गया, इसमें भारत को गणतांत्रिक व्यवस्था वाला देश बनाने की राह तैयार की गई। गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाषण (रिपब्लिक डे स्पीच) देने के लिए हिंदी भाषण की उपयुक्त सामग्री (Republic Day Speech Ideas) की यदि आपको भी तलाश है तो समझ लीजिए कि गणतंत्र दिवस पर भाषण (Republic Day speech in Hindi) की आपकी तलाश यहां खत्म होती है। इस राष्ट्रीय पर्व के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक बनाने और उनके ज्ञान को परखने के लिए गणतत्र दिवस पर निबंध (Republic day essay) लिखने का प्रश्न भी परीक्षाओं में पूछा जाता है। इस लेख में दी गई जानकारी की मदद से Gantantra Diwas par nibandh लिखने में भी मदद मिलेगी। Gantantra Diwas par lekh bhashan तैयार करने में इस लेख में दी गई जानकारी की मदद लें और अच्छा प्रदर्शन करें।

मोबाइल फ़ोन को सेल्युलर फ़ोन भी कहा जाता है। मोबाइल आज आधुनिक प्रौद्योगिकी का एक अहम हिस्सा है जिसने दुनिया को एक साथ लाकर हमारे जीवन को बहुत प्रभावित किया है। मोबाइल हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। मोबाइल में इंटरनेट के इस्तेमाल ने कई कामों को बेहद आसान कर दिया है। मनोरंजन, संचार के साथ रोजमर्रा के कामों में भी इसकी अहम भूमिका हो गई है। इस निबंध में मोबाइल फोन के बारे में बताया गया है।

भारत में प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। 14 सितंबर, 1949 को संविधान सभा ने जनभाषा हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्रदान किया। इस दिन की याद में हर वर्ष 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है। वहीं हिंदी भाषा को सम्मान देने के लिए 10 जनवरी को प्रतिवर्ष विश्व हिंदी दिवस (World Hindi Diwas) मनाया जाता है। इस लेख में राष्ट्रीय हिंदी दिवस (14 सितंबर) और विश्व हिंदी दिवस (10 जनवरी) के बारे में चर्चा की गई है।

मकर संक्रांति का त्योहार यूपी, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में 14 जनवरी को मनाया जाता है। इसे खिचड़ी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान के बाद पूजा करके दान करते हैं। इस दिन खिचड़ी, तिल-गुड, चिउड़ा-दही खाने का रिवाज है। प्रयागराज में इस दिन से कुंभ मेला आरंभ होता है। इस लेख में मकर संक्रांति के बारे में बताया गया है।

पर्यावरण से संबंधित मुद्दों की चर्चा करते समय ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा अक्सर होती है। ग्लोबल वार्मिंग का संबंध वैश्विक तापमान में वृद्धि से है। इसके अनेक कारण हैं। इनमें वनों का लगातार कम होना और ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन प्रमुख है। वनों का विस्तार करके और ग्रीन हाउस गैसों पर नियंत्रण करके हम ग्लोबल वार्मिंग की समस्या के समाधान की दिशा में कदम उठा सकते हैं। ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध- कारण और समाधान में इस विषय पर चर्चा की गई है।

भारत में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है। समाचारों में अक्सर भ्रष्टाचार से जुड़े मामले प्रकाश में आते रहते हैं। सरकार ने भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए कई उपाय किए हैं। अलग-अलग एजेंसियां भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्रवाई करती रहती हैं। फिर भी आम जनता को भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता है। हालांकि डिजीटल इंडिया की पहल के बाद कई मामलों में पारदर्शिता आई है। लेकिन भ्रष्टाचार के मामले कम हुए है, समाप्त नहीं हुए हैं। भ्रष्टाचार पर निबंध के माध्यम से आपको इस विषय पर सभी पहलुओं की जानकारी मिलेगी।

समय-समय पर ईश्वरीय शक्ति का एहसास कराने के लिए संत-महापुरुषों का जन्म होता रहा है। गुरु नानक भी ऐसे ही विभूति थे। उन्होंने अपने कार्यों से लोगों को चमत्कृत कर दिया। गुरु नानक की तर्कसम्मत बातों से आम जनमानस उनका मुरीद हो गया। उन्होंने दुनिया को मानवता, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। भारत, पाकिस्तान, अरब और अन्य जगहों पर वर्षों तक यात्रा की और लोगों को उपदेश दिए। गुरु नानक जयंती पर निबंध से आपको उनके व्यक्तित्व और कृतित्व की जानकारी मिलेगी।

कुत्ता हमारे आसपास रहने वाला जानवर है। सड़कों पर, गलियों में कहीं भी कुत्ते घूमते हुए दिख जाते हैं। शौक से लोग कुत्तों को पालते भी हैं। क्योंकि वे घर की रखवाली में सहायक होते हैं। बच्चों को अक्सर परीक्षा में मेरा पालतू कुत्ता विषय पर निबंध लिखने को कहा जाता है। यह लेख बच्चों को मेरा पालतू कुत्ता विषय पर निबंध लिखने में सहायक होगा।

स्वामी विवेकानंद जी हमारे देश का गौरव हैं। विश्व-पटल पर वास्तविक भारत को उजागर करने का कार्य सबसे पहले किसी ने किया तो वें स्वामी विवेकानंद जी ही थे। उन्होंने ही विश्व को भारतीय मानसिकता, विचार, धर्म, और प्रवृति से परिचित करवाया। स्वामी विवेकानंद जी के बारे में जानने के लिए आपको इस लेख को पढ़ना चाहिए। यह लेख निश्चित रूप से आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन करेगा।

हम सभी ने "महिला सशक्तिकरण" या नारी सशक्तिकरण के बारे में सुना होगा। "महिला सशक्तिकरण"(mahila sashaktikaran essay) समाज में महिलाओं की स्थिति को सुदृढ़ बनाने और सभी लैंगिक असमानताओं को कम करने के लिए किए गए कार्यों को संदर्भित करता है। व्यापक अर्थ में, यह विभिन्न नीतिगत उपायों को लागू करके महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण से संबंधित है। प्रत्येक बालिका की स्कूल में उपस्थिति सुनिश्चित करना और उनकी शिक्षा को अनिवार्य बनाना, महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस लेख में "महिला सशक्तिकरण"(mahila sashaktikaran essay) पर कुछ सैंपल निबंध दिए गए हैं, जो निश्चित रूप से सभी के लिए सहायक होंगे।

भगत सिंह एक युवा क्रांतिकारी थे जिन्होंने भारत की आजादी के लिए लड़ते हुए बहुत कम उम्र में ही अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। देश के लिए उनकी भक्ति निर्विवाद है। शहीद भगत सिंह महज 23 साल की उम्र में शहीद हो गए। उन्होंने न केवल भारत की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी, बल्कि वह इसे हासिल करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को भी तैयार थे। उनके निधन से पूरे देश में देशभक्ति की भावना प्रबल हो गई। उनके समर्थकों द्वारा उन्हें शहीद के रूप में सम्मानित किया गया था। वह हमेशा हमारे बीच शहीद भगत सिंह के नाम से ही जाने जाएंगे। भगत सिंह के जीवन परिचय के लिए अक्सर छोटी कक्षा के छात्रों को भगत सिंह पर निबंध तैयार करने को कहा जाता है। इस लेख के माध्यम से आपको भगत सिंह पर निबंध तैयार करने में सहायता मिलेगी।

वसुधैव कुटुंबकम एक संस्कृत वाक्यांश है जिसका अर्थ है "संपूर्ण विश्व एक परिवार है"। यह महा उपनिषद् से लिया गया है। वसुधैव कुटुंबकम वह दार्शनिक अवधारणा है जो सार्वभौमिक भाईचारे और सभी प्राणियों के परस्पर संबंध के विचार को पोषित करती है। यह वाक्यांश संदेश देता है कि प्रत्येक व्यक्ति वैश्विक समुदाय का सदस्य है और हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए, सभी की गरिमा का ध्यान रखने के साथ ही सबके प्रति दयाभाव रखना चाहिए। वसुधैव कुटुंबकम की भावना को पोषित करने की आवश्यकता सदैव रही है पर इसकी आवश्यकता इस समय में पहले से कहीं अधिक है। समय की जरूरत को देखते हुए इसके महत्व से भावी नागरिकों को अवगत कराने के लिए वसुधैव कुटुंबकम विषय पर निबंध या भाषणों का आयोजन भी स्कूलों में किया जाता है। कॅरियर्स360 के द्वारा छात्रों की इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वसुधैव कुटुंबकम विषय पर यह लेख तैयार किया गया है।

गाय भारत के एक बेहद महत्वपूर्ण पशु में से एक है जिस पर न जाने कितने ही लोगों की आजीविका आश्रित है क्योंकि गाय के शरीर से प्राप्त होने वाली हर वस्तु का उपयोग भारतीय लोगों द्वारा किसी न किसी रूप में किया जाता है। ना सिर्फ आजीविका के लिहाज से, बल्कि आस्था के दृष्टिकोण से भी भारत में गाय एक महत्वपूर्ण पशु है क्योंकि भारत में मौजूद सबसे बड़ी आबादी यानी हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों के लिए गाय आस्था का प्रतीक है। ऐसे में विद्यालयों में गाय को लेकर निबंध लिखने का कार्य दिया जाना आम है। गाय के इस निबंध के माध्यम से छात्रों को परीक्षा में पूछे जाने वाले गाय पर निबंध को लिखने में भी सहायता मिलेगी।

क्रिसमस (christmas in hindi) भारत सहित दुनिया भर में मनाए जाने वाले बेहद महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह ईसाइयों का प्रमुख त्योहार है। प्रत्येक वर्ष इसे 25 दिसंबर को मनाया जाता है। क्रिसमस का महत्व समझाने के लिए कई बार स्कूलों में बच्चों को क्रिसमस पर निबंध (christmas in hindi) लिखने का कार्य दिया जाता है। क्रिसमस पर एग्जाम के लिए प्रभावी निबंध तैयार करने का तरीका सीखें।

रक्षाबंधन हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह पर्व पूरी तरह से भाई और बहन के रिश्ते को समर्पित त्योहार है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षाबंधन बांध कर उनके लंबी उम्र की कामना करती हैं। वहीं भाई अपनी बहनों को कोई तोहफा देने के साथ ही जीवन भर उनके सुख-दुख में उनका साथ देने का वचन देते हैं। इस दिन छोटी बच्चियाँ देश के प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को राखी बांधती हैं। रक्षाबंधन पर हिंदी में निबंध (essay on rakshabandhan in hindi) आधारित इस लेख से विद्यार्थियों को रक्षाबंधन के त्योहार पर न सिर्फ लेख लिखने में सहायता प्राप्त होगी, बल्कि वे इसकी सहायता से रक्षाबंधन के पर्व का महत्व भी समझ सकेंगे।

होली त्योहार जल्द ही देश भर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला है। होली आकर्षक और मनोहर रंगों का त्योहार है, यह एक ऐसा त्योहार है जो हर धर्म, संप्रदाय, जाति के बंधन की सीमा से परे जाकर लोगों को भाई-चारे का संदेश देता है। होली अंदर के अहंकार और बुराई को मिटा कर सभी के साथ हिल-मिलकर, भाई-चारे, प्रेम और सौहार्द्र के साथ रहने का त्योहार है। होली पर हिंदी में निबंध (hindi mein holi par nibandh) को पढ़ने से होली के सभी पहलुओं को जानने में मदद मिलेगी और यदि परीक्षा में holi par hindi mein nibandh लिखने को आया तो अच्छा अंक लाने में भी सहायता मिलेगी।

दशहरा हिंदू धर्म में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। बच्चों को विद्यालयों में दशहरा पर निबंध (Essay in hindi on Dussehra) लिखने को भी कहा जाता है, जिससे उनकी दशहरा के प्रति उत्सुकता बनी रहे और उन्हें दशहरा के बारे पूर्ण जानकारी भी मिले। दशहरा पर निबंध (Essay on Dussehra in Hindi) के इस लेख में हम देखेंगे कि लोग दशहरा कैसे और क्यों मनाते हैं, इसलिए हिंदी में दशहरा पर निबंध (Essay on Dussehra in Hindi) के इस लेख को पूरा जरूर पढ़ें।

हमें उम्मीद है कि दीवाली त्योहार पर हिंदी में निबंध उन युवा शिक्षार्थियों के लिए फायदेमंद साबित होगा जो इस विषय पर निबंध लिखना चाहते हैं। हमने नीचे दिए गए निबंध में शुभ दिवाली त्योहार (Diwali Festival) के सार को सही ठहराने के लिए अपनी ओर से एक मामूली प्रयास किया है। बच्चे दिवाली पर हिंदी के इस निबंध से कुछ सीख कर लाभ उठा सकते हैं कि वाक्यों को कैसे तैयार किया जाए, Class 1 से 10 तक के लिए दीपावली पर निबंध हिंदी में तैयार करने के लिए इसके लिंक पर जाएँ।

बाल दिवस पर भाषण (Children's Day Speech In Hindi), बाल दिवस पर हिंदी में निबंध (Children's Day essay In Hindi), बाल दिवस गीत, कविता पाठ, चित्रकला, खेलकूद आदि से जुड़ी प्रतियोगिताएं बाल दिवस के मौके पर आयोजित की जाती हैं। स्कूलों में बाल दिवस पर भाषण देने और बाल दिवस पर हिंदी में निबंध लिखने के लिए उपयोगी सामग्री इस लेख में मिलेगी जिसकी मदद से बाल दिवस पर भाषण देने और बाल दिवस के लिए निबंध तैयार करने में मदद मिलेगी। कई बार तो परीक्षाओं में भी बाल दिवस पर लेख लिखने का प्रश्न पूछा जाता है। इसमें भी यह लेख मददगार होगा।

हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है। भारत देश अनेकता में एकता वाला देश है। अपने विविध धर्म, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के साथ, भारत के लोग सद्भाव, एकता और सौहार्द के साथ रहते हैं। भारत में बोली जाने वाली विभिन्न भाषाओं में, हिंदी सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली और बोली जाने वाली भाषा है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार 14 सितंबर 1949 को हिंदी भाषा को राजभाषा के रूप में अपनाया गया था। हमारी मातृभाषा हिंदी और देश के प्रति सम्मान दिखाने के लिए हिंदी दिवस का आयोजन किया जाता है। हिंदी दिवस पर भाषण के लिए उपयोगी जानकारी इस लेख में मिलेगी।

हिन्दी में कवियों की परम्परा बहुत लम्बी है। हिंदी के महान कवियों ने कालजयी रचनाएं लिखी हैं। हिंदी में निबंध और वाद-विवाद आदि का जितना महत्व है उतना ही महत्व हिंदी कविताओं और कविता-पाठ का भी है। हिंदी दिवस पर विद्यालय या अन्य किसी आयोजन पर हिंदी कविता भी चार चाँद लगाने का काम करेगी। हिंदी दिवस कविता के इस लेख में हम हिंदी भाषा के सम्मान में रचित, हिंदी का महत्व बतलाती विभिन्न कविताओं की जानकारी दी गई है।

15 अगस्त, 1947 को हमारा देश भारत 200 सालों के अंग्रेजी हुकूमत से आजाद हुआ था। यही वजह है कि यह दिन इतिहास में दर्ज हो गया और इसे भारत के स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मनाया जाने लगा। इस दिन देश के प्रधानमंत्री लालकिले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते तो हैं ही और साथ ही इसके बाद वे पूरे देश को लालकिले से संबोधित भी करते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री का पूरा भाषण टीवी व रेडियो के माध्यम से पूरे देश में प्रसारित किया जाता है। इसके अलावा देश भर में इस दिन सभी कार्यालयों में छुट्टी होती है। स्कूल्स व कॉलेज में रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्वतंत्रता दिवस से संबंधित संपूर्ण जानकारी आपको इस लेख में मिलेगी जो निश्चित तौर पर आपके लिए लेख लिखने में सहायक सिद्ध होगी।

प्रदूषण पृथ्वी पर वर्तमान के उन प्रमुख मुद्दों में से एक है, जो हमारी पृथ्वी को व्यापक स्तर पर प्रभावित कर रहा है। यह एक ऐसा मुद्दा है जो लंबे समय से चर्चा में है, 21वीं सदी में इसका हानिकारक प्रभाव बड़े पैमाने पर महसूस किया जा रहा है। हालांकि विभिन्न देशों की सरकारों ने इन प्रभावों को रोकने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं, लेकिन अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना बाकी है। इससे कई प्राकृतिक प्रक्रियाओं में गड़बड़ी आती है। इतना ही नहीं, आज कई वनस्पतियां और जीव-जंतु या तो विलुप्त हो चुके हैं या विलुप्त होने की कगार पर हैं। प्रदूषण की मात्रा में तेजी से वृद्धि के कारण पशु तेजी से न सिर्फ अपना घर खो रहे हैं, बल्कि जीने लायक प्रकृति को भी खो रहे हैं। प्रदूषण ने दुनिया भर के कई प्रमुख शहरों को प्रभावित किया है। इन प्रदूषित शहरों में से अधिकांश भारत में ही स्थित हैं। दुनिया के कुछ सबसे प्रदूषित शहरों में दिल्ली, कानपुर, बामेंडा, मॉस्को, हेज़, चेरनोबिल, बीजिंग शामिल हैं। हालांकि इन शहरों ने प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन अभी बहुत कुछ और बहुत ही तेजी के साथ किए जाने की जरूरत है।

वायु प्रदूषण पर हिंदी में निबंध के ज़रिए हम इसके बारे में थोड़ा गहराई से जानेंगे। वायु प्रदूषण पर लेख (Essay on Air Pollution) से इस समस्या को जहाँ समझने में आसानी होगी वहीं हम वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पहलुओं के बारे में भी जान सकेंगे। इससे स्कूली विद्यार्थियों को वायु प्रदूषण पर निबंध (Essay on Air Pollution) तैयार करने में भी मदद होगी। हिंदी में वायु प्रदूषण पर निबंध से परीक्षा में बेहतर स्कोर लाने में मदद मिलेगी।

एक बड़े भू-क्षेत्र में लंबे समय तक रहने वाले मौसम की औसत स्थिति को जलवायु की संज्ञा दी जाती है। किसी भू-भाग की जलवायु पर उसकी भौगोलिक स्थिति का सर्वाधिक असर पड़ता है। पृथ्वी ग्रह का बुखार (तापमान) लगातार बढ़ रहा है। सरकारों को इसमें नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त कदम उठाने होंगे। जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने के लिए सरकारों को सतत विकास के उपायों में निवेश करने, ग्रीन जॉब, हरित अर्थव्यवस्था के निर्माण की ओर आगे बढ़ने की जरूरत है। पृथ्वी पर जीवन को बचाए रखने, इसे स्वस्थ रखने और ग्लोबल वार्मिंग के खतरों से निपटने के लिए सभी देशों को मिलकर ईमानदारी से काम करना होगा। ग्लोबल वार्मिंग या जलवायु परिवर्तन पर निबंध के जरिए छात्रों को इस विषय और इससे जुड़ी समस्याओं और समाधान के बारे में जानने को मिलेगा।

हमारी यह पृथ्वी जिस पर हम सभी निवास करते हैं इसके पर्यावरण के संरक्षण के लिए विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) हर साल 5 जून को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1972 में मानव पर्यावरण पर आयोजित संयुक्त राष्ट्र सम्मलेन के दौरान हुई थी। पहला विश्व पर्यावरण दिवस (Environment Day) 5 जून 1974 को “केवल एक पृथ्वी” (Only One Earth) स्लोगन/थीम के साथ मनाया गया था, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी ने भी भाग लिया था। इसी सम्मलेन में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की भी स्थापना की गई थी। इस विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) को मनाने का उद्देश्य विश्व के लोगों के भीतर पर्यावरण (Environment) के प्रति जागरूकता लाना और साथ ही प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करना भी है। इसी विषय पर विचार करते हुए 19 नवंबर, 1986 को पर्यवरण संरक्षण अधिनियम लागू किया गया तथा 1987 से हर वर्ष पर्यावरण दिवस की मेजबानी करने के लिए अलग-अलग देश को चुना गया।

आज के युग में जब हम अपना अधिकतर समय पढाई पर केंद्रित करने का प्रयास करते नजर आते हैं और साथ ही अपना ज़्यादातर समय ऑनलाइन रह कर व्यतीत करना पसंद करते हैं, ऐसे में हमारे जीवन में खेलों का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। खेल हमारे लिए केवल मनोरंजन का साधन ही नहीं, अपितु हमारे सर्वांगीण विकास का एक माध्यम भी है। हमारे जीवन में खेल उतना ही जरूरी है, जितना पढाई करना। आज कल के युग में मानव जीवन में शारीरिक कार्य की तुलना में मानसिक कार्य में बढ़ोतरी हुई है और हमारी जीवन शैली भी बदल गई है, हम रात को देर से सोते हैं और साथ ही सुबह देर से उठते हैं। जाहिर है कि यह दिनचर्या स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं है और इसके साथ ही कार्य या पढाई की वजह से मानसिक तनाव पहले की तुलना में वृद्धि महसूस की जा सकती है। ऐसी स्थिति में जब हमारे जीवन में शारीरिक परिश्रम अधिक नहीं है, तो हमारे जीवन में खेलो का महत्व बहुत अधिक बढ़ जाता है।

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हमेशा से कहा जाता रहा है कि ‘आवश्यकता ही अविष्कार की जननी है’, जैसे-जैसे मानव की आवश्यकता बढती गई, वैसे-वैसे उसने अपनी सुविधा के लिए अविष्कार करना आरंभ किया। विज्ञान से तात्पर्य एक ऐसे व्यवस्थित ज्ञान से है जो विचार, अवलोकन तथा प्रयोगों से प्राप्त किया जाता है, जो कि किसी अध्ययन की प्रकृति या सिद्धांतों की जानकारी प्राप्त करने के लिए किए जाते हैं। विज्ञान शब्द का प्रयोग ज्ञान की ऐसी शाखा के लिए भी किया जाता है, जो तथ्य, सिद्धांत और तरीकों का प्रयोग और परिकल्पना से स्थापित और व्यवस्थित करता है।

शिक्षक अपने शिष्य के जीवन के साथ साथ उसके चरित्र निर्माण में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। कहा जाता है कि सबसे पहली गुरु माँ होती है, जो अपने बच्चों को जीवन प्रदान करने के साथ-साथ जीवन के आधार का ज्ञान भी देती है। इसके बाद अन्य शिक्षकों का स्थान होता है। किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण करना बहुत ही बड़ा और कठिन कार्य है। व्यक्ति को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उसके चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करना भी उसी प्रकार का कार्य है, जैसे कोई कुम्हार मिट्टी से बर्तन बनाने का कार्य करता है। इसी प्रकार शिक्षक अपने छात्रों को शिक्षा प्रदान करने के साथ साथ उसके व्यक्तित्व का निर्माण भी करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत 1908 में हुई थी, जब न्यूयॉर्क शहर की सड़को पर हजारों महिलाएं घंटों काम के लिए बेहतर वेतन और सम्मान तथा समानता के अधिकार को प्राप्त करने के लिए उतरी थीं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने का प्रस्ताव क्लारा जेटकिन का था जिन्होंने 1910 में यह प्रस्ताव रखा था। पहला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्ज़रलैंड में मनाया गया था।

हम उम्मीद करते हैं कि स्कूली छात्रों के लिए तैयार उपयोगी हिंदी में निबंध, भाषण और कविता (Essays, speech and poems for school students) के इस संकलन से निश्चित तौर पर छात्रों को मदद मिलेगी।

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बाल श्रम को बच्चो द्वारा रोजगार के लिए किसी भी प्रकार के कार्य को करने के रूप में परिभाषित किया गया है जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा डालता है और उन्हें मूलभूत शैक्षिक और मनोरंजक जरूरतों तक पहुंच से वंचित करता है। एक बच्चे को आम तौर व्यस्क तब माना जाता है जब वह पंद्रह वर्ष या उससे अधिक का हो जाता है। इस आयु सीमा से कम के बच्चों को किसी भी प्रकार के जबरन रोजगार में संलग्न होने की अनुमति नहीं है। बाल श्रम बच्चों को सामान्य परवरिश का अनुभव करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने और उनके शारीरिक और भावनात्मक विकास में बाधा के रूप में देखा जाता है। जानिए कैसे तैयार करें बाल श्रम या फिर कहें तो बाल मजदूरी पर निबंध।

एपीजे अब्दुल कलाम की गिनती आला दर्जे के वैज्ञानिक होने के साथ ही प्रभावी नेता के तौर पर भी होती है। वह 21वीं सदी के प्रसिद्ध वैज्ञानिकों में से एक हैं। कलाम देश के 11वें राष्ट्रपति बने, अपने कार्यकाल में समाज को लाभ पहुंचाने वाली कई पहलों की शुरुआत की। मेरा प्रिय नेता विषय पर अक्सर परीक्षा में निबंध लिखने का प्रश्न पूछा जाता है। जानिए कैसे तैयार करें अपने प्रिय नेता: एपीजे अब्दुल कलाम पर निबंध।

हमारे जीवन में बहुत सारे लोग आते हैं। उनमें से कई को भुला दिया जाता है, लेकिन कुछ का हम पर स्थायी प्रभाव पड़ता है। भले ही हमारे कई दोस्त हों, उनमें से कम ही हमारे अच्छे दोस्त होते हैं। कहा भी जाता है कि सौ दोस्तों की भीड़ के मुक़ाबले जीवन में एक सच्चा/अच्छा दोस्त होना काफी है। यह लेख छात्रों को 'मेरे प्रिय मित्र'(My Best Friend Nibandh) पर निबंध तैयार करने में सहायता करेगा।

3 फरवरी, 1879 को भारत के हैदराबाद में एक बंगाली परिवार ने सरोजिनी नायडू का दुनिया में स्वागत किया। उन्होंने कम उम्र में ही कविता लिखना शुरू कर दिया था। उन्होंने कैम्ब्रिज में किंग्स कॉलेज और गिर्टन, दोनों ही पाठ्यक्रमों में दाखिला लेकर अपनी पढ़ाई पूरी की। जब वह एक बच्ची थी, तो कुछ भारतीय परिवारों ने अपनी बेटियों को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। हालाँकि, सरोजिनी नायडू के परिवार ने लगातार उदार मूल्यों का समर्थन किया। वह न्याय की लड़ाई में विरोध की प्रभावशीलता पर विश्वास करते हुए बड़ी हुई। सरोजिनी नायडू से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इस लेख को पढ़ें।

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Frequently Asked Question (FAQs)

किसी भी हिंदी निबंध (Essay in hindi) को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है- ये हैं- प्रस्तावना या भूमिका, विषय विस्तार और उपसंहार (conclusion)।

हिंदी निबंध लेखन शैली की दृष्टि से मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं-

वर्णनात्मक हिंदी निबंध - इस तरह के निबंधों में किसी घटना, वस्तु, स्थान, यात्रा आदि का वर्णन किया जाता है।

विचारात्मक निबंध - इस तरह के निबंधों में मनन-चिंतन की अधिक आवश्यकता होती है।

भावात्मक निबंध - ऐसे निबंध जिनमें भावनाओं को व्यक्त करने की अधिक स्वतंत्रता होती है।

विषय वस्तु की दृष्टि से भी निबंधों को सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, खेल, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसी बहुत सी श्रेणियों में बाँटा जा सकता है।

निबंध में समुचित जगहों पर मुहावरे, लोकोक्तियों, सूक्तियों, दोहों, कविता का प्रयोग करके इसे प्रभावी बनाने में मदद मिलती है। हिंदी निबंध के प्रभावी होने पर न केवल बेहतर अंक मिलेंगी बल्कि असल जीवन में अपनी बात रखने का कौशल भी विकसित होगा।

कुछ उपयोगी विषयों पर हिंदी में निबंध के लिए ऊपर लेख में दिए गए लिंक्स की मदद ली जा सकती है।

निबंध, गद्य विधा की एक लेखन शैली है। हिंदी साहित्य कोष के अनुसार निबंध ‘किसी विषय या वस्तु पर उसके स्वरूप, प्रकृति, गुण-दोष आदि की दृष्टि से लेखक की गद्यात्मक अभिव्यक्ति है।’ एक अन्य परिभाषा में सीमित समय और सीमित शब्दों में क्रमबद्ध विचारों की अभिव्यक्ति को निबंध की संज्ञा दी गई है। इस तरह कह सकते हैं कि मोटे तौर पर किसी विषय पर अपने विचारों को लिखकर की गई अभिव्यक्ति निबंध है।

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Data Administrator

Database professionals use software to store and organise data such as financial information, and customer shipping records. Individuals who opt for a career as data administrators ensure that data is available for users and secured from unauthorised sales. DB administrators may work in various types of industries. It may involve computer systems design, service firms, insurance companies, banks and hospitals.

Bio Medical Engineer

The field of biomedical engineering opens up a universe of expert chances. An Individual in the biomedical engineering career path work in the field of engineering as well as medicine, in order to find out solutions to common problems of the two fields. The biomedical engineering job opportunities are to collaborate with doctors and researchers to develop medical systems, equipment, or devices that can solve clinical problems. Here we will be discussing jobs after biomedical engineering, how to get a job in biomedical engineering, biomedical engineering scope, and salary. 

Ethical Hacker

A career as ethical hacker involves various challenges and provides lucrative opportunities in the digital era where every giant business and startup owns its cyberspace on the world wide web. Individuals in the ethical hacker career path try to find the vulnerabilities in the cyber system to get its authority. If he or she succeeds in it then he or she gets its illegal authority. Individuals in the ethical hacker career path then steal information or delete the file that could affect the business, functioning, or services of the organization.

GIS officer work on various GIS software to conduct a study and gather spatial and non-spatial information. GIS experts update the GIS data and maintain it. The databases include aerial or satellite imagery, latitudinal and longitudinal coordinates, and manually digitized images of maps. In a career as GIS expert, one is responsible for creating online and mobile maps.

Data Analyst

The invention of the database has given fresh breath to the people involved in the data analytics career path. Analysis refers to splitting up a whole into its individual components for individual analysis. Data analysis is a method through which raw data are processed and transformed into information that would be beneficial for user strategic thinking.

Data are collected and examined to respond to questions, evaluate hypotheses or contradict theories. It is a tool for analyzing, transforming, modeling, and arranging data with useful knowledge, to assist in decision-making and methods, encompassing various strategies, and is used in different fields of business, research, and social science.

Geothermal Engineer

Individuals who opt for a career as geothermal engineers are the professionals involved in the processing of geothermal energy. The responsibilities of geothermal engineers may vary depending on the workplace location. Those who work in fields design facilities to process and distribute geothermal energy. They oversee the functioning of machinery used in the field.

Database Architect

If you are intrigued by the programming world and are interested in developing communications networks then a career as database architect may be a good option for you. Data architect roles and responsibilities include building design models for data communication networks. Wide Area Networks (WANs), local area networks (LANs), and intranets are included in the database networks. It is expected that database architects will have in-depth knowledge of a company's business to develop a network to fulfil the requirements of the organisation. Stay tuned as we look at the larger picture and give you more information on what is db architecture, why you should pursue database architecture, what to expect from such a degree and what your job opportunities will be after graduation. Here, we will be discussing how to become a data architect. Students can visit NIT Trichy , IIT Kharagpur , JMI New Delhi . 

Remote Sensing Technician

Individuals who opt for a career as a remote sensing technician possess unique personalities. Remote sensing analysts seem to be rational human beings, they are strong, independent, persistent, sincere, realistic and resourceful. Some of them are analytical as well, which means they are intelligent, introspective and inquisitive. 

Remote sensing scientists use remote sensing technology to support scientists in fields such as community planning, flight planning or the management of natural resources. Analysing data collected from aircraft, satellites or ground-based platforms using statistical analysis software, image analysis software or Geographic Information Systems (GIS) is a significant part of their work. Do you want to learn how to become remote sensing technician? There's no need to be concerned; we've devised a simple remote sensing technician career path for you. Scroll through the pages and read.

Budget Analyst

Budget analysis, in a nutshell, entails thoroughly analyzing the details of a financial budget. The budget analysis aims to better understand and manage revenue. Budget analysts assist in the achievement of financial targets, the preservation of profitability, and the pursuit of long-term growth for a business. Budget analysts generally have a bachelor's degree in accounting, finance, economics, or a closely related field. Knowledge of Financial Management is of prime importance in this career.

Underwriter

An underwriter is a person who assesses and evaluates the risk of insurance in his or her field like mortgage, loan, health policy, investment, and so on and so forth. The underwriter career path does involve risks as analysing the risks means finding out if there is a way for the insurance underwriter jobs to recover the money from its clients. If the risk turns out to be too much for the company then in the future it is an underwriter who will be held accountable for it. Therefore, one must carry out his or her job with a lot of attention and diligence.

Finance Executive

Product manager.

A Product Manager is a professional responsible for product planning and marketing. He or she manages the product throughout the Product Life Cycle, gathering and prioritising the product. A product manager job description includes defining the product vision and working closely with team members of other departments to deliver winning products.  

Operations Manager

Individuals in the operations manager jobs are responsible for ensuring the efficiency of each department to acquire its optimal goal. They plan the use of resources and distribution of materials. The operations manager's job description includes managing budgets, negotiating contracts, and performing administrative tasks.

Stock Analyst

Individuals who opt for a career as a stock analyst examine the company's investments makes decisions and keep track of financial securities. The nature of such investments will differ from one business to the next. Individuals in the stock analyst career use data mining to forecast a company's profits and revenues, advise clients on whether to buy or sell, participate in seminars, and discussing financial matters with executives and evaluate annual reports.

A Researcher is a professional who is responsible for collecting data and information by reviewing the literature and conducting experiments and surveys. He or she uses various methodological processes to provide accurate data and information that is utilised by academicians and other industry professionals. Here, we will discuss what is a researcher, the researcher's salary, types of researchers.

Welding Engineer

Welding Engineer Job Description: A Welding Engineer work involves managing welding projects and supervising welding teams. He or she is responsible for reviewing welding procedures, processes and documentation. A career as Welding Engineer involves conducting failure analyses and causes on welding issues. 

Transportation Planner

A career as Transportation Planner requires technical application of science and technology in engineering, particularly the concepts, equipment and technologies involved in the production of products and services. In fields like land use, infrastructure review, ecological standards and street design, he or she considers issues of health, environment and performance. A Transportation Planner assigns resources for implementing and designing programmes. He or she is responsible for assessing needs, preparing plans and forecasts and compliance with regulations.

Environmental Engineer

Individuals who opt for a career as an environmental engineer are construction professionals who utilise the skills and knowledge of biology, soil science, chemistry and the concept of engineering to design and develop projects that serve as solutions to various environmental problems. 

Safety Manager

A Safety Manager is a professional responsible for employee’s safety at work. He or she plans, implements and oversees the company’s employee safety. A Safety Manager ensures compliance and adherence to Occupational Health and Safety (OHS) guidelines.

Conservation Architect

A Conservation Architect is a professional responsible for conserving and restoring buildings or monuments having a historic value. He or she applies techniques to document and stabilise the object’s state without any further damage. A Conservation Architect restores the monuments and heritage buildings to bring them back to their original state.

Structural Engineer

A Structural Engineer designs buildings, bridges, and other related structures. He or she analyzes the structures and makes sure the structures are strong enough to be used by the people. A career as a Structural Engineer requires working in the construction process. It comes under the civil engineering discipline. A Structure Engineer creates structural models with the help of computer-aided design software. 

Highway Engineer

Highway Engineer Job Description:  A Highway Engineer is a civil engineer who specialises in planning and building thousands of miles of roads that support connectivity and allow transportation across the country. He or she ensures that traffic management schemes are effectively planned concerning economic sustainability and successful implementation.

Field Surveyor

Are you searching for a Field Surveyor Job Description? A Field Surveyor is a professional responsible for conducting field surveys for various places or geographical conditions. He or she collects the required data and information as per the instructions given by senior officials. 

Orthotist and Prosthetist

Orthotists and Prosthetists are professionals who provide aid to patients with disabilities. They fix them to artificial limbs (prosthetics) and help them to regain stability. There are times when people lose their limbs in an accident. In some other occasions, they are born without a limb or orthopaedic impairment. Orthotists and prosthetists play a crucial role in their lives with fixing them to assistive devices and provide mobility.

Pathologist

A career in pathology in India is filled with several responsibilities as it is a medical branch and affects human lives. The demand for pathologists has been increasing over the past few years as people are getting more aware of different diseases. Not only that, but an increase in population and lifestyle changes have also contributed to the increase in a pathologist’s demand. The pathology careers provide an extremely huge number of opportunities and if you want to be a part of the medical field you can consider being a pathologist. If you want to know more about a career in pathology in India then continue reading this article.

Veterinary Doctor

Speech therapist, gynaecologist.

Gynaecology can be defined as the study of the female body. The job outlook for gynaecology is excellent since there is evergreen demand for one because of their responsibility of dealing with not only women’s health but also fertility and pregnancy issues. Although most women prefer to have a women obstetrician gynaecologist as their doctor, men also explore a career as a gynaecologist and there are ample amounts of male doctors in the field who are gynaecologists and aid women during delivery and childbirth. 

Audiologist

The audiologist career involves audiology professionals who are responsible to treat hearing loss and proactively preventing the relevant damage. Individuals who opt for a career as an audiologist use various testing strategies with the aim to determine if someone has a normal sensitivity to sounds or not. After the identification of hearing loss, a hearing doctor is required to determine which sections of the hearing are affected, to what extent they are affected, and where the wound causing the hearing loss is found. As soon as the hearing loss is identified, the patients are provided with recommendations for interventions and rehabilitation such as hearing aids, cochlear implants, and appropriate medical referrals. While audiology is a branch of science that studies and researches hearing, balance, and related disorders.

An oncologist is a specialised doctor responsible for providing medical care to patients diagnosed with cancer. He or she uses several therapies to control the cancer and its effect on the human body such as chemotherapy, immunotherapy, radiation therapy and biopsy. An oncologist designs a treatment plan based on a pathology report after diagnosing the type of cancer and where it is spreading inside the body.

Are you searching for an ‘Anatomist job description’? An Anatomist is a research professional who applies the laws of biological science to determine the ability of bodies of various living organisms including animals and humans to regenerate the damaged or destroyed organs. If you want to know what does an anatomist do, then read the entire article, where we will answer all your questions.

For an individual who opts for a career as an actor, the primary responsibility is to completely speak to the character he or she is playing and to persuade the crowd that the character is genuine by connecting with them and bringing them into the story. This applies to significant roles and littler parts, as all roles join to make an effective creation. Here in this article, we will discuss how to become an actor in India, actor exams, actor salary in India, and actor jobs. 

Individuals who opt for a career as acrobats create and direct original routines for themselves, in addition to developing interpretations of existing routines. The work of circus acrobats can be seen in a variety of performance settings, including circus, reality shows, sports events like the Olympics, movies and commercials. Individuals who opt for a career as acrobats must be prepared to face rejections and intermittent periods of work. The creativity of acrobats may extend to other aspects of the performance. For example, acrobats in the circus may work with gym trainers, celebrities or collaborate with other professionals to enhance such performance elements as costume and or maybe at the teaching end of the career.

Video Game Designer

Career as a video game designer is filled with excitement as well as responsibilities. A video game designer is someone who is involved in the process of creating a game from day one. He or she is responsible for fulfilling duties like designing the character of the game, the several levels involved, plot, art and similar other elements. Individuals who opt for a career as a video game designer may also write the codes for the game using different programming languages.

Depending on the video game designer job description and experience they may also have to lead a team and do the early testing of the game in order to suggest changes and find loopholes.

Radio Jockey

Radio Jockey is an exciting, promising career and a great challenge for music lovers. If you are really interested in a career as radio jockey, then it is very important for an RJ to have an automatic, fun, and friendly personality. If you want to get a job done in this field, a strong command of the language and a good voice are always good things. Apart from this, in order to be a good radio jockey, you will also listen to good radio jockeys so that you can understand their style and later make your own by practicing.

A career as radio jockey has a lot to offer to deserving candidates. If you want to know more about a career as radio jockey, and how to become a radio jockey then continue reading the article.

Choreographer

The word “choreography" actually comes from Greek words that mean “dance writing." Individuals who opt for a career as a choreographer create and direct original dances, in addition to developing interpretations of existing dances. A Choreographer dances and utilises his or her creativity in other aspects of dance performance. For example, he or she may work with the music director to select music or collaborate with other famous choreographers to enhance such performance elements as lighting, costume and set design.

Social Media Manager

A career as social media manager involves implementing the company’s or brand’s marketing plan across all social media channels. Social media managers help in building or improving a brand’s or a company’s website traffic, build brand awareness, create and implement marketing and brand strategy. Social media managers are key to important social communication as well.

Photographer

Photography is considered both a science and an art, an artistic means of expression in which the camera replaces the pen. In a career as a photographer, an individual is hired to capture the moments of public and private events, such as press conferences or weddings, or may also work inside a studio, where people go to get their picture clicked. Photography is divided into many streams each generating numerous career opportunities in photography. With the boom in advertising, media, and the fashion industry, photography has emerged as a lucrative and thrilling career option for many Indian youths.

An individual who is pursuing a career as a producer is responsible for managing the business aspects of production. They are involved in each aspect of production from its inception to deception. Famous movie producers review the script, recommend changes and visualise the story. 

They are responsible for overseeing the finance involved in the project and distributing the film for broadcasting on various platforms. A career as a producer is quite fulfilling as well as exhaustive in terms of playing different roles in order for a production to be successful. Famous movie producers are responsible for hiring creative and technical personnel on contract basis.

Copy Writer

In a career as a copywriter, one has to consult with the client and understand the brief well. A career as a copywriter has a lot to offer to deserving candidates. Several new mediums of advertising are opening therefore making it a lucrative career choice. Students can pursue various copywriter courses such as Journalism , Advertising , Marketing Management . Here, we have discussed how to become a freelance copywriter, copywriter career path, how to become a copywriter in India, and copywriting career outlook. 

In a career as a vlogger, one generally works for himself or herself. However, once an individual has gained viewership there are several brands and companies that approach them for paid collaboration. It is one of those fields where an individual can earn well while following his or her passion. 

Ever since internet costs got reduced the viewership for these types of content has increased on a large scale. Therefore, a career as a vlogger has a lot to offer. If you want to know more about the Vlogger eligibility, roles and responsibilities then continue reading the article. 

For publishing books, newspapers, magazines and digital material, editorial and commercial strategies are set by publishers. Individuals in publishing career paths make choices about the markets their businesses will reach and the type of content that their audience will be served. Individuals in book publisher careers collaborate with editorial staff, designers, authors, and freelance contributors who develop and manage the creation of content.

Careers in journalism are filled with excitement as well as responsibilities. One cannot afford to miss out on the details. As it is the small details that provide insights into a story. Depending on those insights a journalist goes about writing a news article. A journalism career can be stressful at times but if you are someone who is passionate about it then it is the right choice for you. If you want to know more about the media field and journalist career then continue reading this article.

Individuals in the editor career path is an unsung hero of the news industry who polishes the language of the news stories provided by stringers, reporters, copywriters and content writers and also news agencies. Individuals who opt for a career as an editor make it more persuasive, concise and clear for readers. In this article, we will discuss the details of the editor's career path such as how to become an editor in India, editor salary in India and editor skills and qualities.

Individuals who opt for a career as a reporter may often be at work on national holidays and festivities. He or she pitches various story ideas and covers news stories in risky situations. Students can pursue a BMC (Bachelor of Mass Communication) , B.M.M. (Bachelor of Mass Media) , or  MAJMC (MA in Journalism and Mass Communication) to become a reporter. While we sit at home reporters travel to locations to collect information that carries a news value.  

Corporate Executive

Are you searching for a Corporate Executive job description? A Corporate Executive role comes with administrative duties. He or she provides support to the leadership of the organisation. A Corporate Executive fulfils the business purpose and ensures its financial stability. In this article, we are going to discuss how to become corporate executive.

Multimedia Specialist

A multimedia specialist is a media professional who creates, audio, videos, graphic image files, computer animations for multimedia applications. He or she is responsible for planning, producing, and maintaining websites and applications. 

Quality Controller

A quality controller plays a crucial role in an organisation. He or she is responsible for performing quality checks on manufactured products. He or she identifies the defects in a product and rejects the product. 

A quality controller records detailed information about products with defects and sends it to the supervisor or plant manager to take necessary actions to improve the production process.

Production Manager

A QA Lead is in charge of the QA Team. The role of QA Lead comes with the responsibility of assessing services and products in order to determine that he or she meets the quality standards. He or she develops, implements and manages test plans. 

Process Development Engineer

The Process Development Engineers design, implement, manufacture, mine, and other production systems using technical knowledge and expertise in the industry. They use computer modeling software to test technologies and machinery. An individual who is opting career as Process Development Engineer is responsible for developing cost-effective and efficient processes. They also monitor the production process and ensure it functions smoothly and efficiently.

AWS Solution Architect

An AWS Solution Architect is someone who specializes in developing and implementing cloud computing systems. He or she has a good understanding of the various aspects of cloud computing and can confidently deploy and manage their systems. He or she troubleshoots the issues and evaluates the risk from the third party. 

Azure Administrator

An Azure Administrator is a professional responsible for implementing, monitoring, and maintaining Azure Solutions. He or she manages cloud infrastructure service instances and various cloud servers as well as sets up public and private cloud systems. 

Computer Programmer

Careers in computer programming primarily refer to the systematic act of writing code and moreover include wider computer science areas. The word 'programmer' or 'coder' has entered into practice with the growing number of newly self-taught tech enthusiasts. Computer programming careers involve the use of designs created by software developers and engineers and transforming them into commands that can be implemented by computers. These commands result in regular usage of social media sites, word-processing applications and browsers.

Information Security Manager

Individuals in the information security manager career path involves in overseeing and controlling all aspects of computer security. The IT security manager job description includes planning and carrying out security measures to protect the business data and information from corruption, theft, unauthorised access, and deliberate attack 

ITSM Manager

Automation test engineer.

An Automation Test Engineer job involves executing automated test scripts. He or she identifies the project’s problems and troubleshoots them. The role involves documenting the defect using management tools. He or she works with the application team in order to resolve any issues arising during the testing process. 

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Essay on Technical Education in English for Students

essay on technical in hindi

In today’s modern times, it is easy for students to get education in many ways. Due to this technical education, it makes students skilled in different fields like agriculture, computer, engineering, medicine, driving etc. In this modern time technical education plays an important role and technicians are very much needed in the field of construction.

Whatever education provides for us especially practical and skillful, at this time there are still many poor people in our country of India who do not know how to use the resources like technology properly. Such people should be able to get acquainted with the technology of today’s era. This technology is very much needed in our country.

Technology is such an integral part which definitely helps in establishing coordination between an individual and society.

Need for Technical Education

As everyone knows how much the need of technology has increased in today’s times or in this changing era? Due to this new technology, we are getting many facilities so that even children sitting at home are able to complete their education. The education of this technology should be promoted in our India country because the more educated we are, the faster our country will move towards development, because people will have their skills along with technology.

By the way, we also have such person who can use all these resources in the best possible way. This technology is very important in our country because this technology will help in improving the future of the country. This technology gives us for the future as technicians especially as engineers.

When our country’s youth adopts this technology, then surely the future of our country will be golden. For all the young or interested people, the government is also running training centers in many ways so that every person can be trained and help in further education in technical form.

The government is taking this thing very seriously because it also knows how important technical education is in the future, because till that time everything will not be able to live without technology.

Problems of Technical Education

Let us look at some of the problems related to technical education –

  • By the way, if seen in our India country, education is very less than people; people give more effort only on physical labor, due to this their thinking power decreases.
  • Technical education should be popularized in all languages, which will make it easier for people to understand. Due to education technology, everything is visible in English medium, due to which it is difficult for people to understand.
  • Due to the problem of the attitude of some narrow people, people do not understand their needs due to different tendencies, interests in the society.
  • Many types of educational institutions have been established in our country of India, then according to the widespread demand of all, their number is less. Because of this, the interested students who want to get or take admission in technical education remain deprived because of all this.
  • Lack of trained teachers is also becoming its problem because its qualified teachers are not available. Due to which the students are not able to get the education properly.
  • The problem of technical education is one of the main reasons that education is not practical. Education is understood correctly and smoothly only because of experimentation. Nowadays, due to lack of practical arrangement by the teachers, all the technical subjects are explained on the blackboard itself.

Features of Technical Education

  • It has become an important basis of technical education. This is also considered important on the basis of psychological; it mainly takes care of the tendencies, qualities and personality of all the students in education. In this technical education, all the students are given special attention to their teachers and books.
  • In our life this education is related to life which is related to mental labor and their work.
  • It helps to develop the life of human beings based on their education.
  • This technique is based on a kind of special education.
  • Technical education not only provides bookish knowledge but also proves useful at every turn in our life. This is one of the characteristics of technical education.

essay on technical in hindi

Benefits of Technical Education

Due to technical education, it helps to solve the problem of unemployment of the people, it makes them efficient in their work. If the student achieves this technical education well, then he can do his own business. Due to this, more opportunities of job opportunities are also provided to the educated people.

It helps to accelerate the development of the country in the future. There are many such areas in our country where there is a dire need of technical technicians, because of this technical education helps in boosting the economic condition of the nation.

Importance of Technical Education

Talking about today’s time, technical education has a lot of importance in the life of man. The importance of this technical education is known in our daily life, when we go somewhere, we get to see the work related to it.

In this modern time, it is becoming very difficult to survive without technical education. Its use is seen in many things, such as in the use of traffic, traffic signals, vehicles, the creation of various types of artwork, in the treatment of complex diseases, in mental development, dance drama etc. The essentials of this technical education can be seen in everything. Is .

Fully trained people with the knowledge and experience of this technical education are needed to pursue education. This is a serious problem of this time which remains a challenge for the middle class. The government needs to take all this seriously. Availability of technical education will improve the future of the people; it will help in cutting their life ahead easily and easily.

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर निबंध (Artificial Intelligence Essay in Hindi)

कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जैसा कि शब्द से ही पता चलता है, बुद्धिमत्ता को कृत्रिम रूप से बनाया जाता है ताकि मशीनों को बुद्धिमत्ता के प्रसंग में, मनुष्यों की तरह व्यवहार करने के लिए बनाया जा सके। मशीनों को यदि बुद्धिमत्ता के आदेशों के साथ प्रक्रिया में लाया जाता है, तो वे 100 प्रतिशत परिणाम देते हैं, क्योंकि वे कुशल हैं। मानव मस्तिष्क उसी तरह की क्षमता के लिए सक्षम हो सकता है या संभव है कि नहीं भी हो सकता है क्योंकि यह उस दौरान मस्तिष्क के कार्य करने पर निर्भर करता है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता जिसे हम अंग्रेजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी कहते हैं उसका जन्म वर्ष 1950 में हुआ था। जॉन मैकार्थी पहली बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसा कोई शब्द बनाने वाले पहले व्यक्ति थे, इसलिए उन्हें एआई (AI) का जनक माना जाता है। यह कंप्यूटर को एक इंसान के रूप में सोचने, समझने, और प्रदर्शन करने में सक्षम बनाने की प्रक्रिया है साथ ही डेटा को इनपुट्स और कमांड के रूप में विकसित करके प्रदर्शन किया जाता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बारे में और भी अधिक विस्तार से जानने के लिए हम यहाँ पर आपके लिए अलग अलग शब्द सीमा में कुछ निबंध लेकर आये हैं।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर लघु और दीर्घ निबंध (Short and Long Essays on Artificial Intelligence in Hindi, Kritrim Buddhimatta par Nibandh Hindi mein)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर निबंध – (250 – 300 शब्द).

हम कह सकते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटेलिजेंस वाले कंप्यूटर और मशीनें हैं जो हमारे काम को आसान बनाती हैं। सरल शब्दों में कहें तो यह कंप्यूटर को इंसान की तरह सोचने और कार्य करने की क्षमता प्रदान करने की प्रक्रिया है। यह कंप्यूटर को इनपुट और दिशा-निर्देश के रूप में डेटा देकर किया जाता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग

एआई के अनुप्रयोग विशाल और विविध हैं, जिनमें स्वास्थ्य देखभाल और वित्त से लेकर परिवहन, मनोरंजन और बहुत कुछ शामिल हैं। जैसे की स्व चालित गाड़िया, एआई-पावर्ड असिस्टेंट, फेशियल रिकॉग्निशन, सिफ़ारिश प्रणाली, रोबोटिक्स आदि। आजकल सबसे लोकप्रिय एआई एप्लिकेशन चैटजीपीटी हैं, यह ऐसा सॉफ्टवेयर है जो उपयोगकर्ताओं को प्रश्न टाइप करते ही उसका उत्तर दे देता है, यह बिलकुल एक इंसान जैसा उत्तर देता है। एआई फोटो जनरेटर, जो एक सॉफ्टवेयर है जो उपयोगकर्ताओं को प्रश्न टाइप करते ही मनमाफिक फोटो जेनेरेट कर देता है। ये बिलकुल ही अकल्पनीय सॉफ्टवेयर है। सोफिया, एक बहुत ही उन्नत ह्यूमनॉइड रोबोट है जो एक व्यक्ति की तरह कार्य और व्यवहार कर सकती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: दोस्त या दुश्मन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को संदर्भ और इसके उपयोग के तरीके के आधार पर दोस्त और दुश्मन दोनों के रूप में देखा जा सकता है। एआई प्रौद्योगिकियां उबाऊ कामों को स्वचालित करके और अधिक कुशल बना सकती हैं। चूंकि एआई कुछ कार्यों को स्वचालित करना आसान बनाता है, इसलिए लोगों को नौकरी छूटने और संभावित बेरोजगारी की चिंता होती है, खासकर उन उद्योगों में जो मैन्युअल काम या बार-बार किए जाने वाले कार्यों पर बहुत अधिक निर्भर होते हैं। एआई सिस्टम को हैक किया जा सकता है या बदला जा सकता है, जिससे सुरक्षा को खतरा हो सकता है और एआई-संचालित प्रौद्योगिकियों का गलत उपयोग भी हो सकता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने विभिन्न उद्योगों में क्रांति ला दी है और इसका तेजी से विकास जारी है। हालाँकि, इसके जिम्मेदार और लाभकारी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए एआई से जुड़े नैतिक विचारों और संभावित जोखिमों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

निबंध 2 (400 शब्द) – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंप्यूटर विज्ञान में हो रही प्रगति में से एक है, इसलिए इसे कंप्यूटर विज्ञान की ही एक शाखा के रूप में देखा जा सकता है। यह मशीनों की बुद्धिमत्ता है। आमतौर पर, हम इंसानों की बुद्धिमत्ता को ही समझते हैं, लेकिन जब इसी को मशीन द्वारा दर्शाया जाता है, तो उसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता कहा जाता है।

एक मशीन तभी कार्य करती है जब उसे निर्देश दिया जाता है लेकिन अगर उसी मशीन में मानव जैसी सोच और विश्लेषण, समस्या को सुलझाने की क्षमता, आवाज पहचानने की क्षमता आदि को स्थापित कर दिया जाए, तो वही इसे स्मार्ट साबित करता है। मानवीय बुद्धिमत्ता कुछ संसाधित निर्देशों के माध्यम से जुड़ा हुआ है। मशीनों के निर्देश के रूप में कई संसाधित कमांड हैं ताकि वे मनचाहे परिणाम दे सकें।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रकार

मुख्य रूप से दो प्रकार की कृत्रिम बुद्धिमत्ता होती है, जो इस प्रकार से हैं :

  • संकुचित कृत्रिम बुद्धिमत्ता – ये सिर्फ एकल कार्य कर सकते हैं, उदाहरण – आवाज की पहचान करना।
  • सामान्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता – इस तरह की बुद्धिमत्ता में मानव जैसे कार्यों को करने की क्षमता होती है। फिलहाल आज की तारीख तक, ऐसी कोई मशीन विकसित नहीं हुई है।
  • उत्कृष्ट कृत्रिम बुद्धिमत्ता – एआई एक इंसान से बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता रखता है। हालाँकि इस पर अभी भी शोध जारी है।
  • प्रतिक्रियाशील मशीन – यह मशीन किसी परिस्थिति के प्रति तेजी से प्रतिक्रिया करती है। यह वर्तमान या भविष्य के उपयोग के लिए किसी भी डेटा को स्टोर करने में सक्षम नहीं है। यह फीड किए गए डेटा के अनुसार काम करता है।
  • सीमित स्मरणशक्ति – यह मशीन एक सीमित अवधि के लिए कम मात्रा में डेटा इक्कठा कर सकती है। इसके उदाहरण सेल्फ ड्राइविंग कार और वीडियो गेम हैं।
  • मन का सिद्धांत – ये ऐसी मशीनें हैं जो मानवीय भावनाओं को समझती हैं, ये काफी ज्यादा समझदार होती हैं। हालाँकि इस प्रकार की मशीनें अभी तक विकसित नहीं हुई हैं। इसलिए अवधारणा पूरी तरह से काल्पनिक है।
  • आत्म जागरूकता – इस प्रकार की मशीनें इंसानों की तुलना में बेहतर काम करने का गुण रखती हैं। ये दूसरी बात है कि आज की तारीख तक, ऐसी कोई मशीन विकसित नहीं की गई है। हालाँकि इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता: मानव जाती के लिए खतरा

विकासशील तकनीक के रूप में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक वरदान साबित हो रही है। यह कार्यभार को कम करने के साथ-साथ इसे विशेष रूप से हल करके उक्त कार्य को और भी ज्यादा आसान बना सकता है। आधुनिक तकनीक का उपयोग करके एक व्यक्ति अपने कार्य में कई तरह के लाभ उठा सकता है। चूंकि इस दुनिया में हर चीज के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव हैं, और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ भी कुछ ऐसा ही है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कई नकारात्मक प्रभाव भी होते हैं। यदि इस तकनीक का उपयोग नकारात्मक मानसिकता के साथ किया जाता है, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि यह सम्पूर्ण मानव जाति को नष्ट भी कर देगा। किसी भी तकनीक को विकसित करने का मतलब यह कभी नहीं होता है कि हमें काम करना बंद कर देना चाहिए, वे केवल हमारे काम को आसान बनाने के लिए हैं। लेकिन अगर हम इस बात को भूल जाते हैं तो हमारे हाथ निराशा के अलावा और कुछ भी नहीं लगेगा।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाली कई मशीनें आज की तारीख में उपलब्ध हैं, जो हमारे काम को आसान बनाती हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लैस तमाम उपकरणों के विकास के कारण कम ज्ञान वाले लोगों को भी काफी मदद मिल जाती हैं। आपराधिक मामलों को सुलझाने के लिए भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास का उपयोग किया जा सकता है।

निबंध 3 (600 शब्द) – कृत्रिम बुद्धिमत्ता: एक विशेषाधिकार या नुकसान

मशीनें हमारे काम को सरल और आसान बनाती हैं, लेकिन अगर मशीनों में इंसान जैसी समस्याओं को सुलझाने और परिणाम देने की क्षमता आ जाती है तो यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता कहलाता है। यह कंप्यूटर विज्ञान की उन्नत शाखाओं में से एक है। मशीनों में मानव बुद्धिमत्ता की विभिन्न विशेषताओं को विकसित करने पर ध्यान देने की दिशा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को परिभाषित किया जा सकता है। इन विशेषताओं को विभिन्न डेटा, बुद्धिमत्तापूर्ण एल्गोरिदम के माध्यम से विकसित किया जा सकता है जिन्हें इनपुट के रूप में उपयोग किया जाना है। वर्तमान में हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ तमाम तरह के उपकरणों से घिरे हुए हैं, उदाहरण के लिए, एयर कंडीशनर, कंप्यूटर, मोबाइल, बायोसेंसर, वीडियो गेम, आदि। व्यापाक रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास से मानव जाति को विभिन्न पहलुओं में लाभ होगा।

संकुचित , सामान्य और उत्तम कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्या है

संकुचित कृत्रिम बुद्धिमत्ता

  • यह एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता है जो कार्य विशिष्ट होती है यानी किसी एक काम को करने के लिए बना होना।
  • किसी एक कार्यक्रम को करने की क्षमता होना।
  • आमतौर पर यह व्यापक रूप से उपलब्ध है।
  • उदाहरण के लिए, आवाज पहचाना, चेहरा पहचाना, आदि।

सामान्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता

  • इस प्रकार की कृत्रिम बुद्धिमत्ता में मानवीय भावनाओं को समझने की क्षमता होती है जैसे- दुःख, सुख, क्रोध, आदि।
  • काम के वक़्त इंसान जितना बेहतर साबित होगा, हालाँकि इस तरह की बुद्धिमत्ता वाली मशीन को विकसित करने की कोशिशें जारी हैं।

उत्तम कृत्रिम बुद्धिमत्ता

  • एक प्रकार का कृत्रिम बुद्धिमत्ता जो समस्या-समाधान और अन्य कार्यों में मनुष्य से बेहतर प्रदर्शन के लिए जाना जाता है।
  • इसपर शोध प्रक्रिया अभी भी जारी है। ऐसा कोई उपकरण आज तक विकसित नहीं हुआ है, फिलहाल यह काल्पनिक है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता: एक विशेषाधिकार या नुकसान

मशीन में मानव बुद्धि को विकसित करने के लिए, कार्य को सरल बनाने के लिए, कंप्यूटर विज्ञान ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में उन्नति की है। यह विशेष अधिकार या नुकसान के रूप में पहचान करने के लिए उपयोग के मानदंडों पर निर्भर करता है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता हमें अपने काम को आसान बनाने के लिए सहायता प्रदान करने में हमारी मदद कर रहा है,

  • यदि यह शिक्षा के साथ है, तो तेजी से सीखने के विभिन्न तरीकों के साथ ऊपर उठने में मदद करता है, बिना किसी गलती के अधिक मात्रा में डेटा संकलित करता है।
  • चिकित्सा क्षेत्र में, यह विभिन्न तरह के निदान के लिए डेटा व्याख्या की सुविधा प्रदान करता है, किसी तरह के प्रयास की उम्मीद किये बिना यह विभिन्न रोगियों का विवरण प्राप्त करना, आगे चलकर किसी भी बीमारी से संबंधित प्रश्नों या रोगियों की काउंसलिंग के बारे में चर्चा के लिए एक सामान्य मंच साबित करने में मदद करता है। रूटीन चेकअप की निगरानी के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ अन्य कई उपकरण भी उपलब्ध हैं।
  • यह दैनिक गतिविधियों में भी काफी उपयोगी है, आगे अनुसंधान और विकास क्षेत्र को बहुत मदद प्रदान करता है।

जिस तरह से हम अपने जीवन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लागू करते जा रहे हैं इससे यह तय होते जा रहा है कि यह एक विशेषाधिकार होगा या फिर नुकसान होगा।

सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा जो कि पर्यावरण के दृष्टिकोण से है और वह ये है कि प्रौद्योगिकी, पर्यावरण के अनुकूल नहीं है। यह ई-कचरे को जन्म देता है जो सड़ने योग्य नहीं माना जाता है और अगर इसे डंप भी किया जाता है, तो यह तमाम तरह की विषाक्त भारी-भरकम धातुओं को छोड़ देगा, जिससे मिट्टी की उपजाऊ क्षमता ख़त्म हो जाएगी।

  • प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता मनुष्य में आलस्य का कारण बनती जा रही है। अलग-अलग बीमारियों को न्यौता देने के साथ-साथ आपके काम करने की क्षमता भी वक़्त के साथ कम होते जाती है। इसलिए किसी को इन उपायों पर पूरी तरह से निर्भर नहीं होना चाहिए।
  • वह दिन दूर नहीं जब मशीन इंसानों से ज्यादा बेहतर हो जायेंगे।
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जब उचित तरीके से उपयोग की जाती है, तो इसके अच्छे परिणाम आते हैं, लेकिन अगर मशीन को दिए गए निर्देश नकारात्मक या विध्वंसक हैं, तो इससे समुदाय को नुकसान हो सकता है।
  • प्रौद्योगिकियां दिन-प्रति-दिन आगे बढ़ती जा रही हैं, और इस तरह वह समय नजदीक होगा जब इन प्रौद्योगिकियों के माध्यम से किया गया हर कार्य मानव को विलुप्त होने की ओर ले जाएगा।

इसमें कोई संदेह नहीं है कि तकनीकी उन्नति, मानव जाति के विकास में एक सहायक रणनीति साबित हो रही है। आज इंसान चाँद पर बसने की योजना बना रहा है। जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता को उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता स्तर पर विकसित किया जाता है, तो उससे काफी अधिक तकनीकी सहायता मिलेगी। रोबोटिक्स जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता की एक विकासशील शाखा है, इसके उच्च योगदान हो सकते हैं। प्रशिक्षित रोबोट को परीक्षण और निगरानी गतिविधियों के लिए अलग-अलग नमूने प्राप्त करने के लिए अंतरिक्ष में भेजा जा सकता है। इसलिए कुल मिला जुला कर, यह कहा जा सकता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव जाति को लाभान्वित करने की दिशा में है यदि उसका उपयोग उचित और सकारात्मक तरीके से किया जाए।

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Hindi Essay (Hindi Nibandh) 100 विषयों पर हिंदी निबंध लेखन

Hindi Essay (Hindi Nibandh) | 100 विषयों पर हिंदी निबंध लेखन – Essays in Hindi on 100 Topics

हिंदी निबंध: हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा है। हमारे हिंदी भाषा कौशल को सीखना और सुधारना भारत के अधिकांश स्थानों में सेवा करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। स्कूली दिनों से ही हम हिंदी भाषा सीखते थे। कुछ स्कूल और कॉलेज हिंदी के अतिरिक्त बोर्ड और निबंध बोर्ड में निबंध लेखन का आयोजन करते हैं, छात्रों को बोर्ड परीक्षा में हिंदी निबंध लिखने की आवश्यकता होती है।

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इसलिए, यह जानना और समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि विषय के बारे में संक्षिप्त और कुरकुरा लाइनों के साथ एक आदर्श हिंदी निबन्ध कैसे लिखें। साथ ही, कक्षा 1 से 10 तक के छात्र उदाहरणों के साथ इस पृष्ठ से विभिन्न हिंदी निबंध विषय पा सकते हैं। तो, छात्र आसानी से स्कूल और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए हिंदी में निबन्ध कैसे लिखें, इसकी तैयारी कर सकते हैं। इसके अलावा, आप हिंदी निबंध लेखन की संरचना, हिंदी में एक प्रभावी निबंध लिखने के लिए टिप्स आदि के बारे में कुछ विस्तृत जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। ठीक है, आइए हिंदी निबन्ध के विवरण में गोता लगाएँ।

हिंदी निबंध लेखन – स्कूल और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए हिंदी में निबन्ध कैसे लिखें?

प्रभावी निबंध लिखने के लिए उस विषय के बारे में बहुत अभ्यास और गहन ज्ञान की आवश्यकता होती है जिसे आपने निबंध लेखन प्रतियोगिता या बोर्ड परीक्षा के लिए चुना है। छात्रों को वर्तमान में हो रही स्थितियों और हिंदी में निबंध लिखने से पहले विषय के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में जानना चाहिए। हिंदी में पावरफुल निबन्ध लिखने के लिए सभी को कुछ प्रमुख नियमों और युक्तियों का पालन करना होगा।

हिंदी निबन्ध लिखने के लिए आप सभी को जो प्राथमिक कदम उठाने चाहिए उनमें से एक सही विषय का चयन करना है। इस स्थिति में आपकी सहायता करने के लिए, हमने सभी प्रकार के हिंदी निबंध विषयों पर शोध किया है और नीचे सूचीबद्ध किया है। एक बार जब हम सही विषय चुन लेते हैं तो विषय के बारे में सभी सामान्य और तथ्यों को एकत्र करते हैं और अपने पाठकों को संलग्न करने के लिए उन्हें अपने निबंध में लिखते हैं।

तथ्य आपके पाठकों को अंत तक आपके निबंध से चिपके रहेंगे। इसलिए, हिंदी में एक निबंध लिखते समय मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करें और किसी प्रतियोगिता या बोर्ड या प्रतिस्पर्धी जैसी परीक्षाओं में अच्छा स्कोर करें। ये हिंदी निबंध विषय पहली कक्षा से 10 वीं कक्षा तक के सभी कक्षा के छात्रों के लिए उपयोगी हैं। तो, उनका सही ढंग से उपयोग करें और हिंदी भाषा में एक परिपूर्ण निबंध बनाएं।

हिंदी भाषा में दीर्घ और लघु निबंध विषयों की सूची

हिंदी निबन्ध विषयों और उदाहरणों की निम्न सूची को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है जैसे कि प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, सामान्य चीजें, अवसर, खेल, खेल, स्कूली शिक्षा, और बहुत कुछ। बस अपने पसंदीदा हिंदी निबंध विषयों पर क्लिक करें और विषय पर निबंध के लघु और लंबे रूपों के साथ विषय के बारे में पूरी जानकारी आसानी से प्राप्त करें।

विषय के बारे में समग्र जानकारी एकत्रित करने के बाद, अपनी लाइनें लागू करने का समय और हिंदी में एक प्रभावी निबन्ध लिखने के लिए। यहाँ प्रचलित सभी विषयों की जाँच करें और किसी भी प्रकार की प्रतियोगिताओं या परीक्षाओं का प्रयास करने से पहले जितना संभव हो उतना अभ्यास करें।

हिंदी निबंधों की संरचना

Hindi Essay Parts

उपरोक्त छवि आपको हिंदी निबन्ध की संरचना के बारे में प्रदर्शित करती है और आपको निबन्ध को हिन्दी में प्रभावी ढंग से रचने के बारे में कुछ विचार देती है। यदि आप स्कूल या कॉलेजों में निबंध लेखन प्रतियोगिता में किसी भी विषय को लिखते समय निबंध के इन हिस्सों का पालन करते हैं तो आप निश्चित रूप से इसमें पुरस्कार जीतेंगे।

इस संरचना को बनाए रखने से निबंध विषयों का अभ्यास करने से छात्रों को विषय पर ध्यान केंद्रित करने और विषय के बारे में छोटी और कुरकुरी लाइनें लिखने में मदद मिलती है। इसलिए, यहां संकलित सूची में से अपने पसंदीदा या दिलचस्प निबंध विषय को हिंदी में चुनें और निबंध की इस मूल संरचना का अनुसरण करके एक निबंध लिखें।

हिंदी में एक सही निबंध लिखने के लिए याद रखने वाले मुख्य बिंदु

अपने पाठकों को अपने हिंदी निबंधों के साथ संलग्न करने के लिए, आपको हिंदी में एक प्रभावी निबंध लिखते समय कुछ सामान्य नियमों का पालन करना चाहिए। कुछ युक्तियाँ और नियम इस प्रकार हैं:

  • अपना हिंदी निबंध विषय / विषय दिए गए विकल्पों में से समझदारी से चुनें।
  • अब उन सभी बिंदुओं को याद करें, जो निबंध लिखने शुरू करने से पहले विषय के बारे में एक विचार रखते हैं।
  • पहला भाग: परिचय
  • दूसरा भाग: विषय का शारीरिक / विस्तार विवरण
  • तीसरा भाग: निष्कर्ष / अंतिम शब्द
  • एक निबंध लिखते समय सुनिश्चित करें कि आप एक सरल भाषा और शब्दों का उपयोग करते हैं जो विषय के अनुकूल हैं और एक बात याद रखें, वाक्यों को जटिल न बनाएं,
  • जानकारी के हर नए टुकड़े के लिए निबंध लेखन के दौरान एक नए पैराग्राफ के साथ इसे शुरू करें।
  • अपने पाठकों को आकर्षित करने या उत्साहित करने के लिए जहाँ कहीं भी संभव हो, कुछ मुहावरे या कविताएँ जोड़ें और अपने हिंदी निबंध के साथ संलग्न रहें।
  • विषय या विषय को बीच में या निबंध में जारी रखने से न चूकें।
  • यदि आप संक्षेप में हिंदी निबंध लिख रहे हैं तो इसे 200-250 शब्दों में समाप्त किया जाना चाहिए। यदि यह लंबा है, तो इसे 400-500 शब्दों में समाप्त करें।
  • महत्वपूर्ण हिंदी निबंध विषयों का अभ्यास करते समय इन सभी युक्तियों और बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए, आप निश्चित रूप से किसी भी प्रतियोगी परीक्षाओं में कुरकुरा और सही निबंध लिख सकते हैं या फिर सीबीएसई, आईसीएसई जैसी बोर्ड परीक्षाओं में।

हिंदी निबंध लेखन पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. मैं अपने हिंदी निबंध लेखन कौशल में सुधार कैसे कर सकता हूं? अपने हिंदी निबंध लेखन कौशल में सुधार करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक किताबों और समाचार पत्रों को पढ़ना और हिंदी में कुछ जानकारीपूर्ण श्रृंखलाओं को देखना है। ये चीजें आपकी हिंदी शब्दावली में वृद्धि करेंगी और आपको हिंदी में एक प्रेरक निबंध लिखने में मदद करेंगी।

2. CBSE, ICSE बोर्ड परीक्षा के लिए हिंदी निबंध लिखने में कितना समय देना चाहिए? हिंदी बोर्ड परीक्षा में एक प्रभावी निबंध लिखने पर 20-30 का खर्च पर्याप्त है। क्योंकि परीक्षा हॉल में हर मिनट बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए, सभी वर्गों के लिए समय बनाए रखना महत्वपूर्ण है। परीक्षा से पहले सभी हिंदी निबन्ध विषयों से पहले अभ्यास करें और परीक्षा में निबंध लेखन पर खर्च करने का समय निर्धारित करें।

3. हिंदी में निबंध के लिए 200-250 शब्द पर्याप्त हैं? 200-250 शब्दों वाले हिंदी निबंध किसी भी स्थिति के लिए बहुत अधिक हैं। इसके अलावा, पाठक केवल आसानी से पढ़ने और उनसे जुड़ने के लिए लघु निबंधों में अधिक रुचि दिखाते हैं।

4. मुझे छात्रों के लिए सर्वश्रेष्ठ औपचारिक और अनौपचारिक हिंदी निबंध विषय कहां मिल सकते हैं? आप हमारे पेज से कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों के लिए हिंदी में विभिन्न सामान्य और विशिष्ट प्रकार के निबंध विषय प्राप्त कर सकते हैं। आप स्कूलों और कॉलेजों में प्रतियोगिताओं, परीक्षाओं और भाषणों के लिए हिंदी में इन छोटे और लंबे निबंधों का उपयोग कर सकते हैं।

5. हिंदी परीक्षाओं में प्रभावशाली निबंध लिखने के कुछ तरीके क्या हैं? हिंदी में प्रभावी और प्रभावशाली निबंध लिखने के लिए, किसी को इसमें शानदार तरीके से काम करना चाहिए। उसके लिए, आपको इन बिंदुओं का पालन करना चाहिए और सभी प्रकार की परीक्षाओं में एक परिपूर्ण हिंदी निबंध की रचना करनी चाहिए:

  • एक पंच-लाइन की शुरुआत।
  • बहुत सारे विशेषणों का उपयोग करें।
  • रचनात्मक सोचें।
  • कठिन शब्दों के प्रयोग से बचें।
  • आंकड़े, वास्तविक समय के उदाहरण, प्रलेखित जानकारी दें।
  • सिफारिशों के साथ निष्कर्ष निकालें।
  • निष्कर्ष के साथ पंचलाइन को जोड़ना।

निष्कर्ष हमने एक टीम के रूप में हिंदी निबन्ध विषय पर पूरी तरह से शोध किया और इस पृष्ठ पर कुछ मुख्य महत्वपूर्ण विषयों को सूचीबद्ध किया। हमने इन हिंदी निबंध लेखन विषयों को उन छात्रों के लिए एकत्र किया है जो निबंध प्रतियोगिता या प्रतियोगी या बोर्ड परीक्षाओं में भाग ले रहे हैं। तो, हम आशा करते हैं कि आपको यहाँ पर सूची से हिंदी में अपना आवश्यक निबंध विषय मिल गया होगा।

यदि आपको हिंदी भाषा पर निबंध के बारे में अधिक जानकारी की आवश्यकता है, तो संरचना, हिंदी में निबन्ध लेखन के लिए टिप्स, हमारी साइट LearnCram.com पर जाएँ। इसके अलावा, आप हमारी वेबसाइट से अंग्रेजी में एक प्रभावी निबंध लेखन विषय प्राप्त कर सकते हैं, इसलिए इसे अंग्रेजी और हिंदी निबंध विषयों पर अपडेट प्राप्त करने के लिए बुकमार्क करें।

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    तकनीक एक वरदान या अभिशाप पर निबंध (Is Technology a Boon or Bane Essay in Hindi) By अर्चना सिंह / May 1, 2021. आज का समय मानव के लिए तकनीकी और विज्ञान का समय है। हमने ...

  8. विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर निबंध (Essay Science And Technology in Hindi

    NMMS हॉल टिकट 2023-24 (NMMS Admit Card in Hindi) भगत सिंह पर निबंध 10 lines (Bhagat Singh Essay in Hindi) 100, 150, 200, 250, 300, 500, 600, शब्दों में

  9. विज्ञान और तकनीकी पर निबंध Essay on Science and Technology in Hindi

    विज्ञान और तकनीकी का महत्व Importance of Science and Technology in Hindi. 1. कृषि में योगदान Contribution to agriculture. वर्तमान में विज्ञान और तकनीकी की मदद से कृषि में अधिक ...

  10. प्रौद्योगिकी पर निबंध 10 lines (Technology Essay in Hindi) 100, 150

    भगत सिंह पर निबंध 10 lines (Bhagat Singh Essay in Hindi) 100, 150, 200, 250, 300, 500, 600, शब्दों में; जीवन में मेरा उद्देश्य पर निबंध 200, 500, शब्दों मे (My Aim In Life Essay in Hindi) 10 lines

  11. Essay on Technical Education in Hindi

    तकनीकी शिक्षा पर निबंध । Essay on Technical Education in Hindi. किसी भी जरुरी चीज के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल जैसे चीज की शिक्षा प्राप्त करना ही एक तकनीकी ...

  12. टेक्नोलॉजी क्या है

    Technology In Hindi: 'टेक्नोलॉजी' इस शब्द को हम कई बार सुनते है क्योंकि आज के युग को टेक्नोलॉजी युग भी कहा जाता है और टेक्नोलॉजी ने हम सब का जीवन काफी आरामदायक बना ...

  13. विज्ञान के चमत्कार पर निबंध (Wonder of Science Essay in Hindi)

    विज्ञान के चमत्कार पर निबंध (Essay on Vigyan ke chamatkar in Hindi) - 100 - 200 शब्द. किसी भी वस्तु के बारे में जानकारी प्राप्त करना और जानकारी को सही तरीके से लागू ...

  14. Essay on Computer in Hindi: जानिए ...

    Essay on Computer in Hindi: जानिए कंप्यूटर पर परीक्षाओं में पूछे जाने वाले निबंध. Essay on Computer in Hindi: आज की टेक्नोलॉजी की दुनिया में डिजिटल लिट्रेसी के लिए ...

  15. टेक्नोलॉजी पर निबंध

    500+ शब्द टेक्नोलॉजी पर निबंध Essay on Technology in Hindi. टेक्नोलॉजी पर इस निबंध में, हम चर्चा करने जा रहे हैं कि टेक्नोलॉजी क्या है, इसके उपयोग क्या हैं, और यह भी कि ...

  16. Essay on Technology Development in India in Hindi

    Essay On Need Of Cleanliness in Hindi स्वच्छता के महत्व: एक स्वस्थ और विकसित भारत के लिए स्वच्छ भारत अभियान: वृक्षारोपण, सफाई, और पर्यावरण संरक्षण!

  17. Technical Education Essay in Hindi

    Technical Education Essay in Hindi. किसी व्यावसाय के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं अभिवृतियों की शिक्षा देना तकनीकी शिक्षा है। तकनीकी शिक्षा एक विशिष्ट ...

  18. प्रौद्योगिकी पर निबंध (Technology Essay in Hindi)

    स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध (Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi) गणतंत्र दिवस पर 10 वाक्य (10 Lines on Republic Day 2024 in Hindi) गणतंत्र दिवस परेड पर निबंध (Republic Day Parade Essay in Hindi)

  19. Importance Of Technical Education Essay In Hindi

    Importance Of Technical Education Essay In Hindi - Download as a PDF or view online for free

  20. हिंदी निबंध (Hindi Nibandh / Essay in Hindi)

    हिंदी में निबंध (Essay in Hindi) - छात्र जीवन में विभिन्न विषयों पर हिंदी निबंध (essay in hindi) लिखने की आवश्यकता होती है। हिंदी निबंध लेखन (essay writing in hindi) के कई फायदे हैं। हिंदी ...

  21. Essay on Technical Education in English for Students

    Technical education not only provides bookish knowledge but also proves useful at every turn in our life. This is one of the characteristics of technical education. Benefits of Technical Education. Due to technical education, it helps to solve the problem of unemployment of the people, it makes them efficient in their work.

  22. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर निबंध (Artificial Intelligence Essay in Hindi)

    स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध (Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi) गणतंत्र दिवस पर 10 वाक्य (10 Lines on Republic Day 2024 in Hindi) गणतंत्र दिवस परेड पर निबंध (Republic Day Parade Essay in Hindi)

  23. Hindi Essay (Hindi Nibandh)

    आतंकवाद पर निबंध (Terrorism Essay in hindi) सड़क सुरक्षा पर निबंध (Road Safety Essay in Hindi) बढ़ती भौतिकता घटते मानवीय मूल्य पर निबंध - (Increasing Materialism Reducing Human Values Essay)